Delhi में New Ration Card के लिए डिजिटल सिस्टम शुरू, बिना अंगूठा लगाए नहीं मिलेगा राशन, CM रेखा गुप्ता का ऐलान
Delhi New Ration Card Update News: दिल्ली सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि राजधानी में नए राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए 15 तारीख से ऑनलाइन ई-पोर्टल के जरिए आवेदन लिए जा रहे हैं।
सरकार का दावा है कि अब राशन वितरण में फर्जीवाड़ा, कटौती और गड़बड़ी की गुंजाइश काफी हद तक खत्म हो जाएगी। पूरा सिस्टम ई-बायोमेट्रिक और डिजिटल तकनीक से जोड़ा गया है, ताकि सिर्फ असली लाभार्थी को ही उसका पूरा राशन मिल सके।

अब कैसे मिलेगा राशन? (How The New Digital Ration System Will Work)
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली की सभी फेयर प्राइस शॉप्स यानी राशन दुकानों को ई-पॉइंट ऑफ सेल्स (e-POS) मशीनों से जोड़ दिया गया है। इन मशीनों में इलेक्ट्रॉनिक बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया गया है। यानी अब लाभार्थी को राशन लेने के लिए अंगूठे या बायोमेट्रिक पहचान से खुद को सत्यापित करना होगा। जब तक पहचान पूरी तरह मैच नहीं होगी, तब तक राशन जारी नहीं किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी व्यक्ति को तय मात्रा से कम राशन न मिले। पूरा वितरण डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगा और तभी अपडेट होगा जब सही व्यक्ति को सही मात्रा में राशन मिल जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन से क्या फायदा होगा? (Benefits Of Online Application)
अब लोगों को राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए ऑनलाइन की जा रही है।
आवेदन के लिए जिन दस्तावेजों की जरूरत होगी, उनमें शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- पारिवारिक आय प्रमाण पत्र
- परिवार के सदस्यों की जानकारी
सरकार का मानना है कि ऑनलाइन सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
आय सीमा बढ़ाने की तैयारी (Income Limit May Increase)
दिल्ली सरकार राशन कार्ड के लिए आय सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। जानकारी के मुताबिक इसे करीब 2.5 लाख रुपये सालाना तक किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी राशन योजना का लाभ ले पाएंगे, जो अब तक आय सीमा की वजह से बाहर रह जाते थे। विशेषज्ञ मानते हैं कि महंगाई और बढ़ती जीवन लागत को देखते हुए यह फैसला मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को राहत दे सकता है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि राशन से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर विशेष कमेटियां बनाई जाएंगी। ये कमेटियां डीएम स्तर पर काम करेंगी और लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी लाभार्थी को आवेदन, सत्यापन या राशन वितरण में परेशानी न हो।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्या कहा?
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पिछले कुछ समय में सरकार ने कई वेलफेयर योजनाओं को डिजिटल तरीके से लागू किया है। उन्होंने पिंक सहेली कार्ड, बिजली सब्सिडी और किसानों को एमएसपी पर फसल खरीद जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब राशन कार्ड धारकों के लिए भी लंबे इंतजार का दौर खत्म होने वाला है। लाखों लोग वर्षों से नए राशन कार्ड और नियमित राशन वितरण का इंतजार कर रहे थे।
नई डिजिटल व्यवस्था का सबसे बड़ा मकसद फर्जी राशन कार्ड और गलत वितरण पर रोक लगाना है। सरकार ने दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स 2026 और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 को पूरी तरह लागू करने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सिस्टम सही तरीके से लागू हुआ तो राशन वितरण ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बन सकता है। साथ ही जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता सही तरीके से पहुंच पाएगी।














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