'मुझे राम भक्त होने पर गर्व', प्राण प्रतिष्ठा में जाएंगे कांग्रेस नेता निर्मल खत्री, राहुल गांधी पर क्या कहा?
Ram Mandir Inauguration: राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा होने में कुछ ही दिन बचे हैं। मंदिर ट्रस्ट की ओर से भेजे गए आमंत्रण को कांग्रेस ने अस्वीकार कर दिया। जिसके बाद कांग्रेस के अंदर ही घमासान मच गया। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने खुले तौर पर आमंत्रण अस्वीकार करने का विरोध किया तो कुछ ने दबे स्वर में नाराजगी जताई।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर निर्मल खत्री ने सोशल मीडिया पर अपने मन की बात रखते हुए ये साफ किया है कि वो राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने इस निमंत्रण को व्यक्तिगत बताते हुए स्वीकार किया है।

'राम भक्त होना कोई पाप नहीं'
निर्मल खत्री ने एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखा है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि राम भक्त होना पाप नहीं है। उन्होंने आगे लिखा, "*राम भक्त होना कोई पाप नही है, मुझे इस भक्ति पर गर्व है । और मुझे इस बात पर भी गर्व है कि मैं प्रभु राम की नगरी का निवासी ही नही वरन मेरी जन्मस्थली व कर्म भूमि भी अयोध्या है। सभी धर्मों के लोगो को अपने अपने इष्ट देवो पर गर्व करना भी चाहिए।"
राम कथा के कुछ श्लोक सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए उन्होंने अपनी बातों को स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने महात्मा गांधी के राम को सनातन अजन्मा बताते हुए लिखा कि वो आत्मशक्ति का उपासक है वह निर्बल का सहारा है उसकी कसौटी प्रजा का सुख है।
उन्होंने आगे लिखा, "मैं धर्म के पाखंड का विरोधी, धर्म के सहारे राजनीतिक लाभ लेने के हथकण्डे का विरोधी हूं। मैं व्यक्तिगत जीवन मे न कोई व्रत रखता हूं और न ही पूजा पाठ। हां रामभक्त हनुमान जी का हृदय में स्थान है व उन्ही को रोज याद कर अपना प्रत्येक दिन व्यतीत करता हूं। ईश्वर के प्रति भक्ति और आस्था मुझमें है।"
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'राहुल गांधी मेरे साहसी नेता'
उन्होंने ये सब कुछ लिखने के बाद साफ किया है कि वो इसके जरिए ये बताना चाह रहे हैं कि राम मंदिर उद्घटान समारोह के लिए मिला निमंत्रण व्यक्तिगत है और वो इस समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने राहुल गांधी की यात्रा के बारे में बात करते हुए गर्व व्यक्त किया और कहा कि वो उनके (राहुल गांधी के) साथ खड़े हैं।
उन्होंने लिखा, "मुझे गर्व है कि मेरा साहसी नेता राहुल गांधी जी इस देश के लोगों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को उजागर करने और उन्हें यह विश्वास दिलाने कि राहुल गांधी उनके साथ खड़ा है, एक लंबी यात्रा पर मणिपुर से महाराष्ट्र के लिए निकले है अपने प्रिय, निर्भीक, ईमानदार नेता मा. राहुल गांधी जी की यात्रा की सफलता हेतु मैं अपनी मंगलकामनाये अर्पित करता हूं।"
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कांग्रेस को इवेंट की पॉलिटिक्स ना करने की सलाह
साथ ही निर्मल खत्री ने लिखा कि किसी भी दल या संगठन की विचारधारा से लड़ाई वैचारिक आधार पर अपने संगठन को मजबूत करके ही कि जा सकती है न की कोई जबावी इवेंट करके। इवेंट की लड़ाई में हम अपने प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। सिर्फ और सिर्फ वैचारिक आधार पर अपने संगठन को मजबूत करके ही हम अपने प्रतिद्वंद्वी से लड़ पाएंगे जिस तरफ ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
निर्मल ने उत्तर प्रदेश के नेताओं से आग्रह करते हुए लिखा, "इवेंट की पॉलिटिक्स को छोड़कर हम अपने विरोधियों से वैचारिक धरातल पर अपने संगठन को मजबूत करके और उसके द्वारा जनमानस में भी अपनी भावना का प्रचार-प्रसार करके ही कर सकते हैं।"
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'जो न समझे वह अनाड़ी है'
निर्मल खत्री ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि जो न समझे वह अनाड़ी है। नदी में सिर्फ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त कर लेने की इच्छा रखने वालों के लिए उन्होंने कबीरदास के कथन का जिक्र करते हुए कहा, "पानी में मीन पियासी, मोहे सुन सुन आवत हांशी। जल थल सागर खूब नहावे, भटकल फिरे उदासी। आत्मज्ञान बिना नर भटके...कोई मथुरा कोई काशी और अब अयोध्या जी। जैसे मृग नाभि कस्तूरी, वन वन फिरे उदासी।"
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