Tamil Nadu: ब्राह्मण-दलित समीकरण और युवाओं की फौज! कैबिनेट विस्तार के बाद कैसी दिख रही CM विजय की सेना?
Tamil Nadu Cabinet Expansion: करीब 59 साल बाद तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय (CM Vijay) ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करते हुए कांग्रेस के दो विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी। इस विस्तार को सिर्फ सरकार का सामान्य फेरबदल नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति में नए सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
विजय ने अपनी नई टीम में युवा चेहरों, महिलाओं, दलित नेताओं और सहयोगी दलों को खास जगह देकर साफ संकेत दिया है कि उनकी सरकार पारंपरिक राजनीति से अलग रास्ता अपनाना चाहती है। सबसे ज्यादा चर्चा दलित समुदाय को मिली रिकॉर्ड हिस्सेदारी और दो ब्राह्मण नेताओं की कैबिनेट में एंट्री को लेकर हो रही है। इसके अलावा कई ऐसे चेहरों को भी मंत्री बनाया गया है जो लंबे समय से विजय के साथ जुड़े रहे हैं। युवा मंत्रियों की बड़ी संख्या ने भी इस कैबिनेट को खास बना दिया है।

कांग्रेस को मिला बड़ा मौका
मुख्यमंत्री विजय ने कैबिनेट विस्तार में TVK के 21 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ कांग्रेस के पी विश्वनाथन और एस राजेश कुमार को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। दोनों नेताओं को अहम विभाग दिए गए हैं। पी विश्वनाथन को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है, जबकि एस राजेश कुमार को पर्यटन मंत्रालय सौंपा गया है।
कांग्रेस की यह वापसी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पार्टी करीब छह दशक से तमिलनाडु की सत्ता से बाहर थी। अब विजय सरकार में शामिल होकर कांग्रेस ने राज्य की राजनीति में फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
अब 33 मंत्रियों की टीम
कैबिनेट विस्तार के बाद तमिलनाडु सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। हालांकि अभी भी दो सीटें खाली रखी गई हैं। माना जा रहा है कि ये पद सहयोगी दल IUML और VCK के लिए छोड़े गए हैं। अगर दोनों दल सरकार में शामिल होते हैं तो मंत्रिमंडल और मजबूत हो सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन सीटों को खाली रखकर विजय ने अपने सहयोगियों को साफ संदेश दिया है कि सरकार गठबंधन को साथ लेकर चलना चाहती है। इसके साथ ही AIADMK के एंटी-ईपीएस गुट के लिए सरकार में शामिल होने की संभावना लगभग खत्म मानी जा रही है।
| क्रमांक | नाम | विभाग |
|---|---|---|
| 1 | सी. जोसेफ विजय (मुख्यमंत्री) | गृह, पुलिस, सामान्य प्रशासन, महिला कल्याण, युवा कल्याण, नगर प्रशासन, शहरी एवं जल आपूर्ति |
| 2 | एन. आनंद | ग्रामीण विकास, पंचायत, गरीबी उन्मूलन, सिंचाई |
| 3 | आधारव अर्जुना | लोक निर्माण विभाग (भवन, राजमार्ग एवं लघु बंदरगाह), खेल विकास |
| 4 | डॉ. के.जी. अरुणराज | स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण |
| 5 | के.ए. सेंगोट्टैयन | वित्त, पेंशन एवं पेंशन भत्ते |
| 6 | पी. वेंकटरमणन | खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण |
| 7 | आर. निर्मलकुमार | बिजली एवं गैर-पारंपरिक ऊर्जा, कानून, अदालत, जेल, चुनाव |
| 8 | ए. राजमोहन | स्कूल शिक्षा, तमिल भाषा एवं संस्कृति, सूचना एवं प्रचार, फिल्म प्रौद्योगिकी |
| 9 | डॉ. टी.के. प्रभु | खनिज एवं खनन |
| 10 | एस. कीर्तना | उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन |
| 11 | एस. रमेश | हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती |
| 12 | ए. श्रीनाथ | मत्स्य पालन एवं मत्स्य विकास |
| 13 | एस. कमाली | पशुपालन |
| 14 | सी. विजयलक्ष्मी | दुग्ध एवं डेयरी विकास |
| 15 | आर.वी. रंजीतकुमार | वन विभाग |
| 16 | आर. विनोथ | कृषि एवं किसान कल्याण |
| 17 | वी.के. राजीव | पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन |
| 18 | बी. राजकुमार | आवास एवं शहरी विकास |
| 19 | वी. गांधीराज | सहकारिता |
| 20 | पी. मथन राजा | एमएसएमई |
| 21 | के. जेगदीश्वरी | सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण |
| 22 | एस. राजेश कुमार (कांग्रेस) | पर्यटन एवं पर्यटन विकास निगम |
| 23 | एम. विजय बालाजी | हथकरघा, वस्त्र एवं खादी |
| 24 | डी. लोकेश तमिलसेलवन | वाणिज्यिक कर एवं पंजीकरण |
| 25 | ए. विजय तमिलन पार्थिबन | परिवहन |
| 26 | पी. विश्वनाथन (कांग्रेस) | उच्च शिक्षा |
| 27 | आर. कुमार | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी एवं डिजिटल सेवाएं |
| 28 | के. थेन्नारासु | प्रवासी तमिल कल्याण एवं विस्थापित |
| 29 | वी. संपतकुमार | पिछड़ा वर्ग कल्याण |
| 30 | जे. मोहम्मद फरवास | श्रम कल्याण एवं कौशल विकास |
| 31 | डी. सरथकुमार | मानव संसाधन प्रबंधन एवं पूर्व सैनिक कल्याण |
| 32 | एन. मेरी विल्सन | वित्त - योजना एवं विकास |
| 33 | के. विग्नेश | मद्यनिषेध एवं आबकारी |
दलित नेताओं को सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी खासियत दलित समुदाय को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व रहा। विजय सरकार में सात दलित नेताओं को मंत्री बनाया गया है, जो तमिलनाडु के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।
अगर VCK भी सरकार में शामिल होती है तो यह संख्या आठ तक पहुंच सकती है। इसे विजय की नई सामाजिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय दलित और पिछड़े वर्गों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाना चाहते हैं।
ब्राह्मण नेताओं को भी मिली जगह
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से द्रविड़ राजनीति के प्रभाव में रही है, जहां ब्राह्मण नेताओं को कैबिनेट में बहुत कम जगह मिलती थी। लेकिन विजय सरकार ने इस बार अलग रास्ता अपनाया है। मायलापुर से विधायक पी वेंकटरमणन को पहले ही मंत्री बनाया जा चुका था। अब श्रीरंगम के विधायक एस रमेश को भी मंत्री पद देकर हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य की राजनीति में इसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
युवा मंत्रियों पर विजय का भरोसा
विजय सरकार की नई कैबिनेट को राज्य की सबसे युवा टीमों में से एक माना जा रहा है। मंत्रिमंडल में नौ मंत्री ऐसे हैं जिनकी उम्र 40 साल से कम है, जबकि दो मंत्री 30 साल से भी कम उम्र के हैं। महिलाओं को भी इस बार खास जगह मिली है। कैबिनेट में कुल चार महिला मंत्री हैं। इनमें 28 साल की कमली को पशुपालन विभाग दिया गया है, जबकि 29 साल की कीर्तन को उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। दोनों तमिलनाडु की सबसे युवा महिला मंत्रियों में शामिल हो गई हैं।
वित्त मंत्रालय में बड़ा बदलाव
कैबिनेट विस्तार के दौरान वित्त विभाग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। आर के नगर सीट से पहली बार विधायक बने मैरी विल्सन को राज्य का नया वित्त मंत्री बनाया गया है। उन्होंने वरिष्ठ नेता के ए सेंगोट्टैयन की जगह ली है। सेंगोट्टैयन को अब राजस्व विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। 78 साल के सेंगोट्टैयन मौजूदा कैबिनेट के सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं।
करीबी नेताओं को अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री विजय ने अपने भरोसेमंद और लंबे समय से साथ जुड़े लोगों को भी सरकार में अहम जिम्मेदारियां दी हैं। विजय के करीबी दोस्त श्रीनाथ को मत्स्य पालन विभाग सौंपा गया है। वहीं उनके फैन क्लब से लंबे समय से जुड़े विनोद को कृषि मंत्री बनाया गया है। इससे साफ माना जा रहा है कि विजय अपनी राजनीतिक टीम में उन लोगों को भी आगे ला रहे हैं जो शुरुआत से उनके साथ जुड़े रहे हैं।
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