Rajasthan Cabinet: 33 साल में पहली बार चुनाव हारने वाले Rajendra Rathore भी बन सकते हैं मंत्री?
Rajasthan New Ministers: राजस्थान में भजन लाल शर्मा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की डेट घोषित होते ही वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र राठौड़ को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई कि हार जाने के बावजूद राजेंद राठौड़ को भी मंत्री पद मिल सकता है।

- राजभनवन जयपुर में 30 दिसंबर 2023 मंत्रिपरिषद शपथ ग्रहण समारोह
- राजेंद्र राठौड़ को तारानगर में नरेंद्र बुडानिया ने चुनाव हराया।
- राजेंद्र राठौड़ चूरू व तारानगर से सात बार विधायक रहे हैं।
- सीएम भजन लाल शर्मा मंत्रिमंडल में हो सकते हैं कई नए चेहरे
- डिप्टी सीएम दीया कुमारी व प्रेम चंद बैरवा को मिल सकते हैं विभाग
यह भी पढ़ें- Rajasthan New Ministers: क्या वसुंधरा राजे कैबिनेट के ये मंत्री भजन लाल सरकार में भी होंगे रिपीट?
राजस्थान मंत्रिपरिषद शपथ ग्रहण समारोह
राजस्थान में 30 दिसंबर 2023 को सवा तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। राजस्थान मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह जयपुर स्थित राजभवन में अपराह्न सवा तीन बजे होगा, जिसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सीएम-डिप्टी सीएम में भाजपा ने चौंकाया
पहली बार के विधायक भजन लाल शर्मा को सीएम व दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाकर भाजपा पहले ही सबको चौंका चुकी है। अब राजेंद राठौड़ को मंत्री बना सकने वाला फैसला भी चौंकाने वाला हो सकता है।
यह भी पढ़ें- Rajendra Rathore: तारानगर सीट पर नरेंद्र बुडानिया के सामने हार की असली वजह खुद राजेंद्र राठौड़ ने बताई, VIDEO
राठौड़ को यह मंत्रालय मिलने की चर्चा
राजस्थान के सियासी गलियारों में चर्चा तो ये भी है कि इस बार हार के बावजूद राजेंद्र राठौड़ को पंचायती राज, संसदीय कार्य या सैनिक कल्याण विभाग में मंत्री बनाया जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार की डेट तय होते ही 30 दिसंबर को डेगाना में प्रस्तावित राजेन्द्र राठौड़ का कार्यक्रम निरस्त किए जाने की भी खबर है।

राठौड़ के लिए ये सीट हो सकती हैं खाली
अगर राजेंद्र राठौड़ को भजन लाल शर्मा मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है तो छह माह में विधानसभा उप चुनाव जीतना होगा। इस पर राजनीति के जानकारों का कहना है कि राजेंद्र राठौड़ के लिए जयपुर की झोटवाड़ा व चूरू सीट खाली हो सकती है।
यह भी पढ़ें- Rajendra Rathore: तारानगर सीट पर क्यों बोल गए राजेंद्र राठौड़ के 'मोरिया'? इंटरव्यू में बताई हार की असली वजह
झोटवाड़ा से विधायक हैं राज्यवर्धन सिंह राठौड़
झोटवाड़ा और चूरू सीट राजेंद्र राठौड़ के लिए खाली करवाने वाली की बात कहने वाले के अपने तर्क हैं। कहते हैं कि झोटवाड़ा से भाजपा के राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विधायक बने हैं, जिन्होंने जयपुर ग्रामीण सांसद रहते चुनाव लड़ा। ये वापस लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बन सकते हैं और झोटवाड़ा सीट से राजेंद्र राठौड़ को उतार दें।
हरलाल सहारण सीट खाली करने को तैयार
उधर, चूरू से भाजपा विधायक हरलाल सहारण को राजेंद्र राठौड़ को बेहद करीबी नेता माना जाता है। 2023 में चुनाव जीतने के बाद एक इंटरव्यू में खुद हरलाल सहारण कह चुके हैं कि अगर राजेंद्र राठौड़ उप चुनाव लड़ना चाहते तो वे उनके लिए चूरू की अपनी सीट खाली करने को तैयार हैं।

यह भी पढ़ें- Rahul Kaswan vs Rajendra Rathore: चूरू में कस्वां-राठौड़ के बीच सियासी लड़ाई की पूरी कहानी, असली 'जयचंद' कौन?
राजनाथ से मिलकर आए राठौड़-सहारण
24 दिसंबर को राजेंद्र राठौड़ ने अपने फेसबुक पेज पर फोटो शेयर की, जिसमें वे नई दिल्ली में रक्षामंत्री व राजस्थान में मुख्यमंत्री चुनने के लिए पर्यवेक्षक बनकर आए राजनाथ सिंह से मुलाकात करते नजर आ रहे हैं। उनके साथ चूरू विधायक हरलाल सहारण भी हैं।
सहारण की जीत के लिए राठौड़ ने की मेहनत
वहीं, चुनाव प्रचार के दौरान राजेंद्र राठौड़ ने कहा था कि चूरू में वे हरलाल सहारण की हार को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। राठौड़ ने सहारण के लिए अपने गढ़ चूरू में खूब वोट मांगे थे। नतीजा यह रहा कि सहारण साल 2023 में पहली बार जीते। सहारण ने 98178 व कांग्रेस के रफीक मंडेलिया को 91438 वोट मिले।
यह भी पढ़ें- Taranagar Election Result 2023: राजस्थान चुनाव में तारानगर से राजेंद्र राठौड़ 10345 से हारे, बुडानिया जीते
नरेंद्र बुडानिया से हार गए राजेंद्र राठौड़
दरअसल, राजेंद्र राठौड़ राजस्थान भाजपा के दिग्गज नेता हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में इनकी हार की चर्चा सबसे ज्यादा है। चूरू जिले की तारानगर सीट पर कांग्रेस के नरेंद्र बुडानिया के सामने राजेंद्र राठौड़ 10 हजार 345 वोटों से हार गए।

1990 से कभी नहीं हारे राठौड़
सबसे खास बात यह है कि बीते 33 साल के दौरान हुए राजस्थान विधानसभा चुनावों में इस बार राजेंद्र राठौड़ पहली बार हारे हैं। 1990 से लेकर 2018 तक लगातार सात बार विधायक चुने गए हैं। साल 2008 में तारानगर व बाकी सालों में चूरू से जीतते रहे हैं।

राजेंद्र राठौड़ का राजनीतिक करियर
- 1991 में उप मुख्य सचेतक
- 1993 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री
- 2003 में पीडब्ल्यूडी मंत्री
- 2013 में चिकित्सा मंत्री
- 2016 में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और संसदीय मामले मंत्री
- 2019 में विपक्ष के उपनेता
- 2020 मे नेता प्रतिपक्ष
-
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार












Click it and Unblock the Notifications