आखिरी सांस तक एक-दूसरे से लिपटे रहे पति-पत्नी, व्हीलचेयर पर मिली लाश—दिल्ली हादसे की दिल तोड़ देने वाली कहानी

Delhi Hotel Malviya Nagar Fire: "दो जिस्म एक जान"...यह कहावत अक्सर गहरे प्रेम की मिसाल के तौर पर कही जाती है। लेकिन दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने इस कहावत को एक दर्दनाक सच्चाई में बदल दिया। फ्लोरिश स्टे बीएनबी होटल में लगी आग के दौरान एक दंपति आखिरी सांस तक एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ सका। दोनों ने एक-दूसरे की बाहों में रहते हुए दुनिया को अलविदा कह दिया।

बचाव दल को होटल के एक बंद वॉशरूम में ऐसा दृश्य मिला, जिसे देखकर अनुभवी रेस्क्यूकर्मी भी भावुक हो गए। वॉशरूम के भीतर महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी, जबकि पुरुष उसके बगल में एक कुर्सी पर बैठा हुआ था।

Delhi Hotel Malviya Nagar Fire

महिला ने अपना सिर पुरुष के कंधे पर टिकाया हुआ था और दोनों एक-दूसरे को कसकर पकड़े हुए थे। प्रारंभिक जांच के मुताबिक है कि आग और जहरीले धुएं से बचने के लिए दोनों ने खुद को वॉशरूम में बंद कर लिया था। लेकिन धुआं इतना तेजी से भर गया कि उनका दम घुट गया और वहीं उनकी मौत हो गई।

▶️रेस्क्यू टीम ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी

रेस्क्यू टीम के सदस्य शोएब ने बताया,

"जब हम ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे तो एक वॉशरूम अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो देखा कि एक दंपति एक-दूसरे को गले लगाए मृत अवस्था में बैठा था। यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि कुछ पल के लिए हम खुद भी संभल नहीं पाए।"

उन्होंने बताया कि महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी और पुरुष उसके बगल में कुर्सी पर। दोनों ने शायद खुद को आग से बचाने की आखिरी कोशिश की थी, लेकिन धुएं ने उन्हें मौका नहीं दिया। रेस्क्यू टीम ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

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▶️रिसेप्शन पर जहां बैठी थी, वहीं जल गई युवती

रेस्क्यू टीम के सदस्य अशरफ खान ने बताया कि होटल के अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। बेसमेंट का शटर काटकर जब टीम अंदर पहुंची तो रिसेप्शन के पास एक युवती का बुरी तरह जला हुआ शव मिला। उसकी उम्र करीब 20 साल के आसपास लग रही थी। उसके हाथ-पैर अकड़ चुके थे और वह उसी जगह मिली जहां शायद हादसे के वक्त मौजूद थी।

कुछ दूरी पर एक व्यक्ति व्हीलचेयर पर मृत अवस्था में मिला, जो आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस चुका था। आगे बढ़ने पर तीन विदेशी नागरिक बेहोशी की हालत में मिले, जिन्हें तुरंत बाहर निकालकर चिकित्सा सहायता दी गई।

दूसरे रेस्क्यू सदस्य अशरफ खान,

"जब हम बेसमेंट से इमारत के अंदर दाखिल हुए तो हमने शटर काटकर होटल में प्रवेश किया। अंदर का मंजर बेहद भयावह था। रिसेप्शन के पास हमें एक युवती का पूरी तरह जला हुआ शव मिला, जिसकी उम्र लगभग 20 के आसपास लग रही थी और उसके हाथ-पैर अकड़े हुए थे। कुछ कदम आगे बढ़ने पर एक व्यक्ति व्हीलचेयर पर मृत अवस्था में मिला, जो आग में बुरी तरह झुलस चुका था। आगे बढ़ने पर तीन विदेशी नागरिक बेहोशी की हालत में मिले, जिन्हें हमने तुरंत सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की।"

उन्होंने आगे कहा,

''आग का सबसे ज्यादा असर बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा, जहां करीब आठ लोगों के जले हुए शव मिले। मोहम्मद अफजल ने बताया कि होटल की मुख्य सीढ़ियां इमारत के बीचों-बीच थीं और कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था।''

उन्होंने कहा कि टीम और पुलिस बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अंदर दाखिल हुए और जैसे ही आग काबू में आई, वे रेस्क्यू के लिए आगे बढ़ गए।

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▶️अपनी जान जोखिम में डालकर किया गया रेस्क्यू

बचाव दल के सदस्य मोहम्मद अफजल के अनुसार, होटल में आग का सबसे ज्यादा असर बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा था। यहीं से कई शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि इमारत में आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी और मुख्य सीढ़ियां भी बीचों-बीच स्थित थीं, जिससे लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया।

दूसरी मंजिल तक पहुंचते-पहुंचते हालात इतने खराब हो चुके थे कि सांस लेना भी कठिन था। चारों ओर घना धुआं फैला हुआ था और टूटे हुए फर्श के बीच फंसे लोगों को चादरों पर लिटाकर बाहर निकालना पड़ा। इस दौरान कई रेस्क्यूकर्मी भी घायल हुए।

▶️स्थानीय लोगों ने भी निभाई बड़ी भूमिका

हादसे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी साहस और मानवता की मिसाल पेश की। कई लोगों ने खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने में मदद की। नीचे गद्दे बिछाकर लोगों को सुरक्षित कूदने का मौका दिया गया। स्थानीय निवासी रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान ने करीब 20 से 22 गद्दों की व्यवस्था की।

इस प्रयास में उन्हें लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने कहा कि इंसानी जिंदगी बचाने से बढ़कर कुछ नहीं होता।

▶️कैसे हुआ यह हादसा?

यह हादसा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बीएनबी होटल में हुआ। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। आग पहले बेसमेंट में लगी और फिर तेजी से पूरी इमारत में फैल गई।

घटना के समय अधिकांश मेहमान सो रहे थे, जिससे कई लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। आग बुझाने के लिए 17 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। करीब 58 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि इस भीषण हादसे में 21 लोगों की जान चली गई।

▶️जांच में सामने आईं गंभीर लापरवाहियां

पुलिस जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक होटल के पास फायर एनओसी नहीं थी। जिस इमारत में केवल छह कमरों की अनुमति थी, वहां करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। इसके अलावा इमारत में सिर्फ एक ही प्रवेश और निकास द्वार था। कई खिड़कियां स्थायी रूप से सील थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर आधारित था, जिससे आपात स्थिति में बाहर निकलना और मुश्किल हो गया।

पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने बताया कि आग लगने के बाद वह घबरा गया था और डर के कारण घटनास्थल से निकल गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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