Rajendra Rathore: तारानगर सीट पर नरेंद्र बुडानिया के सामने हार की असली वजह खुद राजेंद्र राठौड़ ने बताई, VIDEO
Rajendra Rathore Taranagar viral Video: राजस्थान के दिग्गज भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ की तारानगर सीट से हार हो गई। हार की वजह से क्या रही? इसका लोग अपने-अपने हिसाब से कयास लगा रहे हैं, मगर हार की वजह पर खुद राजेंद्र राठौड़ पहली बार सार्वजनिक रूप से खुलकर बोले हैं।
तारानगर में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा और जनसभा के बाद मीडिया से बातचीत में तारानगर के पूर्व विधायक राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि उन्हें चुनाव में हार का जनता का निर्णय स्वीकार है, लेकिन इसमें बहुत से जयचंदों ने अपनी भूमिका निभाई।

राठौड़ ने कहा कि मुंह में राम और बगल में छुरी लेकर कई लोग अब सत्ता के नजदीक आने की कोशिश में लगे हैं। उनके चेहरे से नकाब खींचने के लिए कार्यकर्ता आतुर हैं। कार्यकर्ताओं ने खूब मेहनत की। मैं खुद की कमजोरी से भी हारा हूं।
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इस बार चूरू की सीट छोड़कर तारानगर से चुनाव लड़ने वाले राजेंद्र राठौड़ बोले कि ऐसी पर धरती चुनाव लड़ने चला गया था, जहां वोट की फसल काटने से पहले जमीन को समतल करने से लेकर बुवाई की जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
इधर, राजेंद्र राठौड़ के चूरू छोड़कर तारानगर जाने पर चूरू से हरलाल सहारण ने चुनाव लड़ा और वे जीत गए जबकि राजेंद्र राठौड़ हार गए। इस पर चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि राठौड़ की हार से वे काफी दुखी है। राठौड़ कहें तो वे अपनी कुर्सी उनके लिए छोड़ने को तैयार हैं।
बता दें कि तारागनर विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा के राजेंद्र राठौड़ का मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा विधायक नरेंद्र बुडानिया से था। नरेंद्र बुडानिया ने 108236 व राजेंद्र राठौड़ ने 97891 वोट हासिल किए। बुडानिया की जीत का अंतर 10345 रहा। तारानगर सीट राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की हॉट सीटों में से एक थी।
राजेंद्र राठौड़ ने यूं तो 'जयचंद' को लेकर किसी का नाम नहीं लिया, मगर लोग 'जयचंद' को चूरू सांसद परिवार से जोड़कर देख रहे हैं। राठौड़ बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। वे 7 बार लगातार विधायक रहे हैं। अभी चुनाव नहीं हारा। कई महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री रहे हैं। चुनाव से पहले भाजपा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे थे।












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