CBSE ने कैसे नाकाम किया साइबर हमला? DoS अटैक के बीच चलता रहा री-इवैल्यूएशन पोर्टल, बोर्ड ने कहा-डेटा सुरक्षित
CBSE बोर्ड के लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बोर्ड के री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल को हाल ही में साइबर हमले का निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन तकनीकी टीम ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया। इस वजह से पोर्टल की सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और छात्रों का काम लगातार चलता रहा।
बोर्ड के अनुसार हजारों छात्रों ने बिना किसी रुकावट के अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन जमा किए। बढ़ते ऑनलाइन खतरों के बीच यह घटना बताती है कि परीक्षा से जुड़ी डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। CBSE ने भी साफ किया है कि छात्रों का डेटा सुरक्षित है और पोर्टल पूरी तरह सामान्य तरीके से काम कर रहा है।

पोर्टल पर किया गया साइबर हमला
CBSE ने बताया कि उसके री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) साइबर अटैक करने की कोशिश की गई। ऐसे हमलों में किसी वेबसाइट या सर्वर पर बहुत बड़ी मात्रा में डेटा भेजा जाता है ताकि उसकी गति धीमी हो जाए या वह काम करना बंद कर दे। बोर्ड के अनुसार पोर्टल पर करीब 3.8 मिलियन डेटा पैकेट भेजे गए थे। हालांकि तकनीकी टीम लगातार सिस्टम पर नजर रखे हुए थी। संदिग्ध गतिविधि सामने आते ही सुरक्षा उपाय लागू किए गए और हमले को सफल होने से पहले ही रोक दिया गया।
छात्रों के आवेदन जारी रहे
साइबर हमले के बावजूद पोर्टल पर छात्रों की गतिविधियां सामान्य बनी रहीं। बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रात तक 56 हजार से अधिक आवेदन वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए प्राप्त हो चुके थे। यह संख्या बताती है कि बड़ी संख्या में छात्र अपने परीक्षा परिणामों की दोबारा जांच करवाना चाहते हैं। कई छात्र अंकों की पुनर्गणना के लिए आवेदन कर रहे हैं, जबकि कुछ छात्रों ने उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन की मांग की है।
किन मामलों में दर्ज कर सकते हैं शिकायत
CBSE पहले ही छात्रों को उनकी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध करा चुका है। इन कॉपियों को देखने के बाद छात्र अगर किसी तरह की गड़बड़ी पाते हैं तो शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यदि उत्तर पुस्तिका का कोई पेज गायब हो, अतिरिक्त शीट शामिल न की गई हो, स्कैन कॉपी साफ दिखाई न दे रही हो या गलत प्रश्नपत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन किया गया हो, तो छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा किसी खास उत्तर के पुनर्मूल्यांकन की मांग भी की जा सकती है।
सिस्टम को और मजबूत बना रहा बोर्ड
बोर्ड का कहना है कि तकनीकी टीम लगातार पोर्टल की निगरानी कर रही है। आवेदन की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिस्टम की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े। CBSE ने बताया कि कुछ समय पहले पोर्टल को तकनीकी अपग्रेड के लिए अस्थायी रूप से रोका गया था। इसके बाद सुरक्षा और प्रदर्शन दोनों को बेहतर बनाया गया, जिससे सेवाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकें।
भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध
आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए CBSE ने कई सरकारी बैंकों के पेमेंट गेटवे को अपने सिस्टम से जोड़ा है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक शामिल हैं। बोर्ड के अनुसार इन बैंकों के जरिए हजारों ऑनलाइन भुगतान सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। छात्र UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग जैसे कई माध्यमों से शुल्क जमा कर सकते हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो गई है।
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