पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर में मिग-21 बाइसन विमान क्रैश, वक्त रहते पायलट ने किया इजेक्ट
नई दिल्ली, 25 अगस्त: पाकिस्तान सीमा से लगे राजस्थान के बाड़मेर जिले में बुधवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जहां भारतीय वायुसेना का मिग-21 बाइसन विमान क्रैश हो गया। राहत भरी बात ये रही कि पायलट ने वक्त रहते इजेक्ट कर लिया था, जिस वजह से वो सुरक्षित जमीन पर आ गए। भारतीय वायुसेना के मुताबिक उनका विमान ट्रेनिंग शॉर्टी पर था, उसी दौरान ये हादसा हुआ। अभी तक हादसे की वजहों का पता नहीं चल पाया है। जिस वजह से जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।
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दरअसल बाड़मेर एक सरहदी जिला है, ऐसे में वायुसेना के विमान वहां पर नियमित गस्त करते रहते हैं। बुधवार को भी मिग-21 बाइसन ने रोजाना की तरह उड़ान भरी। उसी दौरान उसमें तकनीकी समस्या आ गई और विमान पर से पायलट का नियंत्रण हट गया। इसके बाद बाड़मेर जिले से 35 किलोमीटर दूर मातासर गांव के पास शाम 5 बजे के करीब विमान तेजी से नीचे जाने लगा, जिस पर पायलट ने अपनी सीट इजेक्ट कर ली। कुछ देर बाद वो पैराशूट की मदद से नीचे पहुंचे।
At around 5:30 pm today, an IAF MiG-21 Bison aircraft airborne for a training sortie in the western sector, experienced a technical malfunction after take off. The pilot ejected safely. A Court of Inquiry has been ordered to ascertain the cause: Indian Air Force pic.twitter.com/AWEAWK3BNp
— ANI (@ANI) August 25, 2021
झोपड़ी में लगी आग
वहीं विमान गिरने की वजह से एक झोपड़ी में आग लग गई। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा के मुताबिक घटना के तुरंत बाद दमकल विभाग और पुलिस की टीम पहुंच गई थी। पायलट सुरक्षित है। वायसेना की भी टीम मौके पर पहुंच गई है।
मिग-21 को कहते हैं 'उड़ता ताबूत'
आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि मिग-21 लड़ाकू विमानों को 'उड़ता हुआ ताबूत' कहा जाता है। 1963 में ये विमान वायुसेना में कमीशन हुए थे। इसके बाद उनकी संख्या वायसेना में 872 हो गई। मौजूदा वक्त में इन विमानों को रिटायर करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसमें 485 से ज्यादा विमान हादसे का शिकार हो चुके हैं। इन हादसों में भारतीय वायुसेना के 170 से ज्यादा पायलट शहीद हुए हैं।












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