पंजाब: कैबिनेट बैठक में CM ने की वर्चुअल शिरकत, बैठक में लगी कई अहम फ़ैसले पर मुहर
पंजाब में विधनासभा चुनाव की तैयारियां ज़ोरों से चल रही है। सभी सियासी पार्टियां चुनावी रण में उतरने के लिए अलग-अलग रणनीतियां तैयार करने में जुटी हैं।
चंडीगढ़, सितंबर 17, 2021। पंजाब में विधनासभा चुनाव की तैयारियां ज़ोरों से चल रही है। सभी सियासी पार्टियां चुनावी रण में उतरने के लिए अलग-अलग रणनीतियां तैयार करने में जुटी हैं। वहीं शुक्रवार को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट बैठक में पंजाब में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 के तहत सूक्ष्म और लघु उद्यम सुविधा परिषद नियम, 2021 को मंजूरी दी गई । इसके तहत एमएसएमई के प्रचार, विकास और प्रतिस्पर्धा का जनता को आसानी से फ़ायदा मिल सकेगा। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में कौशल प्रशिक्षण और अनुसंधान को मज़बूत करने के लिए बलाचौर, एसबीएस नगर के रेलमाजरा में निजी स्व-वित्तपोषित 'लामरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी' की भी स्थापना को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक में CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की वर्चुअल शिरकत
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैबिनेट बैठक में वर्चुअल शिरकत की। वहीं कैबिनेट बैठक में पंजाब के विभिन्न उपमंडलों में 18 नए सरकारी कॉलेजों को सही ढंग से चलाने के लिए 160 सहायक प्रोफेसरों और 17 लाइब्रेरियन की भर्ती को भी मंजूरी दी गई है। इस भर्ती को पंजाब लोक सेवा आयोग के दायरे में से निकालते हुए विभागीय चयन कमेटी के द्वारा भरने का फैसला किया गया। बैठक में विभागीय चयन कमेटी के गठन को भी मंज़ूरी दी गई, विभागीय चयन कमेटी के चेयरपर्सन यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश को बनाया गया।
चयन प्रक्रिया के दौरान यूजीसी के दिशानिर्देशों का सख्ती के साथ पालना करना ज़रूरी
गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के वाइस चांसलर, डीपीआई कॉलेज, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के प्रमुख सचिव और तीन विषय विशेषज्ञ इसके मेंबर होंगे। कमेटी के लिए चयन प्रक्रिया के दौरान यूजीसी के दिशानिर्देशों का सख्ती के साथ पालना करना ज़रूरी होगा। इस फ़ैसले पंजाब के ज़्यादा से ज़्यादा नौजवान उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रेरित होंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मुताबिक साल 2035 तक 50 फ़ीसद कुल दाखिला अनुपात (जीईआर) का लक्ष्य पूरा करने के लिए सहायक होगा।
फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों और इनमें 117 पदों पर भर्ती की मंज़ूरी
सीएम कैप्टन अमरिंदर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शारीरिक शोषण से बच्चों की सुरक्षा (पोक्सो) एक्ट और दुष्कर्म मामलों में लंबित मामलों को घटाने की दिशा में 9 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों और इनमें 117 पदों पर भर्ती करने की भी मंज़ूरी दी है। यह 9 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें अमृतसर, बठिंडा, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, मानसा, मोगा, पटियाला और एसएएस नगर में स्थापित की जाएंगी। इन अदालतों के लिए सृजन करने की 117 पदों में 9 अतिरिक्त जिला और सेशन जज और जजमेंट राइटर (सीनियर ग्रेड), रीडर ग्रेड-1, स्टेनोग्राफर ग्रेड-2, ट्रांसलेटर, अहलमद, कापी क्लर्क, अशर के 9 पद और 18 सेवक शामिल हैं। बाकी 27 पदों में डिप्टी जिला अटार्नी, जूनियर स्केल स्टैनोग्राफर और सेवक के 9 पद शामिल हैं। आपको बता दें कि राज्य सरकारों को ऐसे जिलों में फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए थे, जिनमें पोक्सो और दुष्कर्म मामलों के 100 से ज़्यादा मुक़दमें पेंडिंग हैं। कैबिनेट बैठक में खरीफ की फसल 2021-22 के लिए पंजाब कस्टम मिलिंग पॉलिसी को भी मंज़ूरी दे दी गई है।
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