इबोला मुक्त हुआ युगांडा: 42 दिनों से एक भी नया मामला नहीं, WHO चीफ ने की प्रशंसा
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक किसी भी देश को इबोला मुक्त घोषित करने के लिए उसे 42 दिन (वायरस के दो 21-दिन ऊष्मायन चक्र) बिना किसी नए मामले की रिपोर्ट के बिताना जरूरी है।

File Image: PTI
युगांडा ने बुधवार को एक इबोला वायरस के प्रकोप को समाप्त करने की घोषणा कर दी है। इससे पहले युगांडा की स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को कहा था देश ने इबोला मुक्त घोषित होने के लिए 42 दिनों की उलटी गिनती खत्म कर दी है और इस अवधि में एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। WHO के मुताबिक किसी भी देश को इबोला मुक्त घोषित करने के लिए उसे 42 दिन (वायरस के दो 21-दिन ऊष्मायन चक्र) बिना किसी नए मामले की रिपोर्ट के बिताना जरूरी है।
WHO ने भी की पुष्टि
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी बयान में भी युगांडा के इबोला मुक्त होने की पुष्टि की गई है। WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने व्यापक रूप से इबोला वायरस के देश से खत्म होने को लेकर पूर्वी अफ्रीकी देश की 'मजबूत और व्यापक प्रतिक्रिया' की सराहना की है। उन्होंने कहा कि युगांडा ने दिखा दिया है कि इबोला को हराया जा सकता है।
55 लोगों की हुई मौत
युगांडा को इबोला मुक्त घोषित करने के लिए बुधवार को मुबेंडे जिले में एक आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मुबेंडे ही इबोला का केंद्र था। स्वास्थ्य मंत्री जेन रूथ एकिंग ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अब युगांडा इबोला मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार 20 सितंबर में देश में इबोला का मामला सामने आने के बाद अब तक कुल 55 लोगों की मौतें हुईं। इस दौरान उन्होंने देश में इबोला वायरस के प्रकोप को खत्म करने में मदद करने के लिए जनता की सतर्कता के लिए सराहना की।
30 नवंबर को आखिरी मरीज हुआ था चंगा
स्वास्थ्य मंत्री एकेंग ने कहा कि आज 11 जनवरी को महामारी की शुरुआत के 113 दिन हो पूरे हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि युगांडा में इबोला के कुल 142 मामले सामने आए थे। इसमें से 55 लोगों की मौत हो गई जबकि 87 लोग इस वायरस से उबर गए। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अंतिम रोगी को 30 नवंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। यूं तो इबोला का मामला राजधानी कपाला तक पहुंच गया था लेकिन दो जिले मुबेंडे और कसांडा इससे सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। दिसंबर के मध्य तक दो महीने के लिए इन दोनों जिलों में लॉकडाउन लागू किया गया था।
सूडान इबोला वायरस से प्रभावित था युगांडा
युगांडा, सूडान इबोला वायरस से प्रभावित था। सूडान इबोला वायरस, इबोला की 6 प्रजातियों में से एक है। इस वायरस से बचाव का वर्तमान में कोई निश्चित टीका नहीं है। युगांडा में इबोला का पिछला प्रकोप, 2019 में आया था। इस दौरान देश में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई थी। 2013 और 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में इबोला से 11,300 से अधिक लोग मारे गए थे।
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