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श्रीलंका में जातीय मुद्दे के राजनीतिक समाधान जरूरी, भारत ने कहा, 13वां संविधान संशोधन जल्द लागू किया जाए

भारत ने कहा कि वह हमेशा मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और उनके संरक्षण और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित रचनात्मक अंतरराष्ट्रीय संवाद और सहयोग के लिए राज्यों की जिम्मेदारी पर विश्वास करता है।
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नई दिल्ली/कोलंबो, 13 सितंबर : भारत ने द्विपीय देश में अल्पसंख्यक तमिलों के बेहतर प्रतिनिधित्व के लिए श्रीलंकाई संविधान के 13वें संशोधन (13th Amendment in Sri Lanka) को लागू करने पर एक बार फिर जोर दिया है जिसके तहत सूबों को शक्तियों का अंतरण करने एवं प्रांतीय परिषद प्रणाली का प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि श्रीलंका के संविधान में 13वें संशोधन के जरिये तमिल समुदाय को शक्तियों का अंतरण करने का प्रावधान है। भारत, वर्ष 1987 में श्रीलंका के साथ हुए समझौते के बाद किए गए 13वें संशोधन को लागू करने पर जोर देता रहा है। हालांकि, सिंहली राष्ट्रवादी पार्टियों के साथ-साथ लिबरेशन टाइगर्स तमिल ईलम (लिट्टे) भी इसका विरोध करता रहा है।

भारत का श्रीलंका से आह्वान,जातीय मुद्दे का करें समाधान

भारत का श्रीलंका से आह्वान,जातीय मुद्दे का करें समाधान

भारत अपने पड़ोसी राष्ट्र श्रीलंका में जातीय मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, कोलंबो की तरफ से इस विषय पर अभी तक कोई संतोषजनक प्रगति नहीं की है। इस पर चिंता जाहिर करते हुए भारत ने सोमवार को संकटग्रस्त द्वीप राष्ट्र में जल्द से जल्द से 13वें संशोधन के पूर्ण कार्यान्वयन और प्रांतीय परिषद चुनावों के आयोजन के लिए विश्वसनीय कार्रवाई का आह्वान किया है।

श्रीलंका में अल्पसंख्यक तमिल की क्या है स्थिति?

श्रीलंका में अल्पसंख्यक तमिल की क्या है स्थिति?

बता दें कि, सत्तारूढ़ श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) के सिंहली बहुसंख्यक कट्टरपंथी 1987 में स्थापित द्वीप की प्रांतीय परिषद प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त करने की वकालत करते रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 51वें सत्र में श्रीलंका में सुलह, जवाबदेही और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने से संबंधित ओएचसीएचआर की रिपोर्ट पर भारत ने ये बात कही। भारत ने कहा कि, वह हमेशा मानव के संरक्षण के लिए राज्यों की जिम्मेदारी पर विश्वास करता है।

श्रीलंका में शांति कायम हो

श्रीलंका में शांति कायम हो

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (United Nations Human Rights Council) के 51वें सत्र में श्रीलंका में सुलह, जवाबदेही और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने से संबंधित ओएचसीएचआर (report of OHCHR) की रिपोर्ट पर एक संवादात्मक संवाद के दौरान, भारत ने कहा कि वह हमेशा मानवाधिकारों को बढ़ावा देने और उनके संरक्षण और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित रचनात्मक अंतरराष्ट्रीय संवाद और सहयोग के लिए राज्यों की जिम्मेदारी पर विश्वास करता है।

तमिल अल्पसंख्यकों को मिले उनका अधिकार

तमिल अल्पसंख्यकों को मिले उनका अधिकार

ओएचसीएचआर की रिपोर्ट पर अपनी बात रखते हुए भारत ने कहा कि, श्रीलंका में संविधान के 13वें संशोधन के पूर्ण कार्यान्वयन के माध्यम से,डेलिगेशन पावर (शक्तियों का प्रत्यायोजन) प्रांतीय परिषदों और प्रांतिय परिषद के चुनाव जल्द से जल्द कराया जाना चाहिए। भारतीय राजनयिक ने कहा, 'श्रीलंका में शांति और सुलह पर भारत का लगातार दृष्टिकोण एक संयुक्त श्रीलंका के ढांचे के भीतर एक राजनीतिक समाधान के लिए रहा है, जिससे श्रीलंका के तमिलों के लिए न्याय, शांति, समानता और सम्मान सुनिश्चित हो सके।' भारतीय राजनयिक ने कहा, श्रीलंका को चाहिए कि वह अपने नागरिकों की क्षमता का निर्माण करे, उनके सशक्तिकरण की दिशा में काम करना श्रीलंका के सर्वोत्तम हित में है।

आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका

आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका

भारत ने कहा कि, श्रीलंका में मौजूदा संकट ने ऋण-संचालित अर्थव्यवस्था की सीमाओं और लोगों के जीवन स्तर को प्रभावित किया है। बता दें कि, इन दिनों श्रीलंका घोर आर्थिक संकट की दौर से गुजर रहा है। श्रीलंका ने ऋण नहीं चुकाने के स्थिति में खुद को दिवालिया घोषित कर चुका है। इसके बाद से द्विपीय राष्ट्र में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस प्रदर्शन के डर से श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर भाग गए थे। हालांकि, उन्होंने देश वापसी कर ली है। वहीं, प्रधानमंत्री रानिलविक्रमसिंघे को देश का नया राष्ट्रपति चुना गया। भारत ने इस दौरान श्रीलंका को कई बार आर्थिक सहायता दे चुका है। वहीं, किसानों की बदहाली और लोगों को खाद्य संकट से बचाने के लिए भारत ने कई बार कोलंबों को सामानों का खेप पहुंचा चुका है। भारत हमेशा से श्रीलंका के हितों की रक्षा की है।

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English summary
The 13th Amendment provides for devolution of power to the minority Tamil community. India has been pressing Sri Lanka to implement the 13th Amendment which was brought in after the Indo-Sri Lankan agreement of 1987.
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