'राष्ट्रपति का अपमान किया,' कोलकाता में PM मोदी का TMC पर सीधा वार, घुसपैठियों को बुलाने का लगाया आरोप
पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोलकाता (Kolkata) में पश्चिम बंगाल (West Bengal) के लिए 18,680 करोड़ रुपये की कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विकास का एक नया अध्याय बंगाल से लिखा जा रहा है। उन्होंने सड़क, रेल और बंदरगाह से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की, जिनसे राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत होने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा- 'श्री रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, ऋषि बंकिमचंद्र, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, खुदीराम बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे सभी महान विभूतियों ने जिस बंगाल की कल्पना की थी, भाजपा सरकार वैसा ही बंगाल बनाएगी और उसका पुनर्निर्माण करेगी।'

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल और पूरे पूर्वी भारत के विकास को नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि इनसे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, लोगों का जीवन आसान होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि खड़गपुर-मोरेग्राम एक्सप्रेसवे बनने से राज्य के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
टीएमसी पर पीएम मोदी का हमला
कोलकाता में पीएम नरेंद्र मोदी ने टीएमसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- 'टीएमसी ने राष्ट्रपति का अपमान किया। टीएमसी वाले घुसपैठियों को बुलाते हैं। ये लोग ना काम करेंगे और ना ही करने देंगे। मोदी की गारंटी है कि युवाओं का सपना पूरा करेंगे।'
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार की एक ही नीति है-खुद भी काम नहीं करना और दूसरों को भी काम नहीं करने देना। उन्होंने कहा कि जब तक टीएमसी को अपना हिस्सा नहीं मिलता, तब तक योजनाओं को गांव और गरीब तक नहीं पहुंचने दिया जाता।
बंगाल की राजनीति पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले कांग्रेस, फिर वाम दल और अब टीएमसी-इन सबने बंगाल के विकास को पीछे धकेला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सरकारों के दौरान उद्योग बंद हुए और व्यापार कमजोर हुआ। उन्होंने कहा कि आज स्थिति ऐसी हो गई है कि यहां के युवाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है।
'जंगलराज का अंत होगा'
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में अब बदलाव का समय आ गया है। 'जिन लोगों ने बंगाल में जंगलराज लाया है, उनके शासन का अंत होने वाला है। बंगाल में कानून का राज लौटेगा। जो कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल के हर कोने से आवाज उठ रही है कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी।
सभा को रोकने की कोशिश का आरोप
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इस जनसभा को रोकने की भी कोशिश की गई। 'आज भी इस सभा को रोकने के लिए सरकार ने हर हथकंडा अपनाया। पुल बंद किए गए, गाड़ियां रोकी गईं, यातायात जाम किया गया, भाजपा के झंडे उखाड़े गए और पोस्टर फाड़े गए। लेकिन इतनी कोशिशों के बाद भी लोगों की यह भीड़ नहीं रोकी जा सकी।'
231 किलोमीटर आर्थिक गलियारे की आधारशिला
प्रधानमंत्री ने 231 किलोमीटर लंबे चार लेन खड़गपुर-मोरेग्राम आर्थिक गलियारे के पांच हिस्सों की आधारशिला रखी। इस सड़क के बनने से यात्रा की दूरी लगभग 120 किलोमीटर तक कम हो जाएगी और लोगों का करीब 7 से 8 घंटे का समय बचेगा। यह परियोजना पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, हुगली, पूर्व बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों से होकर गुजरेगी। इससे कई राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में जुड़ेंगे और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
बाइपास और पुल परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने 5.6 किलोमीटर लंबे दुबराजपुर बाइपास के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-14 पर कांगसबती और शिलाबती नदियों पर चार लेन के बड़े पुलों का निर्माण किया जाएगा।
नई ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री ने पुरुलिया-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही अमृत स्टेशन योजना के तहत छह रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का उद्घाटन किया गया। इनमें कामाख्यागुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी स्टेशन शामिल हैं।
इसके अलावा दो रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित की गईं-
- बेल्दा और दांतन के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन
- दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र में स्वचालित सिग्नल प्रणाली
बंदरगाह और नदी परिवहन पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंदरगाह और जल परिवहन भी विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत की इस क्षमता को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब जलमार्ग व्यापार और उद्योग के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हल्दिया डॉक परिसर में मशीनीकरण का काम चल रहा है, जिससे माल ढुलाई तेज होगी और बंदरगाह की क्षमता भी बढ़ेगी।
इसके अलावा कोलकाता के खिद्दरपुर डॉक के पुनरोद्धार, हल्दिया डॉक में बर्थ-5 के मशीनीकरण और कोलकाता के बास्कुल पुल के नवीनीकरण की आधारशिला भी रखी गई। साथ ही शहर में नदी क्रूज टर्मिनल और नदी पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं के विकास की योजना भी शुरू की गई है।












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