बैतूल पहुंचे CM मोहन यादव, जगदीश देवड़ा और मंत्री कृष्णा गौर, हेमंत खंडेलवाल की पुत्री सुरभि को दी श्रद्धांजलि
मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के परिवार में आए दुख की घड़ी में प्रदेश के शीर्ष नेता शनिवार (14 मार्च 2026) को बैतूल पहुंचे।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा गौर ने गंज स्थित खंडेलवाल निवास जाकर दिवंगत सुरभि खंडेलवाल के परिवार से मुलाकात की और गहन शोक संवेदना व्यक्त की। सुरभि (उम्र 34 वर्ष) का निधन बुधवार (11 मार्च 2026) को हार्ट अटैक से हुआ था। वे बचपन से ही शारीरिक-मानसिक रूप से स्पेशल चाइल्ड थीं और लंबे समय से बीमार चल रही थीं।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का दौरा
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हेलीकॉप्टर से बैतूल पहुंचे। वे सीधे गंज स्थित खंडेलवाल निवास गए, जहां उन्होंने हेमंत खंडेलवाल, उनकी पत्नी रितु खंडेलवाल (आरडी पब्लिक स्कूल की संचालिका) और अन्य परिजनों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कहा:"मैं सुरभि के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने आया हूं। खंडेलवाल जी ने सुरभि की बहुत सेवा की। वह बाल्यकाल से ही कष्ट में थीं, लेकिन परिवार के किसी सदस्य के बिछड़ने का दुख तो होता ही है। इस शोक की घड़ी में मैं परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को मोक्ष प्रदान करें।"उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि ईश्वर शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे।
उपमुख्यमंत्री और मंत्री का दौरा
इससे पहले उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सड़क मार्ग से बैतूल पहुंचे। उन्होंने भी खंडेलवाल निवास जाकर परिवार से मुलाकात की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। देवड़ा ने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि ऐसे दुख में परिवार का साथ देना जरूरी है। मंत्री कृष्णा गौर ने भी परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और सुरभि की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की।
खंडेलवाल निवास पर उमड़ता सैलाब
सुरभि खंडेलवाल के निधन के बाद से बैतूल में शोक की लहर है। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार गंज मोक्षधाम में शाम 5 बजे किया गया था। उसके बाद से प्रदेशभर के भाजपा नेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और आम लोग खंडेलवाल निवास पर पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी पूरे दिन आना-जाना लगा रहा।
सुरभि बचपन से ही स्पेशल चाइल्ड थीं और मानसिक-शारीरिक बीमारियों से पीड़ित थीं। बुधवार सुबह रूटीन फिजियोथेरेपी के बाद उन्होंने मुस्कुराकर इशारों में बात की थी, लेकिन अचानक हार्ट अटैक से उनकी जान चली गई। यह खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं
स्थानीय प्रशासन ने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए हेलीपैड और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की। बैतूल में यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। यह दौरा न सिर्फ राजनीतिक शिष्टाचार है, बल्कि प्रदेश सरकार की ओर से परिवार के प्रति संवेदना और एकजुटता का प्रतीक है। सुरभि के निधन ने पूरे बैतूल और प्रदेश में मातम का माहौल बना दिया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुख से उबरने की शक्ति दें।












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