• search

पद्मावत: जौहर के बारे में दीपिका ने रखी आपनी बात

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    पद्मावत: जौहर के बारे में दीपिका ने रखी आपनी बात

    'पद्मावत' के रिलीज़ होने से पहले जो विवाद हुआ वो तो हुआ ही, फ़िल्म रिलीज़ होने के बाद भी ये शोर थम नहीं रहा है.

    पहले करणी सेना और राजपूत संगठनों ने रानी पद्मावती और राजपूतों को ग़लत तरीके से पेश किए जाने की बात कहकर हंगामा मचाया और अब कइयों को लगता है कि फ़िल्म जौहर प्रथा का महिमंडन करती है.

    बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी फ़िल्म में जौहर के चित्रण पर कड़ी आपत्ति जताई थी. फ़िल्म देखने के बाद उन्होंने संजय लीला भंसाली के नाम एक खुला खत लिखा था.

    'पद्मावत से केवल खिलजी की भावना आहत हो सकती है'

    'पद्मावत' क्यों पद्मावती के ख़िलाफ़ है?

    स्वरा ने चिट्ठी में कहा था कि इस भव्य फ़िल्म के आख़िर में उन्होंने ख़ुद को महज एक 'वजाइना' (योनि) में सिमटा हुआ पाया. स्वरा का कहना है कि 'पद्मावत' स्त्रीविरोधी फ़िल्म है जो सालों से चली आ रही रूढ़िवादी और भेदभावपूर्ण मान्यताओं को बढ़ावा देती है.

    स्वरा की यह चिट्ठी इंटरनेट पर छा गई थी और इस पर जमकर बहस भी हुई. कई लोग उनके समर्थन में थे तो कइयों को उनकी बातें ग़ैरज़रूरी लगीं.

    अब ख़ुद दीपिका पादुकोण ने आगे बढ़कर स्वरा भास्कर के आरोपों का जवाब दिया है. फ़िल्म में रानी पद्मावती का किरदार निभाने वाली दीपिका ने डीएनए को दिए एक इंटरव्यू में अपना पक्ष रखा.

    उन्होंने कहा, "हम जौहर का समर्थन नहीं कर रहे हैं. आपको इस प्रथा को मौजूदा वक़्त के संदर्भ में नहीं बल्कि उस वक़्त (13वीं सदी) को ध्यान में रखकर देखना चाहिए, जिसकी कहानी फ़िल्म में दिखाई गई है."

    दीपिका ने आगे कहा, "...और जब इन बातों का ख़याल रखकर फ़िल्म देखेंगे तब आपको अहसास होगा कि ये कितनी ताकत वाली बात है. आपको ऐसा लगेगा ही नहीं कि वो (पद्मावती) कुछ ग़लत कर रही है. ''

    पद्मावत: रान चबाता ख़िलजी और पति को पंखा झलती पद्मावती

    भंसाली की फ़िल्मों पर बवाल क्यों होता है?

    दीपिका के मुताबिक, आप चाहेंगे कि वो आग की लपटों को गले लगा ले क्योंकि वो उस शख़्स से मिलने जा रही है जिससे वो प्यार करती है.

    उहोंने स्वरा के आरोपों पर चुटकी ली और कहा, "मुझे लगता कि शायद वो फ़िल्म शुरू होने से पहले पॉपकॉर्न खरीदने चली गईं और इसीलिए उन्होंने वो डिस्क्लेमर मिस कर दिया जिसमें बताया गया था कि हम जौहर का समर्थन नहीं करते."

    उन्होंने कहा, "मेरे लिए यह फ़िल्म सिर्फ जौहर तक ही सीमित नहीं है. इसमें और भी बहुत कुछ है. मेरे लिए, ये औरतों की ताक़त और सम्मान का सेलिब्रेशन है."

    स्वरा भास्कर ने अपनी चिट्ठी के कुछ महत्वपूर्ण अंश-

    • औरतों को जीने अधिकार है, रेप होने के बावजूद.
    • औरतों को जीने का हक़ है, उनके पतियों की मौत के बाद भी.
    • औरतों को जीने का हक़ है. भले ही मर्द जिएं या न जिएं.
    • औरतों को जीने का हक़ है. बस बात यहीं खत्म हो जाती है.

    ये बिल्कुल बुनियादी बातें हैं. मैं आपको कुछ और बुनियादी बातें बताती हूं

    • औरतें सिर्फ चलती-बोलती वजाइना (योनियां) नहीं हैं.
    • वजाइना के अलावा और इसके बाहर भी एक ज़िंदगी है.

    आपको लग रहा होगा कि मैं बार-बार वजाइना के बारे में बात क्यों कर रही हूं. ऐसा इसलिए क्योंकि आपकी शानदार फ़िल्म के अंत मैंने ख़ुद को एक वजाइना में सिमटा हुआ पाया. आखिर में मैं अब फिर उसी बुनियादी मुद्दे पर लौटती हूं- जीने के अधिकार पर.

    ऐसा लगता है कि आपकी फ़िल्म हमारे सामने अंधेरे युग का वही सवाल सामने ला खड़ा करती है- क्या विधवा, बूढ़ी, गर्भवती और बलात्कार की शिकार औरतों को जीने अधिकार है?

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Padmavat Deepika kept her mind about Jauhar

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X