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अब इंडियन आर्मी ऑफिसर की कमर का साइज तय करेगा प्रमोशन!

अब ऑफिसर्स की एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (एसीआर) में उनका वजन भी होगा सबसे अहम। अगर वजन हुआ ज्‍यादा तो फिर नहीं मिल सकेगा प्रमोशन।

नई दिल्‍ली। इंडियन आर्मी अब अपने ज्‍यादा वजन या फिर अनफिट ऑफिसर्स और जवानों को बर्दाश्‍त नहीं करेगी। जब तक सैनिक फिट और वजन कम नहीं करेंगे, उन्‍हें प्रमोशन और ट्रांसफर नहीं मिलेगा। साथ ही उन्‍हें किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने का अधिकार भी नहीं होगा।

सेना ने कराया था एक सर्वे

सेना ने कराया था एक सर्वे

इंग्लिश डेली हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक आर्मी ने एक सर्वे कराया था और पिछले वर्ष हुए इस सर्वे को 767 सैनिकों पर कराया गया था। इस सर्वे में हर तीसरा सैनिक ऑबेसिटी से ग्रसित था। अब आर्मी अलग-अलग रैंक्‍स में ऑबेसिटी के शिकार ऑफिसर्स और जवानों के लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाने वाली है।

हर वर्ष होगा टेस्‍ट

हर वर्ष होगा टेस्‍ट

सेना का जो सर्वे हुआ था उसने युद्ध के समय सैनिकों की क्षमता और दक्षता पर सवालिया निशान लगा दिया था। आर्मी की ओर से एक स्‍पेशल ऑर्डर जारी किया गया है और यह ऑर्डर मई से प्रभावी होगा। इस स्‍पेशल ऑर्डर में कहा गया है कि हर सैनिक को हर वर्ष एक 'ऑबेसिटी इवैल्‍युएशन एग्‍जामिनेशन' से गुजरना होगा।

पासपोर्ट नहीं अब लगेगी फुल साइज फोटो

पासपोर्ट नहीं अब लगेगी फुल साइज फोटो

ऑफिसर्स की एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट्स (एसीआर) में अब उनकी फुल साइज फोटोग्राफ होगी न कि उनकी पासपोर्ट साइज फोटो ताकि उनके कमर का साइज पता लग सके। ऑफिसर की कमर का साइज उनके प्रमोशन के लिए जिम्‍मेदार होगा। एसीआर लिखने वाले ऑफिसर को एक सर्टिफिकेट जारी करना होगा जिसे संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।

तो नहीं होगा प्रमोशन

तो नहीं होगा प्रमोशन

अगर किसी भी ऑफिसर का वजन उसके तय वजन से 10 प्रतिशत ज्‍यादा हुआ तो फिर तब तक उसका प्रमोशन रोक दिया जाएगा जब तक वह अपना वजन कम नहीं करेगा। अगर प्रमोशन ऑर्डर सर्टिफिकेट जारी होने से पहले आ गए तो फिर उसे अपने कमांडिंग ऑफिसर से सर्टिफिकेट लेना होगा। इस सर्टिफिकेट में कमांडिंग ऑफिसर को यह बताना होगा कि ऑफिसर अपने स्‍टैंडर्ड वजन को हासिल कर चुका है।

अब चेक होगी ऑबेसिटी

अब चेक होगी ऑबेसिटी

ऑफिसर्स की वेस्‍टलाइन अगर तय मानकों तक नहीं पहुंची तो फिर वह डिफेंस सर्विस स्‍टाफ कॉलेज जैसे कॉलेज में एंट्रेंस एग्‍जाम को पास करने के बाद भी करियर एडवांसिंग कोर्स के लिए नहीं जाए पाएगा। आर्मी के प्रवक्‍ता कर्नल अमन आनंद ने जानकारी दी है कि पिछले वर्ष अगस्‍त में ही सभी मिलिट्री कमांड्स को ऑब‍ेसिटी को चेक करने से जुड़े आदेश भेज दिए गए थे।

किसने दिया यह आइडिया

किसने दिया यह आइडिया

यह आइडिया आर्मी के पूर्व चीफ जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने दिया था जो खुद रोजाना 10 किलोमीटर दौड़ते थे। आर्मी की ओर से यूं तो हर बार ऑफिसर्स को फिट रहने के लिए आदेश दिए जाते हैं लेकिन उनका पालन कोई नहीं करता है। रक्षा मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से कराए गए सर्वे ने आर्मी को कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ज्‍यादा वजन वाले किसी भी सैनिक को किसी एसाइनमेंट पर विदेश नहीं भेजा जाएगा।

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