'आप हुक्म नहीं चला सकते हैं' , ED छापों में ममता बनर्जी के ‘दखल’ पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने आईपैक के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर हुई छापेमारी के मामले में ममता बनर्जी सरकार के प्रति सख्त रुख अपनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई टालने की पश्चिम बंगाल सरकार की अपील को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा, "आप हुक्म नहीं चला सकते हैं।" कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के छापेमारी के दौरान बीच में हस्तक्षेप करने को भी गलत ठहराया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 मार्च (बुधवार) को पश्चिम बंगाल सरकार को आगाह किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC के कार्यालय पर छापेमारी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित हस्तक्षेप की स्थिति "खुशगवार नहीं है।"

न्यायमूर्ति पंकज मिश्रा और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय एजेंसियों के कामकाज में बाधा डालना गंभीर मामला है और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा' "जो आपने ने जो किया वो गलत था। जो हुआ वह कोई अच्छी स्थिति नहीं थी। यह आसामान्य है।"
ममता सरकार ने दिया तर्क- ED कोई कानूनी इकाई नहीं
राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता श्याम दीवान ने अदालत में दलील दी कि ईडी कोई स्वतंत्र कानूनी इकाई नहीं है, बल्कि सरकार का एक विभाग मात्र है। उनका कहना था कि अगर कोई केंद्रीय एजेंसी अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर कर सकती है, तो यह देश के संघीय ढांचे के लिए खतरनाक मिसाल बन जाएगी और संवैधानिक जांच-और-संतुलन को दरकिनार कर देगी।
ममता की दलील- ईडी को रिट याचिका दायर करने का अधिकार नहीं
मुख्यमंत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि ईडी सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाध्य करने वाली रिट याचिका दायर नहीं कर सकता। सिब्बल ने कहा कि जब तक कोई मूल अपराध न हो, ईडी जांच में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला इस साल की शुरुआत में हुई एक कार्रवाई से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने वाली एजेंसी आईपैक और उसके मुखिया प्रतीक जैन के आवासों व दफ्तरों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई हवाला कारोबार और कोयला तस्करी से संबंधित एक मामले की जांच के सिलसिले में अंजाम दी गई थी।
कोर्ट ने कहा- आपने जो किया, वह गलत था
इस छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंच गई थीं। वहां उनका सीधा सामना जांच एजेंसी के अधिकारियों से हुआ था, जिसके बाद तीखी नोकझोंक भी हुई। ममता बनर्जी ने उस वक्त आरोप लगाया था कि ईडी टीएमसी का संवेदनशील डेटा और हार्ड डिस्क अपने साथ ले जा रही थी, जिसे उन्होंने गलत बताया। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की रेड के दौरान ममता बनर्जी के अचानक बीच में आने पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि "आपने जो किया, वह गलत था।












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