केन्या में छाया पुजारी से कारोबारी बना नरेन्द्र
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) ईस्ट अफ्रीकी देश केन्या में इन दिनों एक गुजराती शख्स नरेन्द्र रावल की धूम मची हुई है। ये इसी देश में बस गये हैं। यहां के देवकी ग्रुप के मालिक हैं रावल। उन्हें केन्या के सबसे बड़े कारोबारियों में से एक माना जाता है।

पुजारी से कारोबारी
करीब 37 साल पहले वे केन्या गए थे। वे तब एक मंदिर में पुजारी थे। पर विवाह के बाद वे कारोबार करने लगे। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
प्यार करती जनता
केन्या की जनता इस नरेन्द्र रावल को बेहद प्यार करती है। कारण ये है कि इस सज्जन ने जो कुछ कमाया उसे वह अपने समाज को वापस देता है। खरबोंपति रावल ने घोषणा की है कि उनकी मौत के बाद हर साल उनके कुल धन में से 250 करोड़ रुपये का उपयोग समाज सेवा के लिए कर लिया जाए।
रावल गांधी जी तथा मार्गरेट थैचर से बहुत प्रभवित है। बता दें कि केन्या में बड़ी तादाद में भारतीय मूल के लोग बसे हुए हैं। नरेन्द्र रावल इन दिनों अहमदाबाद में आए हुए हैं। करीब 37 साल पहले वे केन्या गए थे। वे तब एक मंदिर में पुजारी थे। पर विवाह के बाद वे कारोबार करने लगे। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
कामकाज शुरू
उसके बाद उन्होंने छोटा-मोटा कामकाज शुरू किया। स्टील रोलिंग मिल की स्थापना की। काम खूब चला। अब तो उनकी कई स्टील तथा सीमेंट के प्लांट इथोपिया, यूगांडा तथा केन्या में है। उनके 98फीसद कर्मी अफ्रीकी है।
बदली इमेज
वे एक तरह से अफ्रीका में भारतीयों की इमेज को भी बदल रहे है। पहले वहां पर बसे भारतीयों के लिए कहा जाता था कि वे शोषण करने के लिए अफ्रीका आए हैं।












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