E-Mobility पर मोदी सरकार का बड़ा कदम, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर छूट का प्रस्ताव
नई दिल्ली, 1 जून। देश में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों को बढ़ावा देने की तरफ मोदी सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। केंद्रीय सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय ने बैटरी चालित वाहनों को छूट देने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 में संसोधन के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। मंत्रालय ने बैटरी चालित वाहनों के रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी करने या नवीनीकरण और नवीनीकरण चिह्न प्राप्त करने को शुल्क मुक्त करने का प्रस्ताव दिया है।

दुनिया में पेट्रोल और डीजल वाहनों को छोड़ने की तरफ बढ़ रही है। मंत्रालय की नई अधिसूचना भी इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। केंद्रीय मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर लोगों से और हितधारकों से सुझाव देने को कहा है। सुझावों को देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
ई-मोबिलिटी को बढ़ावा
सरकार ने मंगलवार को एक प्रेस रिलीज कर इस बारे में जानकारी दी है। प्रेस रिलीज में कहा गया है कि "यह ई-मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने के लिए अधिसूचित किया गया है। इस मसौदा अधिसूचना के जारी होने की तारीख से तीस दिनों की अवधि के भीतर आम जनता और सभी हितधारकों से टिप्पणियां मांगी गई हैं।"
इलेक्ट्रॉनिक वाहन हैं भविष्य
जीवाश्व ईंधन से प्रदूषण को देखते हुए अब सड़क पर बैटरी चालित वाहनों का ही राज होने वाला है। यही नहीं पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत के चलते भी लोग इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की तरफ बढ़ रहे हैं। मोदी सरकार ने देश के वाहन बाजार में 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है।
वर्तमान में ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक स्कूटर बड़ी संख्या में सड़कों पर दिखने लगे हैं लेकिन अन्य वाहनों जैसे कार या एसयूवी में अभी इलेक्ट्रिनिक वाहनों की हिस्सेदारी काफी कम है। यही वजह है कि सरकार इन वाहनों की खरीद के लिए लोगों को आकर्षित करना चाहती है। रजिस्ट्रेशन फीस और नवीनीकरण चिह्न प्राप्त करने के लिए शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव इसी दिशा में उठाया गया कदम है।












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