West Bengal Election 2026: 7 करोड़ वोटर, 60 लाख नामों में बदलाव-SIR विवाद क्या-क्या बोले CEC ज्ञानेश कुमार
West Bengal Election 2026 (Gyanesh Kumar): पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) को लेकर सियासी माहौल गर्म है। इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कोलकाता में 10 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम बातें साफ कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मकसद बिल्कुल साफ है-कोई भी योग्य मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न हो और कोई अयोग्य व्यक्ति उसमें शामिल न रहे।
चुनाव आयोग की पूरी टीम इन दिनों बंगाल में मौजूद है और राजनीतिक दलों व अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कर चुकी है। आयोग का कहना है कि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

SIR पर क्या-क्या बोले CEC ज्ञानेश कुमार?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया लोकतंत्र की बुनियाद यानी मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने के लिए की जाती है। देश के 12 राज्यों में करीब 60 करोड़ मतदाताओं की सूची की समीक्षा लगभग पूरी हो चुकी है और इससे पहले बिहार में भी यह प्रक्रिया लागू की गई थी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में जारी पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची में 7 करोड़ 8 लाख नाम दर्ज किए गए हैं। वहीं जिन नामों पर अभी कानूनी प्रक्रिया चल रही है उन्हें हटाने के बाद 6,44,52,609 मतदाता पात्र माने गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा,
"भारत के 12 राज्यों और इससे पहले बिहार में करीब 60 करोड़ मतदाताओं की एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इसका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से छूट न जाए और साथ ही कोई भी अपात्र व्यक्ति उसमें शामिल न हो। हाल ही में जारी पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची में कुल 7 करोड़ 8 लाख नाम दर्ज हैं। यदि उन नामों को अलग कर दिया जाए जो अभी विचाराधीन हैं, तो इस सूची में 6,44,52,609 मतदाता पात्र के रूप में दर्ज हैं। मैं सभी मतदाताओं को बताना चाहता हूं कि इस बार हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी, जिसकी निगरानी चुनाव आयोग के अधिकारी करेंगे। इसके अलावा युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में समर्पित असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर तैनात किए जाएंगे, जो कॉलेजों में अभियान चलाकर नए मतदाताओं को जोड़ने का काम करेंगे।"
बंगाल में वोटर लिस्ट में क्या बदलाव हुआ?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुताबिक दिसंबर 2025 में मसौदा सूची जारी होने के बाद फॉर्म-7 के जरिए 5,46,053 नाम हटाए गए। SIR से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 थी, जो अब घटकर 7,04,59,284 रह गई है। यानी पूरी प्रक्रिया के दौरान करीब 61 लाख से ज्यादा नामों में बदलाव हुआ है।
हालांकि आयोग ने यह भी बताया कि 60,06,675 मतदाताओं के नाम अभी भी विचाराधीन हैं और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक उनकी जांच जारी है।
CEC ज्ञानेश कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें (Gyanesh Kumar Press Conference Highlights)
मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग
चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कई नए फैसले भी लिए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि राज्य में करीब 80 हजार मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें से लगभग 61 हजार ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे। उन्होंने घोषणा की कि इस बार हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की जाएगी, जिसकी निगरानी सीधे चुनाव आयोग करेगा।
वोटों की गिनती को लेकर नया नियम
चुनाव आयोग ने मतगणना को लेकर भी कुछ अहम बदलाव किए हैं। ज्ञानेश कुमार के मुताबिक अब EVM की गिनती शुरू होने से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी की जाएगी।
इसके अलावा मतदान के बाद प्रेसीडिंग ऑफिसर द्वारा फॉर्म 17C पोलिंग एजेंट को दिया जाएगा। अगर EVM और VVPAT के आंकड़ों में कोई अंतर मिलता है तो उस मशीन की पूरी VVPAT पर्चियों की गिनती एजेंट की मौजूदगी में की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई उम्मीदवार परिणाम से असंतुष्ट होता है तो मतगणना के सात दिन के भीतर निर्धारित शुल्क देकर EVM की जांच की मांग कर सकता है।
युवाओं को जोड़ने के लिए नया प्लान
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में डेडिकेटेड असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी कॉलेजों में अभियान चलाकर नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ने का काम करेंगे।
चुनाव अधिकारियों को सख्त संदेश
ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा कि चुनाव के दौरान सरकारी अधिकारियों का पूरी तरह निष्पक्ष रहना बेहद जरूरी है। सभी एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपना काम करें।
उन्होंने बंगाल के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि राज्य में हिंसा और दबाव से मुक्त माहौल में मतदान कराया जाएगा और लोकतंत्र के इस उत्सव में हर मतदाता को भाग लेना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 210 सामान्य, 68 अनुसूचित जाति और 16 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में आने वाले चुनाव को लेकर आयोग की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और SIR प्रक्रिया को उसी तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
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