• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

रुपये में गिरावट, पर वृद्धि दर अनुमान से ज़्यादा, कैसे?

By Bbc Hindi

रुपया
Reuters
रुपया

डॉलर के मुकाबले रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. ऐसे में भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.

आंकड़ों की मानें तो भारत की अर्थव्यवस्था की गाड़ी अनुमान से ज़्यादा तेज़ दौड़ रही है. पिछले दो साल में देश में सबसे ज़्यादा आर्थिक तरक्की दर्ज की गई है. इन आंकड़ों ने भारत के अर्थशास्त्रियों को हैरत में डाल दिया है.

एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, भारत में अप्रैल से जून 2018 यानी बीती तिमाही के दौरान 8.2% की आर्थिक वृद्धि दर्ज की गई है. जबकि पिछली तिमाही में ये दर 7.7% रही थी.

ऐसे में जीडीपी के इन ताज़ा आंकड़ों ने विश्लेषकों के अनुमान को भी पीछे छोड़ दिया है.

भारत की अर्थव्यवस्था 2.6 खरब डॉलर की है, जोकि दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.

पिछले साल की इसी तिमाही यानी अप्रैल से जून 2017 में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 5.6% रही थी.

बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान जताया था, जोकि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 6.7% ज़्यादा है.

तेल के बढ़ते दामों और वैश्विक व्यापार में चल रहे तनाव के बावजूद वृद्धि दर ठीक रही.

रुपया लुढ़का
Getty Images
रुपया लुढ़का

सतत विकास दर?

रेटिंग एजेंसी 'केयर रेटिंग' के मुख्य आर्थशास्त्री मदन सबनविस ने बयान जारी कर कहा, "उत्पादन, निर्माण और कृषि के क्षेत्र में सुधार हुआ है. इस सुधार ने आर्थिक वृद्धि में मदद की."

लेकिन मदन इस तरह की सतत विकास दर पर सवाल भी उठाते हैं. वो कहते हैं कि अगर इस दर के साथ-साथ राजस्व में वृद्धि नहीं होती है तो इससे राजकोषीय घाटे पर दबाव पड़ता है.

वो कहते हैं, "इस तिमाही के दौरान बाज़ार में कोई खास निवेश देखने को नहीं मिला. साथ ही उच्च दर, कमज़ोर रुपये और तेल की बढ़ती किमतों जैसी चुनौतियां भी रहीं. हम अगली कुछ तिमाहियों के दौरान वृद्धि दर में कुछ संतुलन की उम्मीद कर सकते हैं."

भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी पिछली दो बैठकों में बेंचमार्क रेपो दर/ प्रमुख ब्याज़ दर को कुल 50 बेसिक पॉइन्ट्स बढ़ाकर 6.5% कर दिया है. ऐसा उसने मुद्रास्फीति को कम करने के लिए किया, क्योंकि पिछले नौ महीनों से ये अपने 4% के लक्ष्य से ज़्यादा दर्ज की गई थी.

रुपया लुढ़का
Getty Images
रुपया लुढ़का

जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति पिछले साल के मुकाबले 4.17 फ़ीसदी रही, जोकि राहत की बात थी, लेकिन वित्तीय वर्ष की दूसरे छमाही में इसके 4.8% रहने का अनुमान जताया गया.

इस साल रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 10 फीसदी कमज़ोर हुआ है. गुरुवार को तो डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 70.8250 हो गई, जो अबतक की रिकॉर्ड गिरावट है. एशिया में इस वक्त रुपये का प्रदर्शन सबसे खराब है.

इस हफ्ते की शुरुआत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडि्स ने तेल के ऊंचे दामों, सरकारी वित्त पर ब्याज दरों और भारत में चालू खाते पर बढ़ते दबाव को लेकर चेतावनी जारी की थी.

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Decrease in rupee but over growth rate estimates how
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X