Parliament Today: संसद में विपक्ष का सरकार पर LPG-CNG प्रहार, आज सदन में किन-किन मुद्दों पर होगी गहमागहमी
Parliament Today Budget Session: बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन, यानी 11 मार्च 2026 को संसद के दोनों सदनों में जबरदस्त हंगामे के आसार हैं। विपक्षी दल 'इंडिया ब्लॉक' (INDIA Block) ने सरकार को घेरने के लिए 'तेल और गैस संकट' को अपना मुख्य हथियार बनाया है।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर अपनी मंशा साफ कर दी है।

LPG shortage India: गैस और ईंधन की किल्लत पर विपक्ष फोड़ेगा महंगाई बम
विपक्ष ईरान-इजरायल युद्ध और खाड़ी देशों में तेल के संकट पर संसद में हंगामा कर सकता है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष आज कई मुद्दों पर जवाब मांगेगा। हाल ही में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन का गैप रखने के नियम पर विपक्ष सरकार को घेरेगा।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे कुप्रबंधन करार दिया है। मुंबई और अन्य बड़े शहरों में कमर्शियल गैस संकट होने पर 20% से अधिक होटलों के बंद होने और पुणे में गैस आधारित शमशान घरों के बंद होने पर विपक्ष ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। रांची और अन्य शहरों में पेट्रोल पंपों पर लग रही भीड़ और स्टॉक की कमी को लेकर विपक्ष 'व्हाइट पेपर' की मांग कर सकता है।
सरकार का बचाव - 'एसेंशियल कमोडिटी एक्ट' और सप्लाई रणनीति
विपक्ष के हमलों के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सदन में सरकार का पक्ष रखेंगे। सरकार ने ECA 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत रिफाइनरियों को सख्त आदेश दिया है कि वे अन्य औद्योगिक रसायनों के बजाय केवल प्रोपेन और ब्यूटेन से घरेलू LPG का उत्पादन करें।
प्राकृतिक गैस के वितरण में अब घरेलू पाइप गैस (PNG) और वाहनों की CNG को 100% प्राथमिकता दी जा रही है। खाद और बिजली क्षेत्र के कोटे में कटौती कर आम जनता को राहत देने की कोशिश की जा रही है। सरकार रूस और अमेरिका के 'गल्फ कोस्ट' से अतिरिक्त तेल-गैस मंगाने के समझौतों का ब्यौरा पेश करेगी ताकि 'हॉर्मुज जलमार्ग' की निर्भरता कम हो सके।
ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध पर भारत का स्टैंड
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहले ही स्पष्ट किया है कि भारत की प्राथमिकता शांति, संवाद और कूटनीति है। हालांकि, विपक्ष आज सरकार से कुछ कड़े सवाल पूछ सकता है। हॉर्मुज संकट पर भी विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। भारत की 50% गैस सप्लाई इसी रास्ते से आती है।
विपक्ष जानना चाहता है कि सरकार ने इस रास्ते के असुरक्षित होने का पूर्वानुमान क्यों नहीं लगाया? खाड़ी देशों में फंसे करीब एक करोड़ भारतीयों और मर्चेंट नेवी के नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार की Evacuation Plan क्या है? कतर के गैस प्लांट पर हमलों के बाद भारत की कूटनीतिक सक्रियता पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
संसद में हंगामे के आसार
विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर खाड़ी जल रही है, तेल का शौक, मोदी जी चुप क्यों? जैसे बैनरों के साथ प्रदर्शन किया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद भी इस मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाने की तैयारी में हैं।
सदन में जैसे ही प्रश्नकाल शुरू होगा, विपक्ष की ओर से ऊर्जा संकट पर चर्चा की मांग को लेकर भारी नारेबाजी हो सकती है। क्या सरकार विपक्ष को विस्तृत बहस के लिए समय देगी या सदन एक बार फिर स्थगन की भेंट चढ़ेगा?












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