प्राण प्रतिष्ठा में जुटे भक्त लेकिन बिखर गई विपक्ष? कहीं हुई आरती, किसी ने निकाला मार्च ऐसा रहा अलायंस का हाल
अयोध्या में कल भव्य समारोह के बीच रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस अनुष्ठान की अगुआई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। भारतीय जनता पार्टी ने इस आयोजन को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। जाहिर तौर पर इस साल होने वाले लोक सभा चुनाव में भी इसका असर मिलेगा।
हालांकि, प्राण प्रतिष्ठा समारोह से विपक्षी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) के ज्यादातर सदस्यों ने दूरी बनाई। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर इंडी अलायंस के सदस्यों के बीच मिलीजुली प्रतिक्रियाएं रहीं। गठबंधन के कई घटक दलों के प्रमुख नेता राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हुए।

हालांकि, कुछ दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया पर रामलला की तस्वीर शेयर कर के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए 'जय सियाराम' का उद्घोष किया।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह से कांग्रेस, सीपीआई (एम) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दूरी बना ली थी। उन्होंने भाजपा पर "राजनीतिकरण" करने का आरोप लगते हुए हमला बोला। जबकि आम आदमी पार्टी (आप), समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) जैसी अन्य पार्टियां देश भर में जश्न में शामिल होती नजर आईं।
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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, सोनिया गांधी ने बनाई समारोह से दूरी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने निमंत्रण मिलने के बावजूद प्राण प्रतिष्ठा समारोह से दूरी बनाने का फैसला किया।
कांग्रेस नेतृत्व ने आयोजन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कार्यक्रम बताते हुए यह कह कर इनकार कर दिया था कि मंदिर का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। हालांकि, कुछ कांग्रेस नेताओं ने आयोजन में हिस्सा लिया जिसमें हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह शामिल थे।
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नेहरू का नाम लेकर सीपीआई ने साधा बीजेपी पर निशाना
सीपीआई (एम) नेता और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "धर्म और राज्य को अलग रखने वाले रेखा पतली से और पतली होती जा रही है। हमारे पहले प्रधानमंत्री के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अक्सर कहा है कि भारतीय धर्मनिरपेक्षता का अर्थ धर्म और राज्य को अलग रखना है। हमारे पास उस दूरी को बनाए रखने की एक मजबूत परंपरा भी है। हालांकि, हाल ही में, धर्म और राज्य को अलग करने वाली रेखा लगातार पतली होती जा रही है। यह एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में हमारी साख पर सवाल उठाएगा।" विजयन की पार्टी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भेजेगए समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार करने वाली पहली पार्टी थी।
कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आयोजन का "राजनीतिकरण" करने के लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी भी भगवान राम के प्रति समर्पित है। राम पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए क्योंकि श्रीरामचंद्र सबके हैं। वह अकेले भाजपा के लिए भगवान नहीं हैं। वह हर हिंदू के भगवान हैं।''
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धरने पर बैठे राहुल गांधी
वहीं, भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर निकले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन असम में श्री श्री शंकर देव सत्र मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद वह मंदिर के सामने सड़क पर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने कहा, "क्या प्रधानमंत्री मोदी तय करेंगे कि मंदिर में कौन जाएगा?"
ममता बनर्जी ने निकाला मार्च
उधर बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख, ममता बनर्जी प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन कोलकाता में मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरद्वारे जैसे अलग-अलग उपासना स्थलों पर गयीं। सर्वधर्म रैली की अगुवाई करते हुए उन्होंने धार्मिक सद्भाव के लिए सांकेतिक यात्रा की। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में इंडी गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल भले ही न हुए हों, लेकिन कुछ नेताओं ने प्राण प्रतिष्ठा की शुभकामनाएं जरूर दीं।
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आम आदमी पार्टी ने किया सुंदर कांड का पाठ
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर रामलला की मूर्ति की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में प्रतिष्ठापन के इस पवित्र अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। जय सियाराम।" बता दें, दिल्ली के कई इलाकों में कल आम आदमी पार्टी ने सुंदरकांड के पाठ और कुछ अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया था।
अखिलेश यादव ने ऑनलाइन शुभकामना से चलाया काम
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "उस पावन हृदय में बसते हैं 'सियाराम', जो करता रीति-नीति-मर्यादा का मान।" इस पोस्ट के साथ अखिलेश यादव ने एक वीडियो भी शेयर की जिसमें जय श्रीराम के नारों से गूंजती भगवान राम की झांकी है। इस छोटे एनिमेटेड वीडियो में राम, लक्ष्मण और सीता के साथ अयोध्या पहुंचते हुए दिखाई दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने असम में मंदिर के दर्शन करने की कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अनुमति न मिलने की घटना की भी आलोचना की। सपा प्रमुख ने एक्स पर लिखा, "किसी को भी भगवान के दर्शन करने से रोकने से बड़ा अधर्म और क्या हो सकता है।"
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