बिहार के मस्तिचक में गौतम अदाणी का बड़ा मिशन, क्या बदल जाएगी ग्रामीण स्वास्थ्य की तस्वीर?
दिग्गज उद्योगपति और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी रविवार को बिहार में एक बड़े ग्रामीण विजन केयर प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। उत्तर और मध्य भारत के पिछड़े इलाकों में सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

पटना से करीब 70 किलोमीटर दूर मस्तिचक में होने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल मिलकर कर रहे हैं। इस पहल का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आंखों के इलाज, हेल्थकेयर आउटरीच और स्किलिंग प्रोग्राम का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है।
आयोजकों के मुताबिक, इस विस्तार से ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को आंखों का सस्ता इलाज और प्रिवेंटिव केयर मिल सकेगी। काम पूरा होने के बाद, मस्तिचक का यह प्रोजेक्ट दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण विजन केयर नेटवर्क में से एक बन सकता है। इस कार्यक्रम से हिंदी पट्टी में स्वास्थ्य सेवाओं और ट्रेनिंग की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे करोड़ों जरूरतमंदों को फायदा होगा।
यह पहल गौतम अदाणी के 'सेवा ही साधना है' के विचार को दर्शाती है, जो भारत भर में अदाणी ग्रुप के सामाजिक और परोपकारी कार्यों का आधार रहा है। हाल के वर्षों में, अदाणी परिवार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए कई बड़े संकल्प लिए हैं। साल 2022 में गौतम अदाणी के 60वें जन्मदिन पर, परिवार ने देश भर में सामाजिक कार्यों के लिए 60,000 करोड़ रुपये देने का वादा किया था। पिछले साल जीत अदाणी की शादी के दौरान भी इन्हीं क्षेत्रों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रतिबद्धता जताई गई थी।
ग्रुप ने सेवा से जुड़े कई अन्य कार्यक्रम भी चलाए हैं, जिनमें 2025 में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान करीब 50 लाख तीर्थयात्रियों की मदद और ओडिशा में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मुफ्त भोजन और जलपान का वितरण शामिल है।
बिहार के ग्रामीण इलाके में 2005 में महज 30 बिस्तरों के साथ शुरू हुआ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल आज देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में से एक है। बताया जाता है कि अस्पताल अब तक 14 लाख से ज्यादा सर्जरी और लाखों लोगों की आंखों की जांच कर चुका है।
यह नई पहल अदाणी फाउंडेशन के 'विजन केयर प्रोग्राम' का ही विस्तार है, जिसे 2024 में शुरू किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत अब तक 11 राज्यों में ग्रामीण आउटरीच और स्कूलों में स्क्रीनिंग के जरिए करीब 1.93 लाख लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है और लगभग 59,000 लाभार्थियों को चश्मे दिए गए हैं।
इस कार्यक्रम पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों की नजर रहेगी। साथ ही, यह अदाणी ग्रुप के विकास और सामुदायिक सेवा के एजेंडे में बिहार की बढ़ती अहमियत को भी रेखांकित करता है।












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