AIIMS Cyber Security : सभी अस्पताल सेवाएं मैनुअल मोड पर, सैनिटाइज हो रहा पूरा नेटवर्क
AIIMS Cyber Security से जुड़ी चिंताओं के कारण सुर्खियों में है। एम्स ने बयान जारी कर कहा है कि मरीजों के हित में आउट पेशेंट, इन-पेशेंट, प्रयोगशाला जैसी सभी अस्पताल सेवाएं मैनुअल मोड पर चलती रहेंगी।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं के बारे में मंगलवार को AIIMS प्रशासन ने बयान जारी किया। एम्स प्रशासन ने कहा कि ई-अस्पताल का डेटा सर्वर पर बहाल कर दिया गया है। सेवाओं को बहाल करने से पहले नेटवर्क को सैनिटाइज किया जा रहा है।

एम्स की साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और लंबा समय लगने के बारे में एक सवाल के जवाब में AIIMS प्रशासन ने कहा, अस्पताल सेवाओं के लिए डेटा की मात्रा और बड़ी संख्या में सर्वर/कंप्यूटर के कारण प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है।
अस्पताल सेवाएं मैनुअल मोड पर
मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में AIIMS ने कहा, भले ही ऑनलाइन सिस्टम कुछ देर के लिए बाधित हुआ है, लेकिन इस अवधि में भी कोई भी सेवा बंद नहीं होगी। आउट पेशेंट, इन-पेशेंट, प्रयोगशाला जैसी अस्पताल सेवाएं मैनुअल मोड पर चलती रहेंगी।
साइबर हमलों को रोकने के लिए उपाय
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के सर्वर लगातार सातवें दिन खराब रहे। संस्थान की ओर से मंगलवार को घोषणा की गई कि ई-हॉस्पिटल डेटा बहाल कर दिया गया है। AIIMS प्रशासन का कहना है कि उन्होंने भविष्य के साइबर हमलों को रोकने के लिए और उपाय किए जाएंगे।
क्यों लग रहा है लंबा टाइम ?
इससे पहले सोमवार को एम्स ने बयान जारी कर कहा था, "डेटा बहाली और सर्वर की सफाई का काम चल रहा है और डेटा की मात्रा और अस्पताल सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में सर्वर के कारण कुछ समय लग रहा है। साइबर सुरक्षा के लिए उपाय भी किए जा रहे हैं।"
AIIMS में इंटरनेट बंद
गौरतलब है कि AIIMS Cyber Security मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी जांच में शामिल हो गई है। इंडिया कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-IN), दिल्ली पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और गृह मंत्रालय (MHA) के प्रतिनिधि भी इस घटना की जांच कर रहे हैं।
जांच एजेंसियों की सिफारिशों के बाद एम्स दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।
कैसे होगा काम, SOP जारी
इससे पहले एम्स ने मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का एक नया सेट भी जारी किया था। इसमें अस्पताल में मरीजों का प्रवेश, डिस्चार्ज और ट्रांसफर पर मैन्युअल तरीके से काम करने की बात कही गई। अस्पताल ने कहा, "नवीनतम एसओपी का मैनुअल मोड में पालन किया जाना है। कार्यसमिति के निर्देशानुसार मृत्यु या जन्म प्रमाण पत्र भी मैन्युअल फॉर्म पर बनाए जाने हैं। जांच घर और लैब के संबंध में कहा गया, वर्किंग कमेटी के निर्देश के अनुसार केवल जरूरी सैंपल भेजे जाएं और वह भी भरे हुए फॉर्म के साथ।












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