एम्स भोपाल के डॉक्टर नीलेश श्रीवास्तव ने GISMO-2024 में भाग लिया, न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की मिलेगी सुविधा
राजधानी भोपाल में स्थित एम्स में अब कैंसर के मरीजों और बेहतर तकनीक से इलाज मिलेगा। दरअसल भोपाल एम्स के डॉक्टर नितेश श्रीवास्तव ने हैदराबाद में आयोजित में भाग लिया और लेप्रोस्कोपिक तकनीको के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे सर्जरी के बाद मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने की सुविधा मिल सकेगी।
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर डॉ अजय सिंह संकाय और छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को सदैव बढ़ावा देते रहते हैं। उनके मार्गदर्शन में, एम्स भोपाल ने विभिन्न शैक्षणिक मंचों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विभिन्न सम्मेलनों और कार्यशालाओं में संकाय सदस्यों की भागीदारी न केवल उनके कौशल को बढ़ाती है बल्कि उन्हें नवीनतम प्रगति के साथ अद्यतन भी रखती है।

हाल ही में, एम्स भोपाल में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ नीलेश श्रीवास्तव ने हैदराबाद में आयोजित जीआईएसएमओ-2024 में भाग लिया। यह आयोजन विशेष रूप से कैंसर सर्जरी के लिए लेप्रोस्कोपिक तकनीकों में न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल ऑन्कोलॉजी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने पर केंद्रित था। हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (एआईजी) में आयोजित प्रशिक्षण में विभिन्न ऊपरी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जीआईटी) और निचले जीआईटी लेप्रोस्कोपिक प्रक्रियाओं में उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक ऑटो रीलोड और स्वचालित स्टेपलर के साथ व्यावहारिक अभ्यास प्रदान किया गया।

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ अजय सिंह ने सर्जरी के बाद मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने की सुविधा प्रदान करने वाली प्रगति के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कैंसर देखभाल में बदलाव के लिए न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के महत्व को बताते हुए व्यापक ऑन्कोलॉजिकल प्रक्रियाओं से गुजरने वाले रोगियों के लिए रिकवरी समय में तेजी लाने में इसकी भूमिका पर जोर दिया।












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