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कादर खान के थे तीन मिशन, उनकी मौत के 4 दिन बाद रजा मुराद का बड़ा खुलासा

बॉलीवुड एक्टर रजा मुराद ने अभिनेता कादर खान के बारे में एक बड़ी बात कही है।

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने-गुदगुदाने वाले कादर खान (Kader Khan) नए साल की शुरुआत में ही अपने फैंस को रुलाकर चले गए। अपने दमदार डायलॉग के जरिए अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड में एंग्री यंग मैन की छवि देने वाले कादर खान ने फिल्मों में हर तरह की भूमिकाएं की और अभिनय में अपना लोहा मनवाया। कादर खान के जाने के बाद उनके साथ कई फिल्मों में काम कर चुके और उनके करीबी दोस्तों में शुमार बॉलीवुड एक्टर रजा मुराद (Raza Murad) ने उन्हें श्रद्धांजली देते हुए उनके बारे में एक बड़ी बात कही।

'कादर खान के केवल 3 मिशन थे...'

'कादर खान के केवल 3 मिशन थे...'

कादर खान को श्रद्धांजली देने के लिए मुंबई में रखे गए एक कार्यक्रम में रजा मुराद ने कहा, 'कादर खान एक बेहद संजीदा कलाकार थे। हजारों साल नर्गिस अपनी बेनूरी पे रोती है, बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा। उनके अंदर कोई बुरी आदत नहीं थी, कोई लत नहीं थी। वो ना शराब पीते थे, ना सिगरेट पीते थे, ना औरतों में उनकी दिलचस्पी थी। उनके तीन मिशन थे- काम, काम और काम। वो कर्म योगी थे, काम करने के लिए आए और अपना काम खत्म करके चले गए, काम से उन्होंने बहुत मोहब्बत की। जब तक ये इंडस्ट्री कायम है, जब तक ये दुनिया कायम है, कादर खान का नाम सुनहरे अल्फाज में लिखा जाएगा।'

निधन के बाद किसी ने नहीं किया फोन

आपको बता दें कि बीते बुधवार को कनाडा में कादर खान का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान कादर खान के बेटे सरफराज बॉलीवुड के रवैये को लेकर काफी निराश नजर आए। सरफराज ने कहा, 'भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का अब यही रवैया बन गया है। बॉलीवुड कई कैंपों और वफादारों के बीच बंट गया है। बाहरी होने की सोच रखने वाले लोग किसी की मदद नहीं कर सकते। हमारे पिता ने हमेशा हमें, अपने बेटों को यही समझाया कि कभी किसी से कोई उम्मीद मत रखना। हम इसी विश्वास के साथ बड़े हुए हैं कि जीवन में जो हम चाहते हैं, वो करना चाहिए लेकिन बदले में कुछ वापस मिलने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। यह सब इसलिए भी परेशान करता है, क्योंकि कादर खान के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री से किसी ने भी उनके बेटों को फोन करने की जहमत तक नहीं उठाई। जबकि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिसने मेरे पिता के काफी करीबी रिश्ते थे।'

आखिरी वक्त में किसे करते थे याद

आखिरी वक्त में किसे करते थे याद

सरफराज ने आगे कहा, 'लेकिन एक व्यक्ति, जिसे मेरे पिता सबसे ज्यादा प्यार करते थे वो हैं बच्चन साहब (अमिताभ बच्चन) (Amitabh Bachchan)। मैंने अपने पिता से पूछा था कि वह फिल्म इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा किसे याद करते हैं और उन्होंने तुरंत जवाब दिया बच्चन साब और मैं जानता हूं कि ये प्यार पारस्परिक था। मैं चाहता हूं कि बच्चन साब को पता चले कि मेरे पिता अपने आखिरी वक्त में भी उनके बारे में बातें करते थे।' आपको बता दें कि वो कादर खान ही थे जिन्होंने अपने डायलॉग के जरिए अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड के 'एंग्री यंग मैन' की छवि दी। कादर खान ने अमिताभ बच्चन के अलावा 1980 और 1990 के दशक में शक्ति कपूर, डेविड धवन और गोविंदा समेत कई फिल्मी सितारों के साथ काफी फिल्मों में काम किया। बेहद गरीब परिवार से आए कादर खान ने करीब 300 फिल्मों में काम करने के अलावा सैकड़ों फिल्मों के लिए डायलॉग भी लिखे।

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