Delhi Election 2025: दिल्ली चुनाव में AAP से चार मोर्चे पर लड़कर भी पांचवें पर क्यों पिछड़ सकती है BJP?
Delhi Election 2025: शनिवार (1 फरवरी,2025) को वित्त वर्ष 2025-2026 का केंद्रीय बजट पेश होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के मतदाताओं के बीच बीजेपी की ओर से आक्रामक प्रचार कर रहे हैं। वह दिल्ली के मतदाताओं से साफ कह रहे हैं कि मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए उनकी सरकार ने इस बार के बजट में जितना आयकर छूट दिया है, उतना अबतक कभी नहीं दिया गया।
आम बजट पेश होने के बाद कई रिपोर्ट देखने से पता चलता है कि दिल्ली के मध्यम वर्ग में उत्साह का माहौल है। आयकर देने वाले मिडिल वर्ग के हर परिवार की मासिक बचत बढ़ने का इंतजाम कर दिया गया है। इसके साथ ही बीजेपी ने अन्य तीन मोर्चों पर भी आम आदमी पार्टी (AAP) से बहुत ही ज्यादा संघर्ष किया है, लेकिन पार्टी के 'चेहरे' के मोर्चे पर बीजेपी आज भी आप से पिछड़ती नजर आ रही है।

Delhi Election 2025: झुग्गी-झोपड़ी के वोटरों में भी बीजेपी ने बनाई पैठ
बीजेपी ने इस बार के चुनाव अभियान की शुरुआत आम आदमी पार्टी (AAP) के जनाधार के बीच ही संघर्ष करके किया है। पार्टी ने झुग्गी-झोपड़ी और अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के बीच अपना जनाधार मजबूत करने के लिए बहुत ही ज्यादा कोशिशें की हैं। यह वोटर पिछले एक दशक में पूरी तरह से आप के कट्टर जनाधार बन चुके हैं।
लेकिन, बीजेपी ने आरएसएस से जुड़े अपने सहयोगी संगठनों की सहायता से पिछले कुछ समय में इन मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच कायम करने में काफी सफलता हासिल की है। इन वोटरों की जो मूलभूत सुविधाएं हैं, उनको लेकर होने वाली दिक्कतों को उन्होंने उठाया है और पार्टी के सूत्रों ने वनइंडिया को यकीनी तौर पर बताया है कि 5 फरवरी को मतदान के समय इसका असर जरूर देखने को मिलेगा।
Delhi Election 2025: मिडिल क्लास की नाराजगी दूर करने के लिए चल दिया आयकर छूट वाला मास्टरस्ट्रोक
मध्यम वर्ग हमेशा से भाजपा का कोर वोटर माना जाता रहा है। लेकिन, पिछले कुछ समय से मुद्रास्फीति और टैक्स की ज्यादा दरों ने इस वर्ग को बहुत ही ज्यादा मायूस कर दिया था। उनके बीच यह भावना पनपने लगी थी कि सरकार उन्हीं से इनकम टैक्स लेती है,जीएसटी भी वही देते हैं और उनका पैसा कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर रेवड़ियों में उड़ा दिया जाता है।
लेकिन, केंद्र में सत्ताधारी भाजपा सरकार ने मध्यम वर्ग की इस मायूसी को नाराजगी में बदलने से पहले इनकम टैक्स में 12 लाख रुपए (कुल 12.75 लाख रुपए) तक की आमदनी वालों को पूरी तरह से छूट देकर बहुत बड़ा दांव चल दिया है, जिसे मास्टरस्ट्रोक बताया जा रहा है। यानी इस मोर्चे पर फिलहाल भाजपा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
Delhi Election 2025: एंटी-इंकंबेंसी वाले मुद्दे पर आम आदमी पार्टी पर हावी
दिल्ली में बीजेपी 1998 से सत्ता में नहीं है। लेकिन, केंद्र में पार्टी की यह लगातार तीसरी सरकार है। पिछले दो बार से लोकसभा चुनावों में दिल्ली में बीजेपी सभी सात की सात सीटें जीत रही है। यानी दिल्ली के वोटरों में केंद्र की बीजेपी सरकार के प्रति वफादारी बनी हुई है।
जबकि, आम आदमी पार्टी को इस बार यहां पिछले एक दशक से ज्यादा की एंटी-इंकंबेंसी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क, बिजली और पानी के मोर्चे पर इसके नेताओं को जवाब देना पड़ रहा है। इसी वजह से पार्टी को अपने कई सीटिंग विधायकों का टिकट काटना पड़ा है। यमुना की गंदगी बहुत बड़ा मुद्दा है। भाजपा को इन सारे मुद्दों का फायदा मिल सकता है।
Delhi Election 2025: भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोपों में घिरी 'आप' सरकार
दिल्ली चुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के खिलाफ भ्रष्टाचार और घोटाले विपक्ष के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। प्रमुख विपक्षी पार्टी होने के नाते बीजेपी इसको लेकर आप को पूरी तरह से घेर रही है।
तथ्य यह है कि आप के सभी बड़े नेता, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तक महीनों तक तिहाड़ जेल में रह चुके हैं और जमानत पर रिहाई भी मिली है तो इसकी शर्तें बहुत ही कठोर हैं। यह सारी बातें चुनावों में भाजपा के फायदे में हैं।
BJP challenges against AAP and Kejriwal: 'आप' के मुकाबले बीजेपी के पास दिल्ली का कोई चेहरा नहीं
इस तरह से बीजेपी ने भले ही तमाम मोर्चों पर आप की काट खोज ली हो और उसे घेरने का सारा इंतजाम कर चुकी हो। लेकिन, आप के अरविंद केजरीवाल की टक्कर में उसके पास दिल्ली से कोई एक भरोसेमंद चेहरा नहीं है। नेता तो कई हैं, लेकिन उनका नेतृत्व करते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिख रहे हैं।
हालांकि, न तो मोदी को चुनावों के बाद दिल्ली का सीएम बनना है और ना ही केजरीवाल के लिए ही परिस्थितियां बदली हैं कि वह फिर से मुख्यमंत्री बन सकें। लेकिन,आम आदमी पार्टी समर्थकों में एक आम धारणा है कि चुनावों में अगर आप जीत गई तो केजरीवाल ही सीएम बनेंगे। इसी मामले में भाजपा को दिल्ली वाले एक भरोसे चेहरे की कमी खटक सकती है और वह आप से पिछड़ सकती है।
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