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क़ृपया कालर ट्यून बदल लें...

जी हां, कॉलर ट्यून तो बदलनी पड़ेगी, लेकिन आपको नहीं सिरसा के बिजली विभाग को। आप सोचेंगे कि बिजली विभाग की कॉलर ट्यून की बात करने का यहां क्‍या मतलब है। असल में मतलब है और वो भी काफी गहरा।

हरियाणा का हर व्‍यक्ति जानता है कि राज्‍य में बिजली का संकट लगातार गहराता जा रहा है। आए दिन बिजली की कटौती चल रही है। दिन में 8 से 10 बार फोन पर बात हो ही जाती है। यह जानने के लिए की लाईट कब आएगी, क्योकि ना तो उसके जाने का समय और आने की तो उम्मीद ही क्या करें। जब बिजली का खेल जनजीवन पर हावी तो गुस्‍सा तो आता ही है, कई बार तो गुस्सा पूरे उफान पर होता है।

कुछ दिन पहले तक सिरसा का व्‍यक्ति चाहे जितना ही गुस्‍से में क्‍यों न हो, बिजली विभाग को फोन लगाते ही गुस्‍सा काफुर हो जाता है। क्‍योंकि उनकी कॉलर ट्यून में वाहे गुरु... वाहे गुरु... वाहे गुरु जी.. भजन के बोल सुनाई देते थे। सुनते ही गुस्सा ठंडा हो जाता। इस टोन के बाद वो लोग जो विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने का मन बना चुके होते थे, ठंडे पड़ जाते और बिजली का इंतजार करने लगते।

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लेकिन पिछले कुछ दिनों से स्थितियां बदल गई हैं। वो इसलिए क्‍योंकि बिजली विभाग ने अपने फोन की कॉलर ट्यून बदल दी है। अब उन्‍हें फोन करने पर सुनाई देता है- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में आपका स्वागत है... अरे भाई ऐसे स्‍वागत का क्‍या फायदा जो गर्मी से बेहाल कर दे। पानी को तरसा दे, बच्‍चों की पढ़ाई में डिस्‍टर्ब करे... लगातार स्‍वागत की बातें सुन-सुन कर अब लोगों का पारा और अधिक बढ़ जाता है। उपर से फोन भी नहीं उठता। फोन तो तब भी जल्दी नहीं उठाता था, लेकिन भजन के बोल गुस्‍से को गायब कर देते थे।

मन भजन में गुम हो जाता था, पर इसे सुन कर तो यकीन मानो ब्‍लड प्रेशर और बढ़ जाता है, क्योकि एक तो बिजली विभाग, दूसरा ऐसी टोन, जिसके जरिए बार-बार याद दिलाया जाता है कि ये बिजली विभाग ही है। इसलिए लोगों की राय यही है कि बिजली विभाग को अपनी कॉलर ट्यून बदल लेनी चाहिए, क्‍योंकि यदि लोगों का गुस्‍सा एक बार भड़क गया तो उन्‍हें कोई नहीं रोक पाएगा।

लेखक परिचय:

मोनिका गुप्‍ता 'जय स्‍वच्‍छता समिति' की अध्‍यक्ष एवं प्रतिभाओं को खोजने वाली संस्‍था 'दोस्‍त' की ऑनरेरी सचिव हैं। एक समाजसेविका होने के साथ-साथ पत्रकार भी हैं। मोनिका गुप्‍ता सामाजिक, शैक्षिक मुद्दों और महिलाओं व बच्‍चों से जुड़े मुद्दों पर लिखती हैं। आप एक अंतर्राष्‍ट्रीय न्‍यूज़ चैनल के लिए काम भी करती हैं। आप चार किताबें लिख चुकी हैं, जिनमें से एक को बाल साहित्‍य पुरस्‍कार भी मिल चुका है। मोनिका गुप्‍ता हरियाणा के सिरसा जिले की रहने वाली हैं।

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