'पहले आओ, पहले जाओ', फडणवीस सरकार ने मुंबई की महिला कर्मचारियों के लिए लागू किया नया नियम, जानें डिटेल
Mumbai Female Employees Flexible Working Hours facility: महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने मुंबई में सरकारी कार्यालयों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। महिला कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने 'पहले आओ, पहले जाओ' कार्य समय सुविधा का ऐलान किया है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विधान परिषद में लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य व्यस्त समय में यात्रा की कठिनाइयों और महिलाओं को पेशेवर व व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में मदद करना है। सरकार ने महिलाओं के समग्र विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति अपनी संकल्प को दोहराते हुए ये निर्णय लिया है।

'पहले आओ, पहले जाओ'
इस नई व्यवस्था के तहत, महिला कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच कार्यालय आ सकेंगी। निर्धारित कार्य घंटे पूरे करने पर, वे उसी अवधि के बराबर शाम को जल्दी निकल सकेंगी। यह लगभग तीस मिनट की लचीलता प्रदान करेगा, जिससे भीड़भाड़ वाले यात्रा समय से बचा जा सकेगा और आवागमन का तनाव कम होगा और मुंबई में सरकारी ऑफिसों में काम करने वाली हजारों महिलाओं को लाभ मिलेगा।
सरकार चला रही महिलाओं के लिए ये अभियान
विधान परिषद में महिलाओं की सुरक्षा हेतु अन्य पहलों पर भी बात की गई। 'ऑपरेशन मुस्कान' (लापता बच्चों पर केंद्रित, जुलाई 2015 से फरवरी 2026 तक 14 अभियान के तहत 42,594 बच्चों का पता चला। 'ऑपरेशन शोध' अभियानों ने 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को खोजने में सहायता की है।
लापता व्यक्तियों के मामलों पर नज़र रखने के लिए राज्य के सभी जिलों में 'मिसिंग सेल' सक्रिय हैं। वहीं, महिलाओं से संबंधित मुद्दों के समाधान और सहायता हेतु 51 'भरोसा सेल' भी स्थापित किए गए हैं।
महिलाओं के लिए महाराष्ट्र में योजनाएं
सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु 'लड़की बहिन योजना', 'नमो महिला सशक्तिकरण', 'लेक लड़की', 'अन्नपूर्णा' और 'लखपति दीदी' जैसी कई चल रही योजनाओं पर जोर दिया है, जिनका उद्देश्य वित्तीय स्वतंत्रता बढ़ाना है।
स्वरोजगार के लिए महिलाओं की जा रही मदद
स्वयं सहायता समूहों (SHG) को मजबूत कर उनके उत्पादों को 'उमेद मॉल', 'उमेद मार्ट', 'महालक्ष्मी सरस' जैसे प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन माध्यमों से बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। 17,254 आंगनवाड़ी केंद्रों में पीने के पानी की सुविधा है; सरकार कर्मियों के पारिश्रमिक और बुनियादी ढांचे के मुद्दों पर विचार कर रही है।
महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिनों का मातृत्व अवकाश
राज्य सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिनों का मातृत्व अवकाश स्वीकृत किया है। अवकाश के बाद वे बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के एक वर्ष तक का अर्ध-वेतन अवकाश ले सकती हैं। महाराष्ट्र में चौथी महिला नीति लागू कर, उसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गई है।
'आदिशक्ति अभियान'
ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने, लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर कम करने और सुरक्षित समुदाय बनाने के लिए 'आदिशक्ति अभियान' जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक स्वतंत्रता के साथ, महिलाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक सशक्तिकरण एक समावेशी समाज निर्माण में समान रूप से महत्वपूर्ण है। Mumbai Water Cut: भीषण गर्मी में 24 घंटे बंद रहेगी वाटर सप्लाई, गोरेगांव समेत इन इलाकों में नहीं आएगा पानी












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