बदहाली और आत्महत्या के ख्यालों को दूर कर कामयाबी की तरफ बढ़ रहा यह शानदार फाइटर
अक्सर गरीबी और लाचारी ही इंसान की मजबूती की नींव बनती है और कुछ ऐसा ही हुआ ब्राजील के उभरते हुए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर फैबियो हेनरिके के साथ। उन्होंने जब से आंखें खोलीं, तभी से बदहाली का वह दौर देखा, जिसने उन्हें जीवन की डोर करीब-करीब काट देने पर मजबूर कर दिया था।
अब यही 33 वर्षीय फाइटर उसी बुरे दौर को पीछे छोड़कर ONE Championship जैसे बड़े संगठन में आकर अपना सपना पूरा करने जा रहा है। उनका सामना 14 मार्च को होने वाले इवेंट ONE Fight Night 41 में दक्षिण कोरिया के ली सेउंग चेओल से होगा। वह जीत के साथ प्रमोशन में अपना खाता खोलना चाहेंगे।

10 साल की उम्र में सड़क पर बेचते थे सामान
बेबसी और खाली पेट इंसान से बहुत कुछ करा लेता है। ब्राजील के बेहद गरीबी वाले इलाके तुरिलांदिया में जन्मे हेनरिके जब चार साल के थे तो उनके माता-पिता अलग हो गए और फिर मां बच्चों के साथ दूसरी जगह चली गईं। उन्हें पांचवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़नी पड़ी और वह सड़कों पर पेस्ट्री, जूस और आइसक्रीम बेचने लगे ताकि कुछ पैसे जोड़े जा सकें।
उन्होंने बताया, "मेरे माता-पिता मजदूरी करते थे। मेरा बचपन बहुत कठिन था, लेकिन इसी ने मुझे मजबूत बनाया। माता-पिता अलग हो गए, फिर मां ने हमें बचाने के लिए दूसरी जगह जाना सही समझा। मैंने कभी हार नहीं मानी और जानता था कि मैं अपनी खुद की कहानी बना सकता हूं।"
आत्महत्या के विचार भी मन में लगे थे आने
हेनरिके अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए ब्राजील के सबसे बड़े शहर साओ पाउलो में आ गए, मगर यहां का जीवन उम्मीद से ज्यादा कठिन साबित हुआ और फिर एक दिन बॉक्सिंग उनकी जिंदगी में आया और कायाकल्प हो गया।
इस लाजवाब फाइटर ने कहा, "मैं बहुत डिप्रेशन में था और मैंने आत्महत्या करने के बारे में भी सोचा था। फिर एक दिन गलियों में घूमते हुए सामाजिक बॉक्सिंग प्रोजेक्ट पर पड़ी और फिर मैंने अपना दर्द, गुस्सा और दुख सब ट्रेनिंग में लगा दिया।"
उन्होंने बॉक्सिंग से की शुरुआत को MMA में बदला और अब ONE में आकर वर्ल्ड चैंपियन बनने की दिशा में बढ़ना चाहेंगे।












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