एक बार फिर सुखियों में आया शाहीन बाग, जानें दिल्ली में कहां स्थित है ये इलाका? क्या है विवाद
नई दिल्ली, 09 मई: दिल्ली का शहीन बाग इलाका एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा का विषय वहां का सीएए के खिलाफ प्रोटेस्ट नहीं बल्कि एमसीडी की अतिक्रमण ड्राइव है। आज सुबह 11 बजे के करीब अतिक्रमण हटाने के लिए जैसे ही एमसीडी का बुलडोजर पहुंचा, लोग सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। शाहीन बाग की महिलाएं भी उस जगह पर पहुंच गईं, जहां बुलडोजर पहुंचा। बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाओं को देख तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। शाहीन बाग में एमसीडी द्वारा चलाया जा रहा अतिक्रमण विरोधी अभियान का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। एमसीडी की कार्यवाही के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर आज दोपहर बाद सुनवाई करेगी।
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क्या है शाहीन बाग
शाहीन बाग वही जगह है जहां सीएए और एनआरसी को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। यहां पर सड़क को जामकर महिलाओं ने सीएए के खिलाफ कई हफ्तों तक आंदोलन किया था। इस आंदोलन के चलते 55 दिनों तक इस सड़क पर चक्काजाम किया था। जिसकी वजह से हाइवे तक बंद रहा। इस आंदोलन के खिलाफ कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। हालांकि कोरोना महामारी के चलते ये आंदोलन बिना किसी परिणाम के खत्म कर दिया था।
शाहीन बाग दिल्ली के दक्षिण इलाके में स्थित एक आवासीय क्षेत्र है। यमुना के किनारे स्थित यह दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाली सडक पर स्थित है। यह दक्षिणी दिल्ली महानगर निगम के अंतर्गत आता है। साउथ एमसीडी के एक्शन प्लान की मानें तो शाहीन बाग जी ब्लॉक से जसोला और जसोला नाले से कालिंदी कुंज पार्क तक अवैध कब्जा किया गया है। जिसे लेकर आज एमसीडी कार्यवाही करने पहुंची थी।
एमसीडी के मुताबिक 9 मई यानी सोमवार को शाहीन बाग जी ब्लॉक से जसोला और जसोला नाले से कालिंदी कुंज पार्क तक अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाया जाना था। 10 मई को, गुरुद्वारा रोड और उसके आसपास न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से बौद्ध धर्म मंदिर, 11 मई को, लोधी कॉलोनी, मेहरचंद मार्केट और साईं मंदिर के आसपास, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, 12 मई को ढिंसन मार्ग, इस्कॉन मंदिर मार्ग और उसके आसपास क्षेत्र, 13 मई को खड्डा कॉलोनी में अभियान चलेगा।












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