ओडिशा: बिजली गिरने, सांप के काटने और डूबने से हो रही मौत को रोकने के लिए ODRAF की टीमों को किया जाएगा तैनात
ओडिशा में हर साल 29 अक्टूबर को आपदा तैयारी दिवस मनाया जाता है। इसी दिन विनाशकारी सुपर चक्रवात ने ओडिशा में तबाही मचाई थी। इससे राज्य में भारी क्षति पहुंची थी। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के रवीन्द्र मंडप में मनाया गया।
इस मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि आपदा ओडिशा के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन हम सभी आपदा से सफलतापूर्वक निपटते रहे हैं। इस साल की बालासोर बहनागा ट्रेन त्रासदी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) सत्यब्रत साहू ने सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी गांव इतने तैयार रहेंगे कि वे किसी भी आपदा का सामना कर सकें। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 2 हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। पिछले दस वर्षों में एक बड़ा बदलाव आया है, लगभग सभी कच्चे मकान पक्के मकानों में बदल गये हैं।
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बिजली गिरने, सांप के काटने और डूबने से होने वाली मौतों को लेकर सरकार चिंतित
वहीं, दूसरी तरफ ओडिशा सरकार के लिए नई चिंता बिजली गिरने, सांप के काटने और डूबने से होने वाली मौतों को लेकर है। क्योंकि इन मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि ओडिशा आपदा रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ) की टीमों को उन जिलों में तैनात किया जाएगा, जहां ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
पदा के दौरान शून्य हताहत सुनिश्चित करने का प्रयास
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए एसआरसी साहू ने कहा कि इस वर्ष हमारे राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला है। जो हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। ओडिशा के लोग किसी भी आपदा के दौरान शून्य हताहत सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।
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