Video: 'आगे बढ़ने के लिए कुछ भी करेगा', खान सर की डिग्री पर चाचा ने खोली पोल, गांव वालों ने राज से उठाया पर्दा
Khan Sir: मशहूर यूट्यूबर और कोचिंग संचालक खान सर (Faisal Khan) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग के बाहर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में घिरे खान ग्लोबल स्टडीज के फाउंडर खान सर अब एक नए चक्रव्यूह में फंस चुके हैं। एक तरफ जहां पटना पुलिस की तलवार उन पर लटकी है, वहीं दूसरी तरफ उनके अपने ही पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के देवरिया से उनके खिलाफ बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। खान सर के सगे चाचा, स्थानीय पार्षद और ग्रामीणों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे उन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले उनके एक चाचा इमरान अहमद ने खान सर को नटवरलाल और कोचिंग माफिया तक बता दिया। अब IANS से बातचीत में उनके एक दूसरे चाचा निसार अहमद ने खान सर की डिग्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खान सर के पास कोई बहुत बड़ी-बड़ी ड्रिगी नहीं है, वो यहीं पास के स्कूल से पढ़ा है, बाद में उसने हाथ-पैर मारकर फर्जी तरीके से अपनी डिग्री बनवा ली है। वहीं खान सर के गांव वालों ने उनपर दबदबा बनाने और प्रशासनिक प्रभाव का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं।

सगे चाचा ने डिग्री पर उठाए सवाल: 'सिर्फ बोलने की कला है'
देवरिया में रहने वाले खान सर के सगे चाचा निसार अहमद खान ने कैमरे के सामने आकर भतीजे की शैक्षणिक योग्यता पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। खान सर के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बीच उनके चाचा निसार अहमद खान का कहना है,
''उनके पास कोई खास शैक्षणिक योग्यता नहीं है और उनसे जुड़ी सारी डिग्रियां भी असली नहीं हैं। कुछ फर्जी है। उसके पास एक ही कला है कि वो बस बोलने में माहिर हैं और उसकी ही रोटी खाता है वो, शुरू-शुरू में उसका नेचर ठीक था लेकिन अब वो बर्बाद हो गया है। जब से उसको आगे बढ़ना का चस्का लगा है, अब वो आगे बढ़ने के लिए कुछ भी कर सकता है, किसी भी हद तक जा सकता है।''
चाचा निसार अहमद ने पटना में हुए पूरे विवाद की इनसाइड स्टोरी भी शेयर की है। उनके दावे के मुताबिक, सारा विवाद व्यापारिक दुश्मनी और ईगो (अहंकार) के कारण बढ़ा है। चाचा का दावा है कि बगल वाली कोचिंग सेंटर रौशन सर के शायद ज्यादा बच्चे सलेक्ट हो गए थे, इसलिए वो अपना पोस्टर बैनर लगा रहे थे। उसी पोस्टर-बैनर पर इसने अपना पोस्टर बैनर दबंगई से लगवा दिया, उसी पर, ये सारा बवाल उन्हीं से बढ़ा है।
गांव वालों का गंभीर आरोप: 'पैसों के घमंड में जमीनों पर कब्जा और दबंगई'
देवरिया के भटपर रानी गांव के लोगों का कहना है कि जैसे ही खान सर को लोकप्रियता और बेहिसाब पैसा मिला, उनके और उनके परिवार के व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर आ गया। पड़ोसियों ने उन पर प्रशासनिक प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने और पूरे गांव में दबदबा बनाने के संगीन आरोप लगाए हैं।
खान सर के पड़ोसी धर्मेंद्र ने कहा,
"हमारे मोहल्ले में सड़क निर्माण को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। उस दौरान खान सर ने अपने प्रभाव और दबाव का इस्तेमाल किया, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। आरोप है कि हमारी दीवार भी जबरन तुड़वा दी गई थी। बाद में प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अपना पक्ष रखा। इस पूरे घटनाक्रम से उनकी कार्यशैली और दबंग रवैये की झलक मिलती है।"
खान सर के अन्य पड़ोसी अशोक कुमार सिंह (स्थानीय निवासी) का आरोप,
''उन्होंने हमारे इलाके में नई जमीन खरीदी और सड़क बनवाने के नाम पर हमारे घर के छज्जे तोड़वा दिए। सिर्फ मेरा ही उनके रिश्तेदार और दो-चार लोगों के घर का भी छज्जा तोड़ा गया है। उसके बाद हमें इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। लेखवाल औ पता नहीं किस किस को पैसा खिलाकर वो ये सब काम करवाते हैं। पैसों की वजह से उनके पिता का घमंड इतना बढ़ गया है कि वो कहते हैं कि पूरे इलाके में उनसे ज्यादा कोई और धनी नहीं है।''
स्थानीय पार्षद ने भी घेरा: 'वो एक नंबर के जिद्दी आदमी हैं'
खान सर के रसूख और प्रशासनिक सेटिंग की पोल खोलते हुए स्थानीय पार्षद आदित्य सिंह ने भी कई राज उजागर किए हैं। उनका कहना है कि खान सर अपने इगो के आगे किसी की नहीं सुनते और आम जनता के विकास कार्यों में अड़ंगा डालते हैं।
स्थानीय पार्षद आदित्य सिंह का कहना है,
"टीआरपी और चर्चा बटोरने के लिए लोग कई तरह की बातें कर सकते हैं। हमारे वार्ड की एक छोटी-सी नाली का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन उसे भी खान सर की ओर से रुकवाने की कोशिश की गई। नगर पंचायत के नियम सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। जिस सड़क और नाली का निर्माण होना था, उसकी पैमाइश लेखपाल द्वारा की गई थी। पहले जहां 17 फीट की बात थी, उसे घटाकर 13 फीट कर दिया गया, फिर भी उनकी आपत्ति खत्म नहीं हुई। मेरे अनुसार, यह उनके जिद्दी रवैये और अपने फैसले पर अड़े रहने की प्रवृत्ति को दिखाता है।"
पटना फायरिंग केस: क्यों मंडरा रहा है गिरफ्तारी का खतरा?
इस पूरे पारिवारिक और ग्रामीण विवाद की जड़ें 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में हुई एक हिंसक घटना से जुड़ी हैं। वहां स्थित 'खान ग्लोबल स्टडीज' कोचिंग संस्थान पर अचानक हमला और तोड़फोड़ की गई थी। इस बवाल के दौरान कोचिंग के गार्ड्स द्वारा सरेआम फायरिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वीडियो के आधार पर खान सर के दो सुरक्षा गार्डों- प्रदीप और तालेश्वर को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों गार्डों ने कुबूल किया कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही गोली चलाई थी। पुलिस ने उनके हथियार भी जब्त कर लिए हैं। इस मामले में पुलिस ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान 'ज्ञान बिंदु' के संचालक रोशन आनंद को भी अरेस्ट किया है। वहीं, एफआईआर में नामजद आरोपी बनाए जाने के बाद खान सर की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है, जिसके चलते उन पर कभी भी कानूनी शिकंजा कस सकता है।














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