'मणिपुर से बदतर बंगाल के हालात', बीजेपी सांसद ने कहा जांच एजेंसी के काम को बाधित कर रही TMC
पश्चिम बंगाल में ईडी की टीम पर हुए हमले ने सियासत तेज कर दी है। विपक्षी दल के लोग इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल की स्थिति को मणिपुर से भी बदतर बताया है।
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम पर हमला किया गया था। जिसके बाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने राज्य सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार की आलोचना की थी और बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की थी। अब इस पर भाजपा सांसद दिलीप घोष का बयान सामने आया है।

दिलीप घोष ने कहा, "...बंगाल में स्थिति मणिपुर से भी बदतर है। यहां जनता ने वोट दिया है इस सरकार को अब जनता ही सरकार के कर्मो की सजा देगी। केंद्र सरकार कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुझाव देने और मदद देने का अपना काम कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा कि यहां केंद्रीय संस्थाएं जो भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ जांच कर रही हैं उनके कार्य में बाधा पहुंचाई जा रही है। घोष ने कहा, "हम देख सकते हैं कि बंगाल और बांग्लादेश सीमा पर स्थिति देश के सुरक्षा के लिहाज से अच्छी नहीं है, हम यह पहले से कहते आ रहे हैं।"
ये कैसा गठबंधन?- शहजाद पूनावाला
इस मामले में भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने इंडिया गठबंधन की एकता पर सवाल उठाते हुए कहा, "टीएमसी का मतलब 'तालिबानी मानसिकता और संस्कृति' है और इसकी पुष्टि कांग्रेस के बड़े नेता अधीर रंजन चौधरी ने की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। एक तरफ कांग्रेस टीएमसी के साथ गठबंधन करती है और दूसरी तरफ उनके सबसे बड़े नेता कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बताना होगा कि क्या वे अधीर रंजन चौधरी से सहमत हैं या वे उनसे सहमत नहीं हैं। यह किस तरह का गठबंधन है?"
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राशन घोटाला
आपको बता दें, कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी कई महीनों से जारी है। प्रवर्तन निदेशालय ने पहले खुलासा किया था कि पश्चिम बंगाल में लाभार्थियों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लगभग 30 प्रतिशत राशन खुले बाजार में भेज दिया गया था। जांच एजेंसी ने कहा कि राशन की कथित चोरी से उत्पन्न अपराध की आय, मिल मालिकों और पीडीएस वितरकों के बीच साझा की गई थी।
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इसी क्रम में ईडी शुक्रवार, 5 जनवरी को संदेशखाली के परगना जिले के उत्तर 24 स्थित तृणमूल नेता शाहजहां शेख के घर छापेमारी करने पहुंची थी। उनके आवास के पास लोगों ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया और उनकी गाड़ियों के साथ भी तोड़फोड़ की।
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