WB Ration Scam: कौन हैं शेख शाहजहां? मछली पालने वाले का कैसे बढ़ा राजनीति में कद? क्यों भाग सकता है विदेश
Who is TMC Leader Shahjahan Sheikh: पश्चिम बंगाल में एक बार ईडी ने टीएमसी नेतओं पर भ्रष्टाचार के आरोप में शिकंजा कसा है। इस बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता और उत्तर 24 परगना में बोंगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आध्या और शाहजहां शेख हैं। जिनमें एक आध्या को छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।
ईडी का यह पूरा एक्शन कोरोना काल में हुए हजारों करोड़ के राशन घोटाला को लेकर है। नॉर्थ 24 परगना जिले में छापेमारी करने गई ED और CRPF की टीम पर भीड़ ने हमला किया था। टीम पर हमला उस वक्त हुआ, जब शेख शाहजहां के घर पहुंची थी। ऐसे में जानिए कौन है शाहजहां शेख?

शाहजहां शेख के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
ED ने अब इस मामले में TMC नेता शाहजहां शेख के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। दरअसल, शाहजहां शेख के गेट अंदर से बंद होने कारण ईडी ने जवाब पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बाद में गेट तोड़ने की कोशिश की। यह देखकर टीएमसी समर्थकों ने केंद्रीय सशस्त्र बलों की मौजूदगी में ईडी अधिकारियों की पिटाई शुरू कर दी। जिसमें कई लोगों को गंभीर चोट आई हैं।
ईडी के अधिकारियों पर उत्तर 24 परगना जिले में उस समय हमला हुआ, जब वे राशन 'घोटाला' मामले के सिलसिले में बोंगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आध्या और तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां के घरों पर छापेमारी करने जा रहे थे।
ईडी अधिकारियों के अनुसार जब छापेमारी चल रही थी तब तृणमूल कांग्रेस नेता के समर्थकों ने नेता के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और बाद में भीड़ ने ईडी अधिकारियों पर हमला किया और उनकी कारों में तोड़फोड़ की।
सभी एयरपोर्ट अलर्ट, विदेश भाग सकता है शाहजहां
हालांकि मामले में एक अन्य आरोपी TMC नेता शंकर आध्य को जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है। लेकिन शाहजहां शेख अभी भी गिरफ्त से दूर है। ऐसे में TMC नेता शेख शाहजहां के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है।ईडी ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि ऐसी आशंका है कि शेख शाहजहां 5 जनवरी को हुई घटना के बाद देश छोड़कर विदेश भाग सकता है। इसलिए लुकआउट नोटिस जारी करते हुए सभी एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया है।
कौन हैं शाहजहां शेख? पढ़िए पूरी कुंडली
कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 42 साल का शाहजहां शेख को इलाके में 'भाई' के नाम से पुकारा जाता है। शाहजहां ने बांग्लादेश बॉर्डर के पास उत्तर 24 परगना के संदेशखली ब्लॉक में मछली पालन में एक छोटे से मजदूर के रूप में अपनी शुरुआत की। मछली पालन के साथ-साथ वो ईंट भट्टों में भी मजदूरी करता था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2004 में शेख ने ईंट भट्टों के यूनियन नेता के रूप में राजनीति में कदम रखा। और फिर बाद में अपनी मौजदूगी को कायम रखने के लिए माकपा से जुड़ गया। इसके बाद शेख ने 2012 में टीएमसी की तरफ रुख किया। तब से ही राजनीति में शेख का कद बढ़ा। साल 2018 में शेख ने सरबेरिया अग्रहटी ग्राम पंचायत के उप प्रमुख के रूप में प्रसिद्धि हासिल की।
मौजूदा वक्त में शेख शाहजहां नॉर्थ 24 परगना जिला परिषद के मत्स्य एवं पशु संसाधन अधिकारी और संदेशखाली का TMC ब्लॉक अध्यक्ष भी हैं। इतना ही नहीं वो ममता सरकार में वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक का खासम-खास भी है। हालांकि ED राशन घोटाले में अक्टूबर 2023 को मलिक को गिरफ्तार कर चुकी है।












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