जेल में दुष्कर्म महिलाओं से, पहली बार UN की ब्लैकलिस्ट में Israel, रिपोर्ट गंदा सच आया सामने!
Israel In Black List: यूनाइटेड नेशन्स (UN) ने पहली बार इजरायल को उन देशों और संगठनों वाली Blacklist में शामिल किया है, जिन पर युद्ध वाले इलाकों में यौन हिंसा (Sexual Violence) करने के आरोप हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इजरायल के सेडे टेइमैन (Sde Teiman) डिटेंशन सेंटर से जुड़े कई गंभीर मामले इंटरनेशनल लेवल पर चर्चा में हैं। इनमें एक ऐसा मामला भी शामिल है जिसमें गाजा के एक बंदी के कथित यौन शोषण का CCTV फुटेज सामने आने का दावा किया गया था।
UN रिपोर्ट में क्या कहा गया?
यूनाइटेड नेशन्स जनरल सेक्रेटरी António Guterres के कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, UN ने पिछले साल गाजा और वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायली बलों द्वारा किए गए यौन हिंसा के कुल 31 मामलों की पुष्टि की है।
रिपोर्ट के मुताबिक:
-
13 मामले साल 2025 में दर्ज किए गए
-
18 मामले पिछले दो सालों के दौरान सामने आए
UN का कहना है कि ये केवल वे मामले हैं जिनकी पुष्टि की जा सकी। वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है।

इजरायल ने आरोपों को बताया झूठ
इजरायल ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यूनाइटेड नेशन्स में इजरायल के राजदूत Danny Danon ने UN जनरल सेक्रेटरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे एंटी यहूदी एजेंडा फैला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक गुटेरेस यूनाइटेड नेशन्स के प्रमुख बने रहेंगे, तब तक इजरायली मिशन उनके कार्यालय के साथ कोई आधिकारिक संपर्क नहीं रखेगा।
पीड़ितों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल
UN रिपोर्ट के मुताबिक सत्यापित 31 मामलों में कुल-
-
14 पुरुष
-
7 महिलाएं
-
9 लड़के
-
1 लड़की
पीड़ित के रूप में दर्ज किए गए हैं।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इजरायली सेना, पुलिस और जेल अधिकारियों द्वारा किए गए इन कथित अपराधों में:
-
बलात्कार (Rape)
-
सामूहिक बलात्कार (Gang Rape)
-
जबरन नग्न करना
-
जननांगों पर हिंसा
जैसी घटनाएं शामिल थीं।
जांच में सहयोग नहीं मिलने का आरोप
यूनाइटेड नेशन्स ने दावा किया कि इन मामलों की जांच करने की उसकी कोशिशों में इजरायली सरकार ने पर्याप्त सहयोग नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई बंदियों को कथित तौर पर धमकाया गया ताकि वे दुर्व्यवहार की घटनाओं की रिपोर्ट न कर सकें।
हमास पर भी पहले लग चुके हैं ऐसे आरोप
UN ने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल उसकी Conflict-Related Sexual Violence रिपोर्ट में Hamas को भी शामिल किया गया था। यूनाइटेड नेशन्स के मुताबिक, गाजा से रिहा हुए 12 पूर्व बंधकों ने हमास के अपहरणकर्ताओं पर यौन हिंसा के आरोप लगाए थे। हालांकि, UN उन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका क्योंकि जांच टीमों को पर्याप्त पहुंच नहीं मिली।
सेडे टेइमैन सेंटर का मामला क्यों बना चर्चा का विषय?
सबसे ज्यादा चर्चा उस मामले की हुई जिसमें सेडे टेइमैन डिटेंशन सेंटर में गाजा के एक बंदी के कथित यौन शोषण का CCTV फुटेज सामने आने की बात कही गई। रिपोर्टों के मुताबिक, बाद में जिस डॉक्टर ने उस बंदी की जांच की, उसने उसके शरीर पर ऐसे घाव पाए जो कथित यौन हिंसा के दावों के अनुरूप बताए गए। इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा हुई, लेकिन मार्च 2026 में इजरायल के शीर्ष सैन्य वकील ने संबंधित गार्डों के खिलाफ आरोप हटा दिए।
BBC रिपोर्ट में भी सामने आए आरोप
दिसंबर 2025 में दो फिलिस्तीनी पुरुषों ने BBC को बताया था कि इजरायली हिरासत केंद्रों में कैद रहने के दौरान उन्हें यौन दुर्व्यवहार और यातना का सामना करना पड़ा। हालांकि उस समय इजरायल जेल सेवा ने कहा था कि वह पूरी तरह कानून के मुताबिक काम करती है और उसे ऐसे आरोपों की जानकारी नहीं है।
UN यातना विरोधी समिति ने भी जताई चिंता
नवंबर में यूनाइटेड नेशन्स की यातना विरोधी समिति (Committee Against Torture) ने भी अपनी रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई थी। समिति ने कहा था कि उसे ऐसी रिपोर्टें मिली हैं जो इजरायली जेलों में फिलिस्तीनी बंदियों के खिलाफ "व्यापक और संगठित दुर्व्यवहार" की ओर संकेत करती हैं।समिति के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमलों के बाद ऐसे आरोपों में तेजी आई है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पर भी हुआ विवाद
हाल ही में The New York Times की एक रिपोर्ट, जो 14 कथित फिलिस्तीनी पीड़ितों की गवाहियों पर आधारित थी, लिहाजा इस रिपोर्ट ने भी बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। इसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने संयुक्त बयान जारी कर अखबार पर मानहानि का मुकदमा करने की घोषणा की। दोनों नेताओं ने रिपोर्ट को "इजरायल के खिलाफ प्रकाशित सबसे विकृत और झूठी रिपोर्टों में से एक" बताया। यहां तक कि गाजा युद्ध के दौरान कई मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि सैनिकों द्वारा किए गए कथित अपराधों में जवाबदेही की कमी दिखाई देती है।
इजरायली सेना ने क्या कहा?
इजरायली सेना ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने सैनिकों से जुड़े हर गंभीर मामले की जांच करती है। सेना का कहना है कि जब किसी अपराध का उचित संदेह होता है, तब वह इजरायली और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आपराधिक जांच शुरू करती है।
पहली बार रूस भी UN की ब्लैक लिस्ट में शामिल
इस रिपोर्ट में पहली बार रूसी सशस्त्र बलों और सुरक्षा एजेंसियों को भी ब्लैक लिस्ट में डाला गया है। UN के मुताबिक, Russia और उसके कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में युद्ध के दौरान यौन हिंसा के 310 मामलों की पहचान की गई। इन मामलों में 280 पुरुष, 26 महिलाएं और 4 लड़कियां के साथ गलत काम का दावा किया गया। रिपोर्ट में बलात्कार और जननांगों को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।
-
-















Click it and Unblock the Notifications