Twisha Sharma Case: 'ट्विशा ने खुद कराया गर्भपात, पिता हो सकते हैं मौत की वजह', रिटायर्ट जज सास का बड़ा आरोप
Twisha Sharma Case: नोएडा की 33 साल की मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का राज गहराता जा रहा है, उसके मां-बाप ने जहां ससुरालवालों पर दहेज मांगने और उसे मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है वहीं दूसरी ओर उसकी सास गिरिबाला सिंह, जो कि रिटायर्ड जज हैं, ने ट्विशा को मानसिक रोगी बताया है।
उनको तो कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है लेकिन उनके बेटे और ट्विशा के पति समर्थ सिंह को बेल नही मिल पाई है, जिसके बाद सोमवार शाम गिरिबाला सिंह मीडिया के सामने आईं और उन्होंने ट्विशा की मौत की कहानी में एक नया ट्विस्ट पैदा कर दिया है।

गिरिबाला सिंह ने पहले तो अपनी बहू की मौत पर दुख जताया क्योंकि उन्होंने कहा कि 'वो हमारे परिवार का हिस्सा थी 'लेकिन उसके बाद जो उन्होंने कहा वो काफी हैरान कर देने वाला था। उन्होंने कहा कि 'ट्विशा सिजोफ्रेनिया की मरीज थी और उसका इलाज चल रहा था, वो काउंसलिंग हेल्फ ले रही थी जिसकी वजह से वो कभी तो नार्मल रहती थी और कभी एकदम से अजीब बर्ताव करने लगती थी।'

उन्होंने कहा कि 'शादी के बाद हमें पता चला था कि वो उसे ड्रग्स की आदत थी। उसने अपनी इच्छा से गर्भपात करवाया था। हम तो बच्चे के आने की खुशी भी नही मना पाए थे कि उसने कहा कि वो ये बच्चा नहीं चाहती है लेकिन हम उसकी मेंटल हेल्थ को समझ रहे थे इसलिए हमने उसके फैसले में साथ दिया लेकिन उसने सब बर्बाद कर दिया।'
'ट्विशा ने खुद कराया गर्भपात, सिजोफ्रेनिया की मरीज थी'
गिरिबाला सिंह ने कहा कि 'जब ट्विशा ने एमटीपी का पहला कोर्स शुरू किया तो अगले ही दिन उसने कहा था कि वह इसे वापस कराना चाहती है, लेकिन ऐसा संभव नहीं था। 33 साल की उम्र में परिवार में पहला बच्चा आने की खुशी होती है लेकिन परिवार वह खुशी महसूस भी नहीं कर पाया।' गिरिबाला सिंह ने बताया कि '7 मई को ट्विशा ने गर्भपात की गोली ली थी और पूरी प्रक्रिया के दौरान परिवार ने उसका साथ दिया था।'
'ट्विशा ने भारी मात्रा में गांजा का किया था सेवन'
उन्होंने कहा कि 'वो पिछले महीने मायके गई थी और वो जब यहां यानी कि भोपाल आई तो उसने कहा कि अपनी प्रेग्नेंसी खत्म करना चाहती थी और उसने भारी मात्रा में गांजा लेने की बात कबूल की थी, उस दौरान एक काउंसलिंग सेशन भी हुआ था, हालांकि, मैं इस मामले पर कोई बहुत ज़्यादा तकनीकी बयान नहीं दे सकती, क्योंकि वह सिजोफ्रेनिया की दवाएं ले रही थी।'

'ट्विशा केस में सास का बड़ा दावा, पिता पर भी उठाए सवाल'
गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि 'शादी के बाद ट्विशा के माता-पिता उनसे दूर रहे और पांच महीने तक मिलने नहीं आए, हमने जानबूझकर उसके पिता को नहीं बुलाया, उनकी पर्सनैलिटी बहुत अजीब है। लगभग बीस सालों से, वह फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं, खास तौर पर कज़ाकिस्तान और उज़्बेकिस्तान में, वह शायद कई चीज़ों का ज़रिया हो सकता है।'
पिता की वजह से तनाव में थी Twisha Sharma!
'मुझे लगता है कि वे उसकी हर चीज से पैसे कमा रहे थे लेकिन मामला अभी कोर्ट में है। इसलिए हम अभी कुछ कह नहीं रहे लेकिन उसकी मौत की वजह पिता हो सकते हैं, हो सकता है कि वो उनकी वजह से ही तनाव में थी।'

गिरिबाला सिंह ने कहा कि '5 महीनों के अंदर ही मुझे एहसास हो गया था कि उसके विचार काफी खुले थे, 17 तारीख को, जैसे ही उसे अपनी प्रेग्नेंसी कन्फर्म हुई, उसका पूरा बर्ताव ही बदल गया, उसने साफ कह दिया कि वह इस बच्चे को नहीं रखना चाहती, उसी शाम, जब मैं ऑफिस से घर लौटी, तो मैंने देखा कि उसकी हालत बहुत खराब थी, वह खुद को शारीरिक तौर पर मार रही थी। वह लगातार चिल्ला रही थी कि 'मैं ऐसे और नहीं जी सकती!' मैंने उससे कहा, 'अगर तुम सच में जाना चाहती हो, तो हम कल के लिए तुम्हारा टिकट बुक करवा सकते हैं ताकि तुम इज्ज़त के साथ जा सको' हमें नहीं पता कि वह रात में कहां गई थी, मैंने उसकी मां से भी पूछा। उसने भी कहा कि उसे इस बारे में कुछ नहीं पता, वह पूरी तरह अपनी मनमर्ज़ी से चलती थी, ऐसे कदम उठाती थी जो पूरी तरह से लापरवाह और जल्दबाज़ी वाले होते हैं, उस घटना के बाद, उसकी मां 23 तारीख को यहां आई। वह रुकी भी नहीं; उसने बस इतना कहा कि वह 30 तारीख को वापस आएगी जब समर्थ आ जाएगा, 30 तारीख को, वह वापस आई और एक बार फिर MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ़ प्रेग्नेंसी) करवाने के लिए अस्पताल जाने की ज़िद करने लगी।'

'समर्थ पेश होगा लेकिन उसे आजादी की रक्षा का पूरा हक'
'समर्थ के बारे में बात करें तो, लड़के अक्सर अपने जज़्बात आंसुओं के ज़रिए ज़ाहिर नहीं कर पाते, मेरा बेटा इसलिए परेशान है क्योंकि शुरू से ही उसका बर्ताव ऐसा ही था, उसने कोशिश की लेकिन सुधार का कोई नामो-निशान नहीं था, उनके बीच कोई बड़ी लड़ाई नहीं हुई थी लेकिन इस MTP के बाद, मन में एक तरह की बेचैनी तो आ ही जाती है, उसकी ज़िद और इस बात पर अड़े रहना कि 'तुम मुझे कंट्रोल नहीं कर सकते', अगर किसी के मन में दो अलग-अलग आवाज़ें चल रही हों, तो आप क्या नतीजा निकालेंगे? समर्थ पेश होगा हालांकि, उसे अपनी आज़ादी की रक्षा करने का भी पूरा हक है, यह असल में एक ऐसा मामला है जिसे खारिज कर दिया जाना चाहिए और जिसमें असल में हमें लोगों की हमदर्दी मिलनी चाहिए। ज़ाहिर है, वह अपने अधिकारों का पूरी तरह से इस्तेमाल करेगा, और उसका वकील बिना किसी शक के उसकी तरफ से मज़बूती से पैरवी करने की पूरी कोशिश करेगा।'
ट्विशा ने अवसाद और मनोवैज्ञानिक विकारों के कारण आत्महत्या की?
आपको बता दें कि अदालती कार्यवाही में, अभियोजन पक्ष के वकीलों ने बचाव पक्ष के उस तर्क को दृढ़ता से खारिज किया कि ट्विशा ने चिंता, अवसाद और मनोवैज्ञानिक विकारों के कारण आत्महत्या की। उसने तर्क दिया है कि, यदि ये दावे सच भी थे, तो जांचकर्ताओं को पता लगाना होगा कि 'एक खुशमिजाज लड़की शादी के कुछ महीनों के अंदर ही डिप्रेशन में कैसे चली गई, यह यातना के कारण ही हुआ होगा।'
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