US Attacks Iran: ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिकी सेना ने किया हमला, धमाकों से दहला सिरिक, मीनाब और बंदर अब्बास
US Attacks Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर के गिराए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया था और अब अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों में नए हवाई हमले किए हैं। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच चल रहे नाजुक युद्धविराम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप के आदेश पर शुरू हुई कार्रवाई
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि मंगलवार शाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा के तहत हवाई हमले शुरू किए गए। सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में की गई है और इसे "अनुचित ईरानी आक्रामकता" के खिलाफ संतुलित प्रतिक्रिया बताया गया है।

अब्बास समेत तीन ईरानी इलाकों में किया धमाका
ईरानी समाचार एजेंसियों मेहर और फार्स के मुताबिक, होरमोजगान प्रांत के कई क्षेत्रों-कूहेस्तक, सीरिक, मिनाब और बंदर अब्बास-में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले का सटीक निशाना कौन सा क्षेत्र था।
आखिर अमेरिका ने क्यों किया हमला?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान के एक वन-वे अटैक ड्रोन ने अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया। ट्रंप ने कहा कि हेलिकॉप्टर होरमुज जलडमरूमध्य के ऊपर गश्त कर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना के अनुसार हेलिकॉप्टर में सवार दोनों क्रू मेंबर्स को समुद्री ड्रोन की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया और उनकी हालत स्थिर है।
सीजफायर की उड़ी धज्जियां
अपाचे हेलिकॉप्टर की घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पुराना युद्धविराम खतरे में पड़ गया है। इससे एक दिन पहले ही ईरान और इजरायल के बीच भी सीजफायर के बाद पहली बार गोलीबारी हुई थी। ऐसे में ताजा अमेरिकी हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
ईरान ने हमले के आरोपों से किया किनारा
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य अमेरिका की सीमा से हजारों मील दूर है और इस क्षेत्र में मौजूद विदेशी सेनाएं खुद जोखिम उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि खतरा कम करना है तो विदेशी सैन्य बलों को क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजम ने अल जजीरा से बात करते हुए गरीबाबादी ने दावा किया कि अपाचे हेलिकॉप्टर को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था।













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