Twisha Sharma जैसा होता सपना चौधरी का हाल? ससुराल में मिलती मौत? जानें कोर्ट में पेश ऑडियो रिकॉर्डिंग का सच
Sapna Choudhary: हरियाणवी डांसर और सिंगर सपना चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार वजह उनका कोई स्टेज शो या नया गाना नहीं बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा कानूनी मामला है। दिल्ली की एक अदालत ने सपना चौधरी को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके पति वीर साहू के खिलाफ सख्त आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक पति को सपना चौधरी से किसी भी तरह का संपर्क करने और उनके आसपास जाने से रोक दिया है।
घरेलू हिंसा कानून के तहत कोर्ट ने दिया संरक्षण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार द्वारका कोर्ट्स की महिला अदालत में सुनवाई के दौरान सिंगर सपना चौधरी की ओर से पेश की गई दलीलों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ये अंतरिम आदेश पारित किया। मामला घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। अदालत ने शुरुआती तौर पर पेश किए गए दस्तावेजों और आरोपों को गंभीर मानते हुए माना कि याचिकाकर्ता को तत्काल सुरक्षा की जरूरत है। इसी आधार पर कोर्ट ने प्रतिवादी के खिलाफ कई तरह की पाबंदियां लागू कर दी हैं।

पति वीर का घर छोड़ मायके में रह रही हैं सपना चौधरी
-सुनवाई के दौरान सपना चौधरी की ओर से अदालत को बताया गया कि वह कथित तौर पर पति वीर साहू के गंदे बर्ताव से परेशान होकर अपना ससुराल छोड़ चुकी हैं। फिलहाल वह नजफगढ़ स्थित अपने मायके में रह रही हैं।
-याचिका में दावा किया गया कि लगातार तनाव और कथित घरेलू हिंसा की वजह से सपना चौधरी को अलग रहने का फैसला लेना पड़ा था। सपना की ओर से अदालत में दाखिल हलफनामे में शादी से जुड़ी जानकारी भी दी गई जबकि बाकी दस्तावेज अगली तारीख पर पेश किए जाएंगे।
फिल्म 'मोमाकु' के प्रीमियर को लेकर बढ़ी थी चिंता
-मामले ने उस वक्त और गंभीर मोड़ ले लिया जब अदालत को बताया गया कि सपना चौधरी को आज यानी 10 जून 2026 को अपनी फिल्म मोमाकु के प्रीमियर में शामिल होना था। सपना की ओर से आशंका जताई गई थी कि उनके पति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं या उन्हें सार्वजनिक रूप से परेशान किया जा सकता है।
-वकील ने कोर्ट से कहा कि ऐसी स्थिति सपना चौधरी की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी प्रोफेशनल छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसी वजह से तत्काल सुरक्षा आदेश की मांग की गई थी।
तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में पेश
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने कई अहम सबूत भी पेश किए गए। इनमें कथित चोटों से जुड़ी तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्डिंग वाली पेन ड्राइव शामिल थी। कोर्ट ने इन चीजों का अवलोकन करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया मामला जांच योग्य है। इसके बाद अदालत ने प्रतिवादी को सपना चौधरी के घर, ऑफिस, कार्यस्थल और फिल्म प्रीमियर जैसी सार्वजनिक जगहों के आसपास जाने से रोक दिया। साथ ही किसी भी माध्यम से संपर्क करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया।
SHO और प्रोटेक्शन ऑफिसर को दिए गए निर्देश
कोर्ट ने स्थानीय SHO और प्रोटेक्शन ऑफिसर को आदेश दिया कि वह इस फैसले का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। जरूरत पड़ने पर सपना चौधरी को सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रोटेक्शन ऑफिसर को अदालत के आदेश की कॉपी प्रतिवादी तक पहुंचाने और घरेलू घटना रिपोर्ट (DIR) दाखिल करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
25 जुलाई 2026 को होगी अगली सुनवाई
-अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई 2026 को होगी। तब तक अदालत का अंतरिम सुरक्षा आदेश प्रभावी रहेगा। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की ओर से और भी दस्तावेज और दलीलें पेश की जा सकती हैं।
-सपना चौधरी को मिला ये कानूनी संरक्षण फिलहाल उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। मामला अब सिर्फ निजी विवाद तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि ये हाई-प्रोफाइल घरेलू हिंसा केस के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में अदालत की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।













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