'मैंने श्मशान घाट पर पड़ा खाना खाया', Shri Krishna के शकुनि मामा की दर्दनाक हालत, गंभीर बीमारी ने तोड़ा शरीर
Shri Krishna Shakuni Mama JP Sharma: भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामानंद सागर के धारावाहिकों का एक अलग ही स्थान रहा है। जिस तरह 'रामायण' ने अपने कलाकारों को अमर बना दिया था, उसी तरह 'श्री कृष्णा' ने भी कई कलाकारों को घर-घर पहचान दिलाई। इस शो में भगवान कृष्ण से लेकर राधा, यशोदा और महाभारत के पात्रों तक सभी किरदारों को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया। इन्हीं में एक नाम था शकुनि मामा का, जिसे एक्टर जेपी शर्मा ने निभाया था।
'शकुनि मामा' जेपी शर्मा की दर्दनाक कहानी
आज भले ही जेपी शर्मा ग्लैमर की दुनिया से दूर हों लेकिन एक समय ऐसा था जब उनके निभाए इस किरदार ने उन्हें लाखों दर्शकों के बीच पॉपुलर बना दिया था। हालांकि उनकी निजी जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।

एक बीमारी ने बदल दी पूरी जिंदगी
-आपको बता दें कि जेपी शर्मा मूल रूप से राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं। बचपन आर्थिक तंगी में बीता और परिवार ने कई मुश्किलों का सामना किया लेकिन उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती तब सामने आई जब महज एक साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया था।
-पोलियो के कारण एक्टर का चलना-फिरना प्रभावित हो गया था। यंग ऐज तक वह इस बीमारी से जूझते रहे। उनकी चाल सामान्य बच्चों जैसी नहीं थी, जिसकी वजह से अक्सर लोग उनका मजाक उड़ाते थे लेकिन यही कमजोरी आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई।
जेपी शर्मा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके गांव में लोग बी.आर. चोपड़ा की 'महाभारत' बड़े चाव से देखते थे। जब गांव के लोगों ने उन्हें शकुनि मामा के किरदार से जोड़ते हुए कहा कि उनकी चाल भी कुछ वैसी ही है, तो पहली बार उनके मन में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का विचार आया। यहीं से उन्होंने सपने देखने शुरू किए और एक दिन एक्टर बनने की उम्मीद लेकर मुंबई पहुंच गए।
किस्मत ने दिलाया 'शकुनि मामा' का रोल
-मुंबई आने के बाद जेपी शर्मा ने एक्टिंग की दुनिया में जगह बनाने के लिए संघर्ष शुरू किया। उनके मन में एक ही ख्वाहिश थी कि अगर कभी मौका मिला तो वह शकुनि मामा का किरदार जरूर निभाएंगे। कहते हैं कि किस्मत मेहनत करने वालों का साथ देती है।
-'श्री कृष्णा' के लिए कलाकारों की तलाश के दौरान जेपी शर्मा बड़ौदा बुलाया गया, जहां शो के महाभारत वाले हिस्से की शूटिंग चल रही थी। वहीं उनका ऑडिशन हुआ और उन्हें शकुनि मामा के रोल के लिए चुन लिया गया। ये मौका उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
स्कूल में सहा अपमान, बच्चों ने किया परेशान
एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले जेपी शर्मा का बचपन बेहद कठिनाइयों में गुजरा था। पोलियो की वजह से स्कूल में कई बच्चे उनका मजाक बनाते थे। शुरुआत में उनकी बहन उनका सहारा बनी रहती थीं लेकिन बाद में दोनों के स्कूल अलग हो गए। इसके बाद उन्हें लगातार तानों और परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बार सहपाठी उनका टिफिन छीन लेते, धक्का देकर गिरा देते या उनका मजाक उड़ाते। इन घटनाओं ने उनके आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी।
जब श्मशान घाट बना एक्टर का सहारा
जेपी शर्मा की जिंदगी का ये अध्याय बेहद भावुक कर देने वाला है। उन्होंने बताया था कि कई बार हालात इतने कठिन हो जाते थे कि वह घर जाने की बजाय रास्ते में पड़ने वाले श्मशान घाट में चले जाते थे। आर्थिक तंगी के कारण परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी आसान नहीं था। ऐसे में उन्होंने कई बार श्मशान घाट पर पड़े खाने से पेट भरने की कोशिश की। ये दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था, जिसने उन्हें भीतर से मजबूत बनाया था।
योग और आत्मविश्वास ने बदली तकदीर
कठिन परिस्थितियों के बावजूद जेपी शर्मा ने हार नहीं मानी। उन्होंने नियमित रूप से योग और प्राणायाम करना शुरू किया। बताया जाता है कि करीब4 साल तक लगातार प्रैक्टिस करने के बाद उनकी शारीरिक स्थिति में काफी सुधार आया। इसके बाद उन्होंने गांव में होने वाली रामलीलाओं में एक्टिंग करना शुरू किया और यहीं से उनका आत्मविश्वास लौटने लगा। धीरे-धीरे अभिनय उनके जीवन का लक्ष्य बन गया।
एक्टिंग छोड़ अब नया काम कर रहे हैं जेपी शर्मा
टेलीविजन की दुनिया में पहचान बनाने के बाद जेपी शर्मा ने अब एक्टिंग से दूरी बना ली। आज वह एक सफल मोटिवेशनल स्पीकर, नेटवर्क मार्केटिंग लीडर और डायरेक्ट सेलिंग कोच के रूप में काम कर रहे हैं। इसके अलावा वह युवाओं को प्रेरित करने और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कई मंचों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका जीवन आज उन लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ते।
'श्री कृष्णा' के अलावा इन सीरियल्स में नजर आए जेपी शर्मा
'श्री कृष्णा' में शकुनि मामा का किरदार निभाने के बाद जेपी शर्मा ने कई अन्य टीवी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया। उन्होंने लोकप्रिय धारावाहिक 'आंखें' में नेगेटिव रोल निभाया था। इसके अलावा 'पृथ्वीराज चौहान', 'बचके रहना रे', 'टिंबा रूचा' और अन्य कई शो का हिस्सा रहे। हालांकि दर्शकों के दिलों में उनकी सबसे मजबूत पहचान आज भी 'श्री कृष्णा' के चालाक और कुटिल शकुनि मामा के रूप में ही बनी हुई है।
जेपी शर्मा के सपनों को नहीं रोक पाई कठिन जिंदगी
जेपी शर्मा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि जिंदगी की सबसे बड़ी मुश्किलें भी इंसान के सपनों को नहीं रोक सकतीं। पोलियो, गरीबी, तानों और संघर्षों से भरे बचपन से निकलकर उन्होंने टीवी की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। भले ही आज वह कैमरों की चकाचौंध से दूर हैं लेकिन उनकी संघर्ष गाथा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।













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