UP वालों के लिए अलर्ट, अगले 48 घंटे आसमान से बरसेगी आग! कब होगी बारिश? IMD ने दिया अपडेट
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूरे राज्य में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। सूरज के तल्ख तेवरों और चिलचिलाती धूप ने आम जनजीवन को पूरी तरह से बेहाल कर दिया है। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण सुबह होते ही तीखी धूप लोगों को झुलसाने लगती है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।
उत्तर प्रदेश में शनिवार से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। गुरुवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसके मुताबिक, अगले 48 घंटों के दौरान लखनऊ और आसपास के जिलों में भीषण लू (Heat Wave) चलने की आशंका है, जिससे गर्मी का प्रकोप और ज्यादा बढ़ेगा।

UP Weather: चिलचिलाती धूप से जनजीवन बेहाल
भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण राहगीरों, दिहाड़ी मजदूरों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय तापमान अपने चरम पर होने की वजह से बाजारों में भीड़ काफी कम देखी जा रही है। लोग बहुत जरूरी होने पर ही पूरी तरह से खुद को ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं। प्यास बुझाने और राहत पाने के लिए लोग सड़कों पर लगे ठंडे पानी के प्याऊ और शीतल पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
18 मई से बारिश के आसार
भले ही अगले दो दिन लखनऊ वासियों को भीषण गर्मी में तपने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, लेकिन इसके बाद एक बड़ी राहत मिलने वाली है। हालांकि कुछ इलाकों में आसमान में काले बादल छाने और तेज हवाएं चलने से मामूली राहत मिल रही है, लेकिन लोगों को असली इंतजार मानसूनी फुहारों का है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तपन से निजात दिलाने के लिए 18 मई से बारिश के आसार बन रहे हैं, जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
बिजली गिरने की घटनाओं से बचाएगा यह खास एप
प्री-मानसून और मानसून के सीजन में अक्सर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (Vajrapat) की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे भारी जान-माल का नुकसान होता है। इस जनहानि को रोकने के लिए मौसम विभाग ने 'दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप' (Damini App) विकसित किया है। यह एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की लाइव निगरानी करता है।
यह एप उपयोगकर्ता की जीपीएस (GPS) लोकेशन के आधार पर काम करता है और यदि आपके 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की कोई भी संभावना होती है, तो यह तुरंत आपके मोबाइल पर अलर्ट भेज देता है, जिससे समय रहते सुरक्षित स्थान पर जाया जा सकता है।
UP में विनाशकारी तूफान का तांडव
इस भीषण गर्मी के बीच बीते बुधवार को उत्तर प्रदेश में आए विनाशकारी तूफान और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है, जिसने हालिया इतिहास के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली और प्रयागराज में 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली चक्रवात जैसी हवाओं और आकाशीय बिजली के कारण राज्य के अलग-अलग जिलों में 117 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 79 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
इस खौफनाक आपदा में सबसे ज्यादा मौतें तेज हवाओं के कारण मकान और दीवारें गिरने की वजह से हुईं। पूरे प्रदेश में 330 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और 177 बेजुबान पशुओं की भी जान चली गई। प्रयागराज, संत रविदास नगर और सोनभद्र इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित जिले रहे हैं।
क्यों इतना खतरनाक था यह तूफान?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान के इतना विकराल होने के पीछे तीव्र गर्मी और बंगाल की खाड़ी से आई नमी का खतरनाक टकराव था। पूर्वी और पश्चिमी हवाओं के आपस में भिड़ने और हरियाणा व उत्तर-पश्चिमी यूपी के ऊपर एक्टिव ऊपरी वायु चक्रवाती सर्कुलेशन ने इसे चक्रवात जैसी ऊर्जा दे दी। हालांकि, आईएमडी के लखनऊ केंद्र ने डॉप्लर वेदर रडार और सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए इसकी लगातार निगरानी की थी। पहले 60 KMPH की हवाओं के लिए 'येलो अलर्ट' जारी हुआ था, जिसे बाद में बढ़ाकर 'ऑरेंज' और फिर 'रेड अलर्ट' किया गया था। प्रशासन को हर तीन घंटे में अपडेट भेजने के साथ ही 'सचेत' (SACHET) सिस्टम के जरिए लाखों लोगों को एसएमएस (SMS) अलर्ट भी भेजे गए थे।













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