UP: 7 पिचें, 30000 क्षमता और G+2 डिजाइन! गोरखपुर में बनने जा रहा हाईटेक स्टेडियम, खूबियां उड़ा देंगी होश
Gorakhpur International Cricket Stadium: उत्तर प्रदेश के खेल जगत और खासकर पूर्वांचल के खेल प्रेमियों के लिए आज 16 मई 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एक बेहद भव्य और अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया। गोरखपुर के बेलीपार स्थित वाराणसी हाईवे (ताल नदौर) पर बनने वाला यह शानदार स्टेडियम लगभग ₹393 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार किया जाएगा।
समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहे।गोरखपुर का यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे पसंदीदा और ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है।

कानपुर, लखनऊ और वाराणसी के बाद गोरखपुर उत्तर प्रदेश का ऐसा चौथा शहर बनने जा रहा है, जिसके पास अपना खुद का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा। आइए जानतें हैं इस वर्ल्ड-क्लास स्टेडियम में दर्शकों और खिलाड़ियों के लिए क्या-क्या खास खूबियां होने जा रही हैं...
कब तक तैयार होगा स्टेडियम?
प्रशासन ने इस मेगा प्रोजेक्ट को दिसंबर 2027 (23 दिसंबर 2027) तक पूरी तरह से तैयार करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, औपचारिक शिलान्यास से पहले ही इसका काम शुरू हो चुका है और सरकार द्वारा ₹63.39 करोड़ की पहली किस्त भी जारी की जा चुकी है, जिससे लगभग 7 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका है।
विशाल क्षेत्रफल और ग्राउंड प्लस टू (G+2) का धांसू डिजाइन
यह स्टेडियम लगभग 46 से 48 एकड़ के विशाल भूभाग पर फैला होगा। इसके आर्किटेक्चर की बात करें तो इसे आधुनिक 'ग्राउंड प्लस टू फ्लोर' (G+2) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। इसका मतलब है कि स्टेडियम मुख्य मैदान के अलावा दो मंजिला ऊंचा होगा, जिससे मैच के दौरान दर्शकों को बैठने और स्टेडियम के भीतर आवाजाही करने में विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा।
30,000 दर्शक क्षमता और ईस्ट-वेस्ट स्टैंड का गणित
इस भव्य स्टेडियम में एक साथ 30,000 दर्शक बैठकर चौके-छक्कों का आनंद ले सकेंगे। दर्शकों के बैठने की व्यवस्था को बेहद सुनियोजित तरीके से बांटा गया है। स्टेडियम के पूर्वी (Eastern) और पश्चिमी (Western) स्टैंड्स में जबरदस्त क्षमता दी गई है, जहां प्रत्येक स्टैंड में 14,490 दर्शकों (कुल मिलाकर करीब 29,000) के बैठने की उत्तम व्यवस्था की गई है, ताकि मैदान का हर कोना आसानी से दिखाई दे।
7 मुख्य पिचें, 4 प्रैक्टिस पिच
खिलाड़ियों की सहूलियत और अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए इस स्टेडियम के मुख्य मैदान पर 7 प्लेइंग पिचें तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा, मुख्य मैचों से पहले खिलाड़ियों को अभ्यास करने के लिए अलग से 4 प्रैक्टिस पिचें भी बनाई जाएंगी।
डे-नाइट मैचों के लिए फ्लडलाइट्स
सबसे बड़ी बात यह है कि यहाँ डे-नाइट (दिन-रात) मैचों के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की 4 हाई मास्ट फ्लडलाइट्स लगाई जा रही हैं, जो रात के समय मैदान को दिन की तरह रोशन कर देंगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रेसिंग रूम भी बनाए जाएंगे।
VVIP मेहमानों और मीडियाकर्मियों के लिए आलीशान पैवेलियन
स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ पैवेलियन को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसके नॉर्थ पैवेलियन में 208 वीआईपी (VIP) और 382 मीडियाकर्मियों के बैठने की आधुनिक कॉर्पोरेट व्यवस्था होगी, जिससे मीडिया बिना किसी बाधा के मैच की लाइव रिपोर्टिंग कर सके। वहीं, इसके साउथ पैवेलियन में वीवीआईपी (VVIP) और वीआईपी मेहमानों के लिए बेहद आलीशान व्यवस्था की जा रही है, जिसमें कुल 1,708 सीटें आरक्षित रहेंगी।
पेट्रोलियम कंपनियों का ₹100 करोड़ का बड़ा योगदान
इस स्टेडियम के निर्माण में देश की दिग्गज सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने भी अपना बड़ा योगदान दिया है। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत कुल ₹100 करोड़ की राशि इस स्टेडियम के लिए दी जा रही है, जिसका एमओयू (MoU) साइन हो चुका है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) का है जो ₹60 करोड़ दे रही है, जबकि भारत पेट्रोलियम (BPCL) ₹30 करोड़ और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ₹10 करोड़ का योगदान दे रही हैं।
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से बेहद नजदीक
इस स्टेडियम की लोकेशन (ताल नदौर, बेलीपार) ऐसी चुनी गई है कि बाहरी शहरों से आने वाले खिलाड़ियों और दर्शकों को कोई परेशानी न हो। यह स्थान सीधे गोरखपुर-वाराणसी फोर-लेन हाईवे से जुड़ा हुआ है। यातायात की दृष्टि से देखें तो यह स्टेडियम गोरखपुर एयरपोर्ट से महज 24 किलोमीटर और गोरखपुर रेलवे स्टेशन से सिर्फ 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यहाँ पहुंचना बेहद आसान और सुगम होगा।













Click it and Unblock the Notifications