बिकरू कांड में शहीद सीओ की बेटी बनी ओएसडी, सिपाही के भाई को भी पुलिस में किया गया भर्ती
लखनऊ, 28 जुलाई। उत्तर प्रदेश में एक वर्ष पहले गैंगस्टर विकास सिंह को अरेस्ट करने के लिए बिकरू गांव में पुलिस ने दबिश दी थी जिसमें माफिया की ओर से किए गए जवाबी हमले में गोलियां चलाई गई और बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा शहीद हो गए थे। 2 जुलाई 2020 के एक साल बाद शहीद देवेंद्र मिश्रा की बड़ी बेटी वैष्णवी मिश्रा को विशेष कार्य अधिकारी ( ओएसडी) के पद पर तैनाती मिल गई है।

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बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ की बेटी वैष्णवी मिश्रा जहां ओएडी की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, वहीं इसी बिकरू कांड में एक सिपाही भी शहीद हुए थे उनके भाई ने भी खाकी पहन ली है। कानपुर कमिश्नरी में दोनों की तैनाती की गई है। अब दोनों ने ड्यूटी ज्वाइन करते हुए अपनी नौकरी आरंभ कर दी है।
बता दें दो जुलाई 2020 की देर रात पुलिस ने माफिया विकास दुबे को अरेस्ट करने के लिए बिकरू गांव में दबिश दी थी। विकास दुबे और उसके गैंग के लोगों ने पुलिस पर हमला कर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा को भी गोली लगी थी और उनकी मौत हो गई थी। सीओ की बेटी वैष्णवी ने ओएसडी पोस्ट के लिए अप्लाई किया था और अब एक साल चली लंबी प्रक्रिया के बाद अब वैष्णवी को ओएडी पद पर नियुक्ति मिल चुकी है
वैष्णवी मिश्रा की तैनाती पुलिस मुख्यालय में की गई थी लेकिन अब उनका तबादला कानपुर कमिश्नरी में कर दिया गया है जहां उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है। फिलहाल अधिकारी उनको ट्रेनिंग दे रहे है।
इस कांड में शहीद हुए फतेहाबाद थाना क्षेत्र के नगला लोहिया गांव निवासी सिपाही बबलू कुमार जिनकी तैनाती उस समय बिठूर थाने में थी। उसके छोटे भाई उमेश ने आवेदन किया था। जिसके बाद फिजिकल और मेडिकल परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उमेश को पुलिस में भर्ती किया गया और कानपुर पुलिस लाइन में तैनात किया गया है।
वहीं बिकरू कांड में दो दरोगा और एक सिपाही जो शहीद हुए थे उनकी पत्नियों ने दरोगा पद के लिए अप्लीकेशन दी है। आवेदन देने वाली ये पत्नियां दरोगा अनूप सिंह, दरोगा नेबूलाल और सिपाही राहुल कुमार की है। उनकी भर्ती संबंधी प्रक्रिया जारी है और जल्द उनकी ज्वाइन करवाया जाएगा। हालांकि इस कांड में शहीद हुए तीन अन्य पुलिसकर्मियों के परिजनों ने अभी आवेदन नहीं किया है। बता दें दबिश देने गई पुलिस 8 पुलिस कर्मियों की हत्या विकास गैंग ने की थी और उस समय भागने में कामयाब हो गए थे बाद में मध्यप्रदेश पुलिस ने उसे उज्जैन में बड़े नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया और कानपुर लाते समय एनकांउटर में विकास दूबे में मारा गया।












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