राजनीति में आने से पहले क्या करते थे निशांत? 50 साल के नीतीश के बेटे ने क्यों नहीं की शादी? अब बने मंत्री!
Nishant Kumar Profile: बिहार की सियासत में इन दिनों एक नया नाम तेजी से चर्चा में है -मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार। अब तक सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत अब बिहार के नए मंत्री बन गए हैं। पहले तो चर्चा उनके डिप्टी सीएम बनने की थी। लेकिन अब 7 मई को उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है।
निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में अब आ गए हैं। निशांत कुमार 08 मार्च को जदयू में शामिल हुए थे। ऐसे में आइए जानते हैं नीतीश कुमार के 50 वर्षीय बेटे निशांत कुमार के बारे में।

Nishant Kumar Political Entry: निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने की तैयारी
निशांत कुमार को हमेशा से शांत, गंभीर और लो-प्रोफाइल व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है। अपने पिता की तरह उन्होंने भी तकनीकी शिक्षा हासिल की है, लेकिन राजनीति की चमक-दमक से वे हमेशा दूर रहे।
मुख्यमंत्री का बेटा होने के बावजूद उन्होंने कभी सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। वे पटना में सादगी भरा जीवन जीते हैं और बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आते हैं। यही वजह है कि बिहार की राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर अचानक बढ़ी चर्चा लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रही है।
शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल रहते हैं निशांत कुमार (Who is Nishant Kumar)
निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को हुआ था। वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंजू सिन्हा के इकलौते बेटे हैं। उनकी मां मंजू सिन्हा पेशे से शिक्षिका थीं लेकिन 2007 में बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। मां के निधन के बाद निशांत का जीवन और भी ज्यादा निजी हो गया। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने लगे और अपने सीमित दायरे में ही रहना पसंद करते हैं। आज करीब 50 साल की उम्र में भी वे अविवाहित हैं।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई, लेकिन राजनीति से दूरी (Nishant Kumar Education)
निशांत कुमार पढ़ाई में हमेशा अच्छे छात्र माने जाते रहे हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा पटना के सेंट करेन स्कूल में हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेजा गया, जहां उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की।
स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड के रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। हालांकि इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्होंने राजनीति में दिलचस्पी नहीं दिखाई और एक शांत व निजी जीवन को ही प्राथमिकता दी।
50 साल की उम्र में भी निशांत कुमार अविवाहित क्यों? (Why Nishant Kumar Not Married)
निशांत कुमार की शादी को लेकर बिहार की राजनीति और समाज में अक्सर चर्चा होती रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे होने के बावजूद उन्होंने अब तक शादी नहीं की।
बताया जाता है कि निशांत को अध्यात्म और एकांत जीवन पसंद है। वे धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में समय बिताना पसंद करते हैं। इसी वजह से उन्होंने हमेशा एक सादा और शांत जीवन चुना।
राजनीतिक विरासत संभालने की बजाय उन्होंने अब तक निजी जीवन को प्राथमिकता दी, यही कारण है कि वे लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे। हालांकि उनकी शादी को लेकर सीएम नीतीश या खुद निशांत ने कभी बात नहीं की।

कितनी है निशांत कुमार की संपत्ति (Nishant Kumar Net Worth)
- निशांत कुमार अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कभी अपनी संपत्ति या कारोबार को लेकर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करोड़ों रुपये में आंकी जाती है, जिसमें मुख्य रूप से पारिवारिक संपत्ति और निवेश शामिल हैं।
- अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निशांत कुमार की कुल चल और अचल संपत्ति करीब 3.61 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनकी संपत्ति में बैंक बैलेंस, नकदी और विभिन्न निवेश शामिल हैं, जिनकी कीमत लगभग 1.63 करोड़ रुपये बताई जाती है। इसके अलावा बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट में भी उनकी करीब 1.28 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा बताई गई है।
- वहीं, अचल संपत्तियों की बात करें तो एक रिपोर्ट के अनुसार निशांत कुमार के पास लगभग 1.98 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें पैतृक कृषि योग्य जमीन और आवासीय भवन जैसी संपत्तियां शामिल हैं। बताया जाता है कि इस संपत्ति का बड़ा हिस्सा उन्हें उनकी दिवंगत मां मंजू सिन्हा के निधन के बाद विरासत के रूप में मिला है।
- दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुल संपत्ति लगभग 1.66 करोड़ रुपये बताई जाती है। ऐसे में संपत्ति के मामले में निशांत कुमार अपने पिता से भी आगे नजर आते हैं। उनके पास नालंदा जिले के कल्याण बिगहा स्थित पुश्तैनी घर और खेती की जमीन के साथ-साथ पटना और बख्तियारपुर में भी अचल संपत्तियां मौजूद हैं।
हालांकि उनके पास न तो कोई बड़ा व्यवसाय है और न ही अब तक कोई राजनीतिक पद रहा है। इसके बावजूद वे बिहार के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में से एक के उत्तराधिकारी माने जाते हैं।












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