Hyderabad 4.0 Plan: ₹24,500 करोड़ से बदलेगा ग्रेटर हैदराबाद का इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
Hyderabad 4.0 Plan: तेलंगाना सरकार ने ग्रेटर हैदराबाद को वर्ल्ड क्लास स्मार्ट और आधुनिक शहर बनाने के लिए बड़े निवेश का ऐलान किया है। करीब ₹24,500 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है। यह निवेश राज्य सरकार के 'हैदराबाद 4.0-नेक्स्ट जेनरेशन सिटी' विजन का अहम हिस्सा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के तेजी से बढ़ते विस्तार और ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करना है।
सरकार के इस मेगा प्लान में स्काईवे, एलिवेटेड कॉरिडोर, नई रिंग रोड, रेडियल रोड्स, ड्रेनेज सिस्टम और मेट्रो विस्तार जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनसे आने वाले सालों में शहर की कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Hyderabad 4.0 Plan: स्काईवे और एलिवेटेड कॉरिडोर से ट्रैफिक को राहत
- हैदराबाद के प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए कई स्काईवे और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इनमें पैराडाइज जंक्शन से डेयरी फार्म (NH-44) तक करीब 5.3 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है।
- इस कॉरिडोर की लागत लगभग ₹1,580 करोड़ है। यह कॉरिडोर उत्तर भारत की ओर जाने वाले ट्रैफिक को आसान बनाएगा।
इसके अलावा, सिकंदराबाद से शमीरपेट के बीच राजीव गांधी (करीमनगर) हाईवे पर भी एक बड़ा स्काईवे बनाने की योजना है।
Hyderabad 4.0: आउटर रिंग रोड के बाहर बनेगी सड़क
शहर के विस्तार को ध्यान में रखते हुए 340 किलोमीटर लंबी रीजनल रिंग रोड (RRR) के शुरुआती काम पर भी फोकस किया जा रहा है। यह सड़क मौजूदा आउटर रिंग रोड (ORR) के बाहर बनेगी और हैदराबाद को आसपास के जिलों से बेहतर तरीके से जोड़ेगी। शहर में बाढ़ की समस्या को कम करने के लिए ₹3,849 करोड़ से स्मार्ट ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
Hyderabad News: मुचेरला में बनेगी 'फ्यूचर सिटी'
सरकार मुचेरला (Mucherla) इलाके में एक नई 'फ्यूचर सिटी' विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। यहां वर्ल्ड-क्लास सड़कें, पावर ग्रिड और एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब विकसित किया जाएगा, जिससे हैदराबाद को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया केंद्र बनाने की कोशिश है।
रेडियल रोड्स और मेट्रो विस्तार
कोर सिटी और बाहरी इलाकों के बीच तेज कनेक्टिविटी के लिए 33 नई रेडियल रोड्स बनाई जाएंगी। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा समय 30-40 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही मेट्रो रेल फेज-2 के लिए जमीन अधिग्रहण पर भी काम हो रहा है, जिससे एयरपोर्ट और हाई-टेक सिटी के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद हैदराबाद न केवल ट्रैफिक और शहरी ढांचे की समस्याओं से काफी हद तक राहत पाएगा, बल्कि यह शहर अगली पीढ़ी का ग्लोबल टेक और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।












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