अब BCCI नहीं सरकार तय करेगी भारत-पाक मैच होंगे या नहीं! संसद में 'राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक' पेश
National Sports Governance Bill 2025: भारतीय खेल जगत में एक अहम मोड़ उस समय आया जब केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक' को लोकसभा में पेश किया। यह विधेयक न केवल खेल संघों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इसमें सरकार को असाधारण परिस्थितियों में खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को नियंत्रित करने का अधिकार भी दिया गया है।
बुधवार को लोकसभा में इस बिल को पेश किया गया, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल है। खासकर पाकिस्तान जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के साथ खेल संबंधों को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस को यह विधेयक स्पष्टता प्रदान करता है।

बिल में क्या है प्रावधान?
बिल के मुताबिक, अगर हालात बेहद खास या संवेदनशील हो जाएं, तो केंद्र सरकार ये तय कर सकेगी कि कौन-सी भारतीय टीम या खिलाड़ी किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले पाएगा और कौन नहीं। ये नियम खास तौर पर उस स्थिति को साफ करता है जब भारत और पाकिस्तान के बीच मैच खेलने को लेकर विवाद खड़ा हो जाता है। अब सरकार को पूरा हक होगा कि वो "राष्ट्रीय हित" को ध्यान में रखते हुए खेल से जुड़े ऐसे फैसले ले सके। यह विधेयक तभी कानून बनेगा जब इसे संसद के दोनों सदनों से पारित कर राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाएगी।
भारत 2036 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए प्रयासरत
इस वर्ष अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए, के बाद भारत-पाक संबंध और बिगड़ गए। हालांकि, भारत ने अंतरराष्ट्रीय दवाब और ओलंपिक चार्टर के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान को आगामी हॉकी एशिया कप और जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप में भाग लेने की अनुमति दी है।
भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी प्रयासरत है, और इसके लिए ओलंपिक चार्टर का पालन अनिवार्य है, जो राजनीतिक आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं देता।
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केंद्र सरकार खेल महासंघों को जरूरी परामर्श देगी
केंद्र सरकार को राष्ट्रीय खेल महासंघों की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों की संख्या (वर्तमान में 15) जैसी शर्तों में छूट देने का अधिकार भी होगा। यदि किसी अंतरराष्ट्रीय खेल संस्था के नियम विधेयक के प्रावधानों से अलग होते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय नियमों को वरीयता दी जाएगी, लेकिन अंतिम निर्णय राष्ट्रीय खेल बोर्ड से परामर्श के बाद केंद्र सरकार ही लेगी।
विधेयक में स्पष्ट किया गया है, केंद्र सरकार, आवश्यकतानुसार बोर्ड और संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल संस्था से परामर्श के बाद, इस विषय में स्पष्टता देने के लिए अधिसूचना जारी कर सकती है।
राजीव शुक्ला ने क्या कहा?
वहीं इस विधेयक पर कांग्रेस सांसद और BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, 'विधेयक का अध्ययन करेंगे। इसके बाद हम सरकार से चर्चा करेंगे कि हमें क्या संशोधन चाहिए और क्या नहीं।'
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