Rajasthan Border: 4 जिलों में 1070 KM लंबी सीमा सील, जयपुर से 5 उड़ानें रद्द, अंतिम रेलवे स्टेशन पर क्या हाल?
Rajasthan Border: भारत-पाकिस्तान के बीच एक फिर से युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। भारत किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राजस्थान में रणबांकुरों ने मोर्चा संभाल लिया है। भारत-पाक सीमा राजस्थान के चार जिलों से होकर गुजरती है। राजस्थान में 1070 किलोमीटर के इंटरनेशनल बॉर्डर को सील कर दिया गया है।
राजस्थान में चार सरहदी जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर व बीकानेर में स्कूलों की अवकाश घोषित कर दिया गया है। वहीं, राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डीजीपी को पुलिसकर्मियों की छुट्टियां निरस्त करने कहा है। सीमावर्ती इलाकों के अस्पतालों में बेड रिजर्व रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

जयपुर से 4 घरेलू व एक इंटरनेशनल उड़ान रद्द
ऑपरेशन सिंदूर का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। देश के 14 एयरपोर्ट से उड़ानें 10 मई तक रोकी गई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर से चार घरेलू और एक इंटरनेशनल उड़ान रद्द की गई है। जयपुर से चंडीगढ़ व हिंडन एयरपोर्ट की चार फ्लाइट प्रभावित रहेंगी। इनके अलावा ओमान एयर की सुबह सवा छह बजे मस्कट की फ्लाइट ओवी-796 बुधवार को रद्द रही।

जोधपुर-जैसलमेर व किशनगढ़ एयरपोर्ट बंद
ऑपरेशन सिंदूर के बाद देशभर में 300 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। 25 एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं। इनमें राजस्थान के जोधपुर और जैसलमेर का एयरपोर्ट शामिल हैं। भारत-पाक सीमा से लगते जैसलमेर व जैसलमेर में भारतीय वायुसेना की पूर्व अनुमति से कोई विमान उड़ान नहीं भर सकेगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना ने उड़ानों को लेकर NOTAM (Notice to Airmen - पायलटों को जारी विशेष सूचना) जारी की है। किशनगढ़ एयरपोर्ट से भी 10 मई तक सभी फ्लाइट्स ऑपरेशन बंद किए गए हैं।
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राजस्थान बॉर्डर पर चौकसी बढ़ी: जानिए किस जिले में कितना खतरा और क्यों?
भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच राजस्थान में 1070 किलोमीटर लंबा अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पूरी तरह सील कर दिया गया है। सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट घोषित है। सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ा दी गई है। हर जिले की भौगोलिक स्थिति और रणनीतिक महत्व के आधार पर खतरे का स्तर अलग-अलग है। आइए जानते हैं किन जिलों में कितनी संवेदनशीलता है।

Shri Ganganagar Rajasthan Border : सिंचाई के बीच घुसपैठ का खतरा
राजस्थान के उत्तर में स्थित श्रीगंगानगर जिले की 210 किमी लंबी सीमा पाकिस्तान से लगती है, जिसमें नया बना अनूपगढ़ जिला भी शामिल है। यह इलाका हरे-भरे खेतों और सिंचाई के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी यही भौगोलिक बनावट घुसपैठियों के लिए आसान रास्ता भी बन जाती है। बीएसएफ को यहां बार-बार घुसपैठ की कोशिशों से निपटना पड़ता है।
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Barmer Rajasthan Border: तेल भंडार और सुरक्षा की दोहरी चुनौती
बाड़मेर जिले की 228 किमी सीमा पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सटी हुई है। यह अब राजस्थान का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र भी बन चुका है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है। यहां घुसपैठ की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। सुरक्षा बलों की चौकसी और पेट्रोलिंग को लगातार बढ़ाया जा रहा है। राजस्थान का आखिरी रेलवे मुनाबाव बाड़मेर में स्थित है। इन दिनों मुनाबाव रेलवे स्टेशन पर भी सन्नाटा पसरा पड़ा है। मुनाबाव स्टेशन से पहले थार एक्सप्रेस पाकिस्तान के खोखरापार तक जाती थी, जो पुलवामा हमले के बाद स्थायी रूप से बंद कर दी गई।

Jailsalmer Rajasthan Border: रेत के बीच छिपे खतरे
राजस्थान में सबसे लंबी 464 किमी की अंतरराष्ट्रीय सीमा जैसलमेर जिले में है। यह रेगिस्तानी इलाका रेत के चलते बेहद संवेदनशील है, क्योंकि यहां टीले अRajasthan Border पनी जगह बदलते रहते हैं, जिससे निगरानी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। जैसलमेर की भौगोलिक बनावट के चलते यहां टैंक युद्ध और वायुसेना की कार्रवाई की सबसे ज्यादा संभावना रहती है।
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Bikaner Rajasthan Border: पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों के सबसे करीब
बीकानेर जिले की 168 किमी सीमा पाकिस्तान से लगी हुई है और यह बहावलपुर जैसे सैन्य ठिकानों के नजदीक आता है। जिले में बीएसएफ की चौकियां, रडार और वॉच टावर पहले से तैनात हैं, लेकिन मौजूदा हालात में इनकी संख्या और सक्रियता और बढ़ा दी गई है। नाल एयरपोर्ट पर यात्रियों को अलर्ट रहने और अगले आदेश तक इंतजार की सलाह दी गई है।

Pahalgam Attack to Operation Sindoor: पहलगाम हमले का ऑपरेशन सिंदूर से बदला
बता दें कि पाकिस्तानी आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों पर गोलियां चलाई। धर्म पूछ-पूछकर मारा। 26 लोगों की जान गई। पहलगाम आतंकी हमले के 14 दिन बाद 6-7 मई 2025 की रात डेढ़ बजे भारतीय सेनाओं की संयुक्त जवाबी कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर 9 आतंकियों के ठिकाने तबाह कर दिए। ये ठिकाने पाकिस्तान व पीओके में स्थित थे।
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