Bihar News: डिजिटल क्रांति से सशक्त होगा बिहार का किसान, ‘बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा’ बदलेंगे खेती की तस्वीर
बिहार, बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा के रूप में युवाओं को बहुभाषी पहुंच का विस्तार करने और किसान जुड़ाव और सेवा अपनाने को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित करके, बिहार कृषि ऐप के माध्यम से खेती को डिजिटल रूप से सशक्त बना रहा है।
बिहार में कृषि क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के कृषि मंत्री Vijay Kumar Sinha ने ‘बिहार कृषि ऐप’ की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ा जाएगा और "बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा" इस बदलाव के प्रमुख वाहक बनेंगे।

कृषि भवन, पटना में आयोजित बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि साक्षरता को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को "बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा" के रूप में पहचान दी जाएगी, जो अन्य किसानों को ऐप के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं और कर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए ‘बिहार कृषि ऐप’ अब हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ मगही, भोजपुरी, अंगिका और बज्जिका भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, अधिकतम किसान पंजीकरण सुनिश्चित करने वाले शीर्ष 5 जिलों, 5 प्रखंडों और 5 पंचायतों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्यभर के कृषि कार्यालयों में होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगाए जाएंगे। बामेती के प्रशिक्षण सत्रों में भी किसानों को ऐप की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा ऐप में ग्रीष्मकालीन, वासंतिक (रबी) और शारदीय (खरीफ) फसलों से जुड़ी जानकारी को शामिल किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि 19 मई 2025 को शुरू किए गए इस ऐप पर अब तक लगभग 11.50 लाख किसान पंजीकृत हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक 80 लाख किसानों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने का है।
‘बिहार कृषि ऐप’ के माध्यम से किसानों को उर्वरक की उपलब्धता की रियल-टाइम जानकारी, सरकारी योजनाओं के लिए एकल विंडो इंटरफेस, बाजार मूल्य, मौसम चेतावनी, पौधा संरक्षण सलाह, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एआई आधारित चैटबॉट और बिहार कृषि रेडियो जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। बैठक के अंत में मंत्री ने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाकर हर किसान को डिजिटल क्रांति से जोड़ा जाए। बैठक में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।












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