ATF Price Cut: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा ऐलान, जेट फ्यूल पर VAT सिर्फ 7%, मुंबई-पुणे से उड़ना होगा कितना सस्ता?
Maharashtra ATF VAT Cut: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने विमानन क्षेत्र को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर (VAT) को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला शुक्रवार से लागू हो गया है और इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत कम होने के साथ-साथ यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाला है। खासतौर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' लंबे समय तक बंद रहने के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसका सीधा असर विमानन ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।

महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा एविएशन हब
नायडू ने बताया कि महाराष्ट्र में वर्तमान में 16 संचालित हवाई अड्डे हैं और यह देश में सबसे अधिक वार्षिक हवाई यातायात वाला राज्य है। राज्य में हर साल लगभग 7.5 करोड़ यात्री हवाई यात्रा करते हैं, जबकि प्रतिदिन करीब 2 लाख यात्री एयर ट्रैवल का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि VAT में कमी से राज्य के सभी हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन को मजबूती मिलेगी और बड़ी संख्या में यात्रियों को लाभ पहुंचेगा।
यात्रियों को क्या मिलेगा लाभ?
दरअसल, किसी भी एयरलाइन की कुल परिचालन लागत में ईंधन का हिस्सा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक होता है। ऐसे में ATF सस्ता होने से एयरलाइंस की लागत घटेगी, जिससे टिकट किराए में बड़ी बढ़ोतरी पर रोक लगाई जा सकेगी। खासकर त्योहारों, छुट्टियों और पीक सीजन के दौरान यात्रियों को महंगे टिकटों से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही एयरलाइंस ज्यादा उड़ानें शुरू करने और नए रूट्स पर सेवाएं बढ़ाने पर भी विचार कर सकती हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
क्या सस्ते हो जाएंगे एयर टिकट?
इस फैसले का फायदा छोटे शहरों के यात्रियों को भी मिल सकता है। लागत कम होने पर एयरलाइंस टियर-2 और टियर-3 शहरों के एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का विस्तार कर सकती हैं, जिससे हवाई यात्रा अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनेगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि टिकट तुरंत बहुत सस्ते नहीं होंगे, लेकिन किरायों में संभावित भारी बढ़ोतरी को रोकने में यह फैसला महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ATF की बढ़ती कीमतों से एयरलाइंस पर दबाव
भारतीय विमानन उद्योग पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया संकट के कारण कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। हवाई क्षेत्र बंद होने, उड़ानों में अनिश्चितता और ATF की कीमतों में भारी वृद्धि ने एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति पर असर डाला है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एयरलाइन की कुल परिचालन लागत में ATF की हिस्सेदारी लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे टिकट किराए और कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित करती है।
केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र सरकार का जताया आभार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis को इस "समय पर किए गए हस्तक्षेप" के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम ऐसे समय में बेहद महत्वपूर्ण है, जब वैश्विक संकट के कारण एयरलाइंस की लागत लगातार बढ़ रही है और हवाई किराए पर दबाव बना हुआ है।
केंद्र सरकार भी कर रही मदद
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार भी विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए कई कदम उठा रही है। केंद्रीय मंत्री नायडू के मुताबिक, सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों को नियंत्रित रखने, हवाई अड्डा शुल्क कम करने और आपातकालीन क्रेडिट लिंकेज योजना के जरिए वित्तीय सहायता देने जैसे उपाय किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। यदि दूसरे राज्य भी ATF पर टैक्स में कटौती करते हैं, तो इससे देशभर में हवाई यात्रा सस्ती होने और विमानन उद्योग को स्थिरता मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।












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