Rajasthan: भजनलाल सरकार की बड़ी कार्रवाई, पकड़ी गई 1580 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी
Rajasthan News: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने 1580 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पर कड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार मुक्त और नशा मुक्त बनाने की कड़ी में की गई इस कार्यवाही में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति को लागू करने और राज्य के भीतर नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म करने सरकार के अभियान के तहत की गई है।
राज्य की एसजीएसटी प्रवर्तन शाखा ने कोटा और नागौर में नौ स्थानों पर 120 घंटे की छापेमारी की, जिसमें बिना उचित बिल और ई-वे बिल के पान मसाला और जर्दा की आपूर्ति से जुड़ी एक बड़ी कर चोरी का खुलासा हुआ। इस ऑपरेशन को 30 अधिकारियों ने मिलकर अंजाम दिया। जिसमें संगठित अपराध नेटवर्क के संचालन और तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य सहित विभिन्न राज्यों तक नेटवर्क फैले होने की बात सामने आई है।

सिंथेटिक कत्था की लगभग 600 बोरियां बरामद की
छापेमारी के दौरान, अधिकारियों को सिंथेटिक कत्था की लगभग 600 बोरियां मिलीं, जो एक कैंसरकारी पदार्थ है। इसके अतिरिक्त, भारी मात्रा में कच्चा माल, पान मसाला, तंबाकू का अर्क, सुगंध और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई, साथ ही माल से लदे चार ट्रक भी जब्त किए गए।
जीएसटी चोरी के दो मास्टरमाइंट को किया गया अरेस्ट
इस संगठित जीएसटी चोरी योजना के पीछे मास्टरमाइंड कमल नागोरी उर्फ कमल किशोर अग्रवाल और बागपत, गाजियाबाद के गौरव ढाका को गिरफ्तार किया गया है। दोनों व्यक्तियों को 28 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कमल नागोरी, जो पहले अगस्त 2020 में जेल जा चुका है, पिछले एक दशक से इस नेटवर्क का संचालक है।
कोटा के औद्योगिक क्षेत्र में तीन प्रमुख फैक्ट्रियां पान मसाला और ज़र्दा बनाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही थीं, जिसमें हर फैक्ट्री में 50 बाउंसर की तैनात किए गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। विभागीय टीमों ने जब्त माल और अघोषित गोदामों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि कर चोरी का आंकड़ा 1500 करोड़ से अधिक हो सकता है, इस नेटवर्क से जुड़ी कई फर्मों का राजस्थान में सक्रिय पंजीकरण है। राजस्थान में सूरतगढ़ एयरबेस पर पाकिस्तान ने नहीं किया हमला, कर्नल सोफिया कुरैशी ने खोली पाक की पोल
फैक्ट्रियों की यूनिट को बंद दिया गया है
मुख्य आयुक्त कुमार पाल गौतम ने बताया कि इन इकाइयों के परिसरों को सील कर दिया गया है, और वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया जा रहा है। इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए मुख्य सचिव (वित्त-राजस्व) कुमार पाल गौतम के मार्गदर्शन में प्रवर्तन, क्षेत्रीय, तकनीकी और स्थानीय अधिकारियों सहित नौ टीमों का गठन किया गया। विशेष आयुक्त जयदेव सीएस, अतिरिक्त आयुक्त बाबूसिंह और विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Rajasthan Border: राजस्थान में 3 डीएम ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी, तुर्किये से मार्बल आयात बंद












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